
Zelenskyy warns Indians against joining war by Russia | Ankit Agrawal Study IQ
- Length
- 12 min
- Language
- Hindi
- Text from
- the video's captions
- Transcribed
- 28 September 2026
Summary
यह रिकॉर्डिंग यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलस्की द्वारा UNGA के 81वें सेशन के दौरान दिए गए बयानों को कवर करती है, जिनमें उन्होंने कहा कि रशिया अपनी अर्थव्यवस्था भारत जैसे देशों की ऑयल खरीद पर टिकाए हुए है। वीडियो भारत के रूस से ऑयल इंपोर्ट के आंकड़े, रूस और भारत के जवाब, अमेरिका के 100% टैरिफ बिल और रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती के मुद्दे की जानकारी देता है। अंत में बताया जाता है कि भारत दोनों पक्षों के साथ संतुलन बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण समाधान की बात करता है।
Key points
- जेलस्की ने कहा कि रशिया अपनी अर्थव्यवस्था भारत पर आधारित कर रहा है और अगर भारत, चीन, टर्की जैसे देश रूस से ऑयल खरीदना बंद कर दें तो यूक्रेन वॉर रुक सकता है।
- 2022 में युद्ध शुरू होने से पहले भारत रूस से लगभग 1% भी ऑयल नहीं खरीदता था, लेकिन अब 35% से ज्यादा ऑयल रूस से आता है।
- रूस के राजदूत का तर्क है कि भारत की खरीद उसकी ऊर्जा जरूरतों से प्रेरित है, रूस का समर्थन करने के इरादे से नहीं।
- अमेरिका ने बिल पास कर ट्रंप को वह शक्ति दी है कि वे रूस से ऑयल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगा सकते हैं।
- एस जयशंकर का तर्क है कि युद्ध ऑयल खरीद बंद करने से नहीं, बल्कि नेगोशिएशंस और डिप्लोमेसी से खत्म होते हैं।
- जेलस्की ने कहा कि रूस लगभग 47 देशों से लोगों को बहला-फुसलाकर युद्ध में धकेल रहा है।
- विदेश सचिव विक्रम मिश्री के अनुसार 227 भारतीयों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था, जिनमें से 139 डिस्चार्ज हो चुके हैं और 51 मारे जा चुके हैं।
- भारत रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संबंध बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण समाधान की बात करता है।
Questions it answers
00:00जेलस्की का बयान
जेलस्की ने भारत के बारे में क्या कहा?
UNGA के 81वें सेशन के दौरान जेलस्की ने कहा कि रशिया अपनी अर्थव्यवस्था भारत पर आधारित कर रहा है और अगर भारत रूस से ऑयल खरीदना बंद कर दे तो यूक्रेन वॉर रुक सकता है।
- जेलस्की का तर्क है कि रूस की युद्ध क्षमता एनर्जी रेवेन्यू से जुड़ी है।
- भारत, चाइना और टर्की को रूस से ऑयल खरीद बंद करने का आह्वान।
01:24भारत की ऑयल खरीद का बैकग्राउंड
भारत रूस से इतना ऑयल क्यों खरीदने लगा?
2022 में युद्ध शुरू होने और सैंक्शन लगने के बाद रूस ने डिस्काउंट दिया, जिससे भारत के लिए सस्ता ऑयल खरीदने का अवसर बना और रूस 35% से ज्यादा ऑयल का मेजर सप्लायर बन गया।
- पहले भारत रूस से हार्डली 1% ऑयल खरीदता था।
- अगस्त में इंपोर्ट 16.5% गिरकर 2.1 मिलियन बैरल्स पर डे रहा; सितंबर में 1.9 मिलियन।
03:40रूस का बचाव
रूस ने भारत के ऑयल इंपोर्ट का क्या बचाव किया?
रूसी राजदूत ने कहा कि भारत की खरीद उसकी ऊर्जा जरूरतों और नेशनल डेवलपमेंट से प्रेरित है, रूस का समर्थन करने के इरादे से नहीं।
- भारत रूस, इराक, सऊदी अरब और यूएई से ऑयल लेकर सोर्सेस डायवर्सिफाई कर रहा है।
- मिडिल ईस्ट पर अकेले निर्भरता जोखिम भरी होती।
06:40अमेरिकी टैरिफ दबाव
अमेरिका ने भारत पर कैसा दबाव बनाया है?
अमेरिका ने बिल पास किया है जिस पर ट्रंप ने साइन कर दिया, जिससे वे रूस से ऑयल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगा सकते हैं।
- भारत यूक्रेन, रूस और अमेरिका के दबावों के बीच संतुलन बनाने की स्थिति में है।
07:24भारत का जवाब
भारत ने जेलस्की के तर्क का क्या जवाब दिया?
एस जयशंकर ने कहा कि युद्ध नेगोशिएशंस और डिप्लोमेसी से खत्म होते हैं, ऑयल खरीद बंद करने से नहीं; ऐसा करने से ऑयल प्राइस और इनफ्लेशन बढ़ेगा।
- रूस का ऑयल मार्केट से गायब होना वैश्विक संकट ला सकता है।
- भारत जहां सस्ता मिले वहीं से खरीद की नीति अपनाता है।
08:47रूसी सेना में भारतीय
जेलस्की ने भारतीयों को क्या चेतावनी दी?
जेलस्की ने कहा कि रूस 47 देशों से लोगों को बहला-फुसलाकर युद्ध में धकेल रहा है; भारत सरकार ने स्वीकार किया कि 227 भारतीयों की भर्ती हुई, जिनमें 51 मारे जा चुके हैं।
- भारतीयों को सिविलियन नौकरी, हाई सैलरीज और बोनसेस के बहाने भर्ती कराया जाता है।
- 139 भारतीयों को डिस्चार्ज किया जा चुका है।
10:57भारत की डिप्लोमेटिक स्थिति
भारत इस संघर्ष में क्या रुख रखता है?
भारत रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संबंध बनाए रखता है और शांतिपूर्ण समाधान की बात करता है; जयशंकर ने कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है।
- युद्ध खत्म होने से ओवरऑल ग्लोबल इकोनॉमी को फायदा होगा।
Notes
जेलस्की का बयान
- UNGA के 81वें सेशन के दौरान जेलस्की ने कहा कि "रशिया इज बेसिंग इट्स इकॉनमी ऑन इंडिया"।
- उनका तर्क: भारत, चाइना, टर्की जैसे देश रूस से ऑयल खरीदना बंद कर दें तो रूस के लिए युद्ध जारी रखना मुश्किल हो जाएगा।
भारत-रूस ऑयल ट्रेड के आंकड़े
- 2022 से पहले भारत रूस से हार्डली 1% ऑयल खरीदता था; अब 35% से ज्यादा ऑयल रूस से आता है।
- सैंक्शन के बाद रूस ने डिस्काउंट दिया, जिससे भारत के लिए सस्ता ऑयल खरीदने का अवसर बना।
- अगस्त में रूस से क्रूड ऑयल इंपोर्ट में 16.5% गिरावट आई (लगभग 2.1 मिलियन बैरल्स पर डे), सितंबर में 1.9 मिलियन बैरल्स पर डे।
- भारत रूस (35-40%), इराक (20%), सऊदी अरब (15%), यूएई (10%) से ऑयल लेकर सोर्सेस डायवर्सिफाई कर रहा है।
रूस और भारत के जवाब
- रूसी राजदूत: भारत की खरीद "ड्रिवन बाय इट्स ओन नेशनल डेवलपमेंट एंड एनर्जी रिक्वायरमेंट" है।
- एस जयशंकर: युद्ध नेगोशिएशंस और डिप्लोमेसी से खत्म होते हैं; ऑयल खरीद बंद करने से नहीं।
- भारत का तर्क: रूस से ऑयल न लेने पर डिमांड बढ़ेगी और दुनियाभर में ऑयल प्राइस व इनफ्लेशन बढ़ेगा।
अमेरिकी दबाव
- अमेरिका ने बिल पास किया है जिससे ट्रंप रूस से ऑयल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगा सकते हैं।
रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती
- जेलस्की: रूस 47 देशों (भारत, नेपाल, घाना, ताजाकिस्तान, यमन, केन्या) से लोगों को बहला-फुसलाकर युद्ध में धकेलता है।
- विदेश सचिव विक्रम मिश्री: 227 भारतीय भर्ती हुए, 139 डिस्चार्ज, 51 मारे जा चुके हैं।
- भारतीयों को सिविलियन एंप्लॉयमेंट, हाई सैलरीज और बोनसेस के बहाने भर्ती कराया जाता है।
भारत की डिप्लोमेटिक स्थिति
- भारत रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संबंध बनाए रखता है और शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता है।
Text from the video's own captions. Summary and notes written by AI from the transcript, so check anything important against the recording.
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