# WATCH VIDEO! India’s brave Captain Smit Machchhar gets emotional talking to PM Modi on phone

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## Summary

यह रिकॉर्डिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित मच्छर के बीच फोन पर हुई भावुक बातचीत है। कैप्टन स्मित ने विमान दुर्घटना के समय अपनी जान की परवाह न करते हुए यात्रियों की जान बचाने का कार्य किया। पीएम मोदी ने उनकी हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ की प्रशंसा करते हुए पूरे देश की ओर से शुभकामनाएं दीं।

## Key points

- पीएम मोदी ने कहा कि पूरा देश कैप्टन स्मित के लिए प्रार्थना कर रहा है और महामृत्युंजय का जाप चल रहा है।
- कैप्टन स्मित ने बताया कि वे 17 साल से जहाज उड़ा रहे हैं और पिछले 11 साल से कैप्टन हैं।
- दुर्घटना के समय वे गिर चुके थे और अपनी जान के लिए लड़ रहे थे, फिर भी उन्होंने दरवाजा खोलकर सभी यात्रियों की जान बचाई।
- दर्द के समय वे हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और दुर्घटना के समय भी वही पढ़ रहे थे।
- पीएम मोदी ने गीता बहन, भूपेंद्र भाई और सोनल बहन से भी बात की और परिवार की संस्कारों की प्रशंसा की।
- कैप्टन स्मित ने सऊदी सरकार और यूएई सरकार का चिकित्सा देखभाल के लिए आभार व्यक्त किया।
- पीएम मोदी ने गांधी जयंती पर कहा कि अहिंसा क्या है, कैप्टन स्मित ने जीकर दिखाया है।
- बातचीत का अंत गुजराती में 'जय श्री कृष्णा' कहकर हुआ।

## Notes

### पीएम मोदी का आह्वान
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर को फोन करके उनका हाल पूछा और कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है।
- मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित की हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ ने सेकंड के अंश में निर्णय लेकर इतने लोगों की जान बचाई।
- उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं।

### दुर्घटना का वर्णन
- कैप्टन स्मित ने बताया कि वे 17 साल से जहाज उड़ा रहे हैं और 11 साल से कैप्टन हैं।
- दुर्घटना के समय वे गिर चुके थे और अपनी जान के लिए लड़ रहे थे, लेकिन उन्हें पता था कि वे बाकी लोगों को नहीं मरने दे सकते।
- उन्होंने दरवाजा खोला और सभी यात्रियों की जान बचाई।

### हनुमान चालीसा और भावुकता
- दर्द के समय वे हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और दुर्घटना के समय भी वही पढ़ रहे थे।
- पीएम मोदी के कॉल पर वे भावुक हो गए और कहा कि अब उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।
- मोदी ने कहा कि उनके सामने ही भावुक होंगे तो कहां होंगे।

### परिवार और संस्कृति
- मोदी ने गीता बहन से कहा कि उन्होंने कृष्ण की गीता को पूरी तरह पचाकर स्मित को संस्कार दिए।
- कैप्टन स्मित ने बताया कि वे रोज सुबह अपने दो साल के बेटे को गोद में बैठाकर हनुमान चालीसा सुनाते हैं।
- उन्होंने कहा कि देश से दूर हैं लेकिन संस्कृति से दूर नहीं होना चाहिए।

### रिकवरी और आभार
- कैप्टन स्मित ने कहा कि वे अपनी रिकवरी को एक जर्नी मानकर धीरे-धीरे पूरी तरह स्वस्थ होंगे।
- उन्होंने सऊदी सरकार और यूएई सरकार का चिकित्सा देखभाल के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
- मोदी ने गांधी जयंती पर कहा कि अहिंसा क्या है, कैप्टन स्मित ने जीकर दिखाया है।

## Transcript

[00:00] स्मित नमस्ते नमस्ते सर कैसे हो अभी तबीयत कैसी है सर सब ठीक है सर सब ठीक है देखिए पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है महामृत्युंजय का जाप सब दूर चल रहे हैं आपकी हिम्मत ने आपके धैर्य ने और आपकी सूझबूझ ने यानी फ्रिक्शन ऑफ़ सेकंड में इतने निर्णय कर लिए आपने और इतने लोगों की जान बचाई। और आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं है। जान बचाने वाले लोग हैं। पर आपने अपने शरीर पे इतना बड़ा घाव हुआ। आप स्वयं जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे। उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की। सभी यात्रियों के जीवन की परवाह की और सबसे बड़ी बात 140 करोड़ देशवासियों का आपने मान बढ़ाया और इसलिए मैं हृदय से हृदय से गर्व अनुभव करता हूं। कल मुझे भूपेंद्र भाई से बात करने का मौका मिला। गीता बहन से बात की, सोनल बहन से बात की,

[01:32] जावा और बॉबी से तो नहीं कर पाया। लेकिन मैंने गीता बहन को कहा था कि आपका नाम गीता है लेकिन आपने कृष्ण की गीता को पूरी तरह पचा दिया और आपने स्मित को उस साक्षात गीता के संस्कारों से उसका जीवन बनाया। बिल्कुल सर स्मित अब मैं आपसे सुनना चाहूंगा। सर मेरे लिए मैं मैं सर से भी बोल रहा था आप मेरे सबसे बड़े सबसे बड़े और आप मेरे को ऐसे कॉल करके मेरी अजाई कर रहे हैं। मुझे बहुत बहुत गर्व फील हो रहा है। मैं उस मोमेंट में सर मैं हां मैं अपनी मैं अपनी लाइफ के लिए लड़ रहा था। बट एक ऐसा मोमेंट था जब मेरे को रियलाइज हुआ कि अगर मैंने कुछ नहीं किया क्योंकि मैं गिर चुका था। मेरे को इतने गांव लग चुके थे कि मैं गिर चुका था नीचे एंड उस टाइम पे मैं बोला अगर मैं नहीं उठूंगा मैं एज़ अ में 17 साल से जहाज उड़ा रहा हूं। मैं पिछले 11 साल से कैप्टन हूं। और मुझे

[02:48] पता चलता है आंख बंद करके भी कि चार्ज में क्या हो रहा है। जब मैं नीचे गिरा हुआ था तब मुझे तब मुझे एहसास हो रहा था कि एयरक्राफ्ट नीचे जा रहा है। और मुझे बिल्कुल पता था कि ये एक लाज पुश अगर स्मिथ कर दे दरवाजा बस वही है। और तभी भी मैं माल खा ही रहा था। बस वो खोल लिया सर। बाकी सब आ गए और बाकी सबकी भी उतनी उतनी उसमें उसमें रोल था। बट जान के मैं सबको बोल रहा था कि मैं अपनी जान के हिसाब से कर रहा था। बट एट द सेम टाइम मुझे इतना भी पता था कि मैं उन सबको नहीं मारने दे सकता। बस उसके बाद मेरे को लोगों ने यहां पे भी सऊदी में भी यहां पे भी तो पढ़ के इससे अच्छी केयर और इससे अच्छा मेडिकल अटेंशन नहीं मिल सकता था। एंड मैं सर आई एम जस्ट मैं एक सिर्फ पॉजिटिविटी में मैं जभी भी मेरे को दर्द होता है। मुझे एक ही चीज आती है। मैं

[03:59] सिर्फ हनुमान चालीसा बोलता हूं। उस टाइम पे भी मैं सिर्फ हनुमान चालीसा ही बोल रहा था। अब मुझे पता है कि वो भगवान ने मेरे को बचाए। बस आपका एक कॉल आ गया। मेरे को बहुत बहुत गर्व होता है। अब भी मेरे को हो रहा है मेरे पे गर्व अब तक नहीं हो रहा था। अब हो गया सर। सॉरी मैं आपके सामने रो रहा हूं सर। स्मित अगर मेरे सामने आप भावुक नहीं होंगे तो कहां होंगे?

[04:35] ये मैंने कभी नहीं सोचा कभी मेरी आपसे बात होगी। कभी नहीं सोचा। आपने इतना बड़ा काम किया है भाई कि हर देशवासी आज दुनिया के लोग भी आपको देखने आपसे बात करने के लिए बहुत ही आतुर है और यह बात आपने जो बताई है हनुमान चालीसा की इसके लिए तो मैं गीता बहन को प्रणाम करूंगा कि आपको ऐसे संस्कार दिए भूपेंद्र भाई को प्रणाम करूंगा कोना और मैं मैं आपको बताऊं उसमें कम तब मेरी जब सोलन बहन से बात हुई तो मैं सरप्राइज था। इतनी स्वस्थता से वो बात कर रही थी। इतनी हिम्मत से बात कर रही थी। सचमुच में मैंने कल्पना नहीं की थी कि सोनल बहन ऐसी परिस्थिति में इतनी स्वस्थता से बात कर सकती है। तो मैं समझता हूं कि आपने एक परिवार के नाते आपने सचमुच में पूरे देश का नाम रोशन किया है। सर मैं रोज सुबह जब पूजा करता हूं। मेरा दो साल का बेटा मेरी गोद में बैठ के मेरे

[05:43] साथ हनुमान चालीसा मैं उसको सुनाता हूं कि जो मुझे बोला गया है क्योंकि आज हम लोग देश से दूर है। बट हमारी संस्कृति से दूर नहीं होना चाहिए। सही बात है और अभी तो यहां पर तो वो भी नहीं लगता कि हम देश से बोल ये यहां पे लोग बहुत बहुत प्यार से और बहुत ध्यान से हमें रख आपको पता नहीं होगा लोग सावरकुंडला में भी वन में भी सब दूर एक ऐसे भावुक वातावरण बना दिया है और पूरे हिंदुस्तान में तो है ही नहीं है कल सभी मंदिरों में पूजा प्रार्थना आरती हुई सभी तीर्थ क्षेत्रों में आरती हुई और सब आपके दीर्घायु के लिए और उत्तम स्वास्थ्य के लिए सब प्रार्थना कर रहे हैं। इसलिए आप तो जल्दी से स्वस्थ होने ही वाले हैं। भारत आपका स्वागत करने के लिए बहुत उत्सुक है। अब शरीर में कोई तकलीफ जो भी हो मैं समझ सकता हूं। आप वीर पुरुष हैं। तो आपने गांवों को तो झेलना

[06:46] शायद आपके लिए बहुत आसान कर लिया है आपने। नहीं सर मैं मैं उस गांव को गांव की तरह नहीं सोच रहा हूं बिकॉज़ वो मेरे को और भी फिर उतना मुश्किल होगा मेरा रिकवरी मैं उसको एक जर्नी की तरह सोच रहा हूं जो स्लोली स्लोली होने वाला है एंड वो टाइम लेके होगा बट मैं बहुत बहुत कॉन्फिडेंट हूं कि ये रिकवरी होगा एकदम ही स्वस्थ हो जाऊंगा मैं सऊदी सरकार का भी और यूएई सरकार का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूं तो उन्होंने आपकी बहुत की मैं उनका भी आभारी हूं। स्मित आपको जब भी जरूरत लगे मैं एक फोन कॉल अवे हूं लेकिन आप आपने सचमुच में वरना ये कल मैं देख रहा था लोगों ने सोशल मीडिया में जो अपनी भावनाएं व्यक्त की और लोगों ने कहा अगर ऐसा ना होता तो पता नहीं हिंदुस्तान पर क्या-क्या बीतती। भारत के सभी पायलटों पर क्या बीतती भारत के सभी

[07:49] पायलटों को किस प्रकार से देखा जाता है। आपने इन सबको बचा लिया है। यानी बहुत बड़ा काम आपने किया है। जब मिलूंगा तब अंदर की बातें तो बाद में सुनूंगा मैं क्योंकि मैं नहीं चाहता हूं कि मोबाइल पर ऐसी बातें करूं मैं आपसे और आप भी पूरी तरह स्वस्थ हो जाइए और आप बिल्कुल पूरा देश आपके साथ है। मैं ज्यादा आपको परेशान करना नहीं चाहता हूं। मेरी तरफ से बहुत शुभकामना है। आज गांधी जयंती है। अहिंसा क्या होती है वो आपने जी करके दिखाया है। थैंक यू सर। चलिए जय श्री कृष्ण। पहले थ गुजराती में बात करे ज जय श्री कृष्णा। बॉबी जेवा गुजराती बोले कि नहीं बोलता? बोले गुजराती बोले गुजराती इंग्लिश अच्छा तो बालको थ बालको ने डॉक्टर अलऊ करा मवा माटे मारी मोटी दिकरी आई थी जो नहीं डरी गई अच्छा अच्छा तो थोड़ी बहुत क्लोज नाना सर वर्ष

[09:07] नहीं हम तो साथ जोइए पर सोनल बहन खूब हिम्मत यस सर काली स्वच्छता से हमारी जो बात करी नहीं तो मैं तो अनुभव कर के अभी परिस्थिति में कोई बात फरियाद जो नामो निशान ने भूपेंद्र भाई गीता जो मुंबई एयरपोर्ट पर बात करी मैं तो फरियाद एक नामो निशान नहीं बस एक बात भगवान स कर बस बस एकदम सर चलो जय श्री कृष्णा खूब जल्दी सा अपने मिल गड ब्लेस यू जय जय हिंद
