WEBVTT

00:00:11.790 --> 00:00:13.810
[संगीत]

00:00:27.510 --> 00:00:29.530
[संगीत]

00:00:32.750 --> 00:00:34.770
[संगीत]

00:00:42.580 --> 00:00:44.557
[संगीत]

00:00:44.640 --> 00:00:48.477
हमारे दर्शक ज्यादातर वो लोग हैं जो भारत

00:00:48.560 --> 00:00:52.957
में एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं और
इसीलिए हम सबको आपसे बहुत कुछ सीखना है

00:00:53.040 --> 00:00:54.717
क्योंकि आपने इसे बहुत अलग-अलग कार्यक्षे

00:00:54.800 --> 00:00:57.677
क्षेत्रों में कई बार किया है। हां तो आज

00:00:57.760 --> 00:01:01.037
हम उनसे बात करेंगे और मैं अपने सभी सवाल

00:01:01.120 --> 00:01:03.277
उस दिशा में केंद्रित करूंगा ताकि वो इस

00:01:03.360 --> 00:01:05.837
बातचीत का फायदा उठा सकें और शायद शुरुआत

00:01:05.920 --> 00:01:11.000
करें जोखिम उठाए और कुछ निर्माण करें।

00:01:25.150 --> 00:01:28.397
[हंसी] क्या आप कॉफी पीना चाहेंगे?

00:01:28.480 --> 00:01:32.717
हां जरूर क्यों नहीं ओके क्या
हम ज्यादा देर बात करेंगे? [हंसी]

00:01:32.800 --> 00:01:37.997
उम्मीद है कि हम करेंगे। ठीक
है। ठीक है। बिल्कुल। मेघना

00:01:38.080 --> 00:01:39.437
क्या मुझे एक कॉफी मिल सकती है?

00:01:39.520 --> 00:01:41.117
क्या हमें एक और कॉफी मिल सकती है?

00:01:41.200 --> 00:01:45.597
कौन सी कॉफी लेंगे?
अ कैपचीनो ठीक है। ठीक है।

00:01:45.680 --> 00:01:47.437
क्या आपको कॉफी पसंद है ये लॉन?

00:01:47.520 --> 00:01:53.037
हां मैं आमतौर पर सुबह एक बार ही कॉफी पीता
हूं। अच्छा [हंसी] यानी दिन में एक बार?

00:01:53.120 --> 00:01:57.080
हां ज्यादातर। ओके।

00:01:58.640 --> 00:02:01.597
कॉफी का इंतजार करना है? नहीं, हम शुरू हम

00:02:01.680 --> 00:02:07.130
शुरू कर सकते हैं। [हंसी]

00:02:07.520 --> 00:02:10.557
तो सबसे पहले मैं कहना चाहूंगा कि जितना

00:02:10.640 --> 00:02:15.197
मैंने सोचा था आप कहीं ज्यादा
बड़े भारी भरकम और बलवान हैं।

00:02:15.280 --> 00:02:19.197
बस करो अब मुझे बहुत शर्म आ [हंसी] रही है।

00:02:19.280 --> 00:02:22.077
नहीं वास्तव में ये सच है।

00:02:22.160 --> 00:02:26.780
हां इंटरनेट पर तो मैं
छोटा ही हूं। हां [हंसी]

00:02:28.720 --> 00:02:33.437
नहीं असल में इंटरनेट का कितना प्रतिशत

00:02:33.520 --> 00:02:35.997
हां Twitter पर खर्च होता है यानी एक्स पर

00:02:36.080 --> 00:02:37.517
इसकी कोई संख्या है?

00:02:37.600 --> 00:02:41.677
हां हमारे पास लगभग 600 मिलियन मासिक के

00:02:41.760 --> 00:02:43.997
यूज़र्स हैं।

00:02:44.080 --> 00:02:45.997
लेकिन दुनिया में अगर कोई बड़ी घटना घटती

00:02:46.080 --> 00:02:49.277
है तो ये ये बढ़ सकता है। ये ये 800 मिलियन

00:02:49.360 --> 00:02:53.037
या 1 बिलियन तक भी हो सकता है। अगर दुनिया

00:02:53.120 --> 00:02:56.157
में कोई बड़ी घटना घटती है तो

00:02:56.240 --> 00:03:01.037
तो तो हर हफ्ते करीब 250 से 300 मिलियन तक

00:03:01.120 --> 00:03:04.077
होता होगा। शायद ये एक बहुत ही अच्छी

00:03:04.160 --> 00:03:07.037
संख्या है। ये ये वो लोग हैं जो सिर्फ

00:03:07.120 --> 00:03:11.970
पढ़ते हैं मतलब सिर्फ
शब्द पढ़ते हैं। [हंसी]

00:03:12.160 --> 00:03:14.957
तो क्या आपको लगता है यह बदलेगा?

00:03:15.040 --> 00:03:18.077
हां मतलब

00:03:18.160 --> 00:03:21.997
बहुत सारे वीडियो जरूर है एक्स सिस्टम पर।

00:03:22.080 --> 00:03:24.237
लेकिन इस समय वीडियो की संख्या बहुत बड़ी

00:03:24.320 --> 00:03:28.317
है। लेकिन मुझे लगता है कि

00:03:28.400 --> 00:03:31.757
एक्स नेटवर्क उन लोगों में सबसे मजबूत है

00:03:31.840 --> 00:03:35.197
जो बहुत ज्यादा सोचते हैं और बहुत पढ़ते

00:03:35.280 --> 00:03:36.397
हैं। तो

00:03:36.480 --> 00:03:39.597
तो यही सबसे ज्यादा मजबूत होगा क्योंकि

00:03:39.680 --> 00:03:45.400
हमारे पास शब्द है। [हंसी] इसीलिए

00:03:45.760 --> 00:03:49.197
इसीलिए पाठकों, लेखकों और विचारकों में

00:03:49.280 --> 00:03:51.997
एक्स दुनिया में श्रेष्ठ है।

00:03:52.080 --> 00:03:55.437
जहां तक सोशल मीडिया की बात है, यह फॉर्म

00:03:55.520 --> 00:03:56.957
फैक्टर

00:03:57.040 --> 00:03:59.197
अगर भविष्य में आपको अंदाजा लगाना हो

00:03:59.280 --> 00:04:02.717
हां। तो कितना टेक्स्ट है और कितना वीडियो

00:04:02.800 --> 00:04:05.277
मैंने आपको कहते हुए सुना है कि एआई के

00:04:05.360 --> 00:04:07.917
साथ संचार का अगला तरीका बातचीत और सुनने

00:04:08.000 --> 00:04:11.517
की शक्ति हो सकती है। अच्छा एक्स के असली

00:04:11.600 --> 00:04:15.677
रूप का क्या होगा? ये कैसे विकसित होगा?

00:04:15.760 --> 00:04:19.437
हां तो भविष्य में बातचीत ज्यादातर वीडियो

00:04:19.520 --> 00:04:22.237
के जरिए होगी। ज्यादातर बातचीत एआई के साथ

00:04:22.320 --> 00:04:24.797
रियल टाइम वीडियो से होगी। तो रियल टाइम

00:04:24.880 --> 00:04:28.157
वीडियो की समझ रियल टाइम वीडियो उत्पादन

00:04:28.240 --> 00:04:30.557
इसका बहुत अधिक भार होगा और ज्यादातर

00:04:30.640 --> 00:04:33.917
इंटरनेट पर यही हाल है। इंटरनेट पर ज्यादा

00:04:34.000 --> 00:04:36.637
वीडियो ही है। टेक्स्ट का प्रतिशत बहुत कम

00:04:36.720 --> 00:04:40.557
है। लेकिन आमतौर पर टेक्स्ट का महत्व

00:04:40.640 --> 00:04:43.757
ज्यादा होता है। जानकारी को संक्षिप्त

00:04:43.840 --> 00:04:48.280
तरीके से पेश किया जाता है।

00:04:48.880 --> 00:04:50.717
तो

00:04:50.800 --> 00:04:53.757
लेकिन अगर आप कहें कि सबसे ज्यादा बेड्स

00:04:53.840 --> 00:04:57.757
कहां उत्पन्न हुए और कंप्यूट में
खर्च हुए तो वो बेशक वीडियो ही होगा।

00:04:57.840 --> 00:04:59.997
तो मैं एक्स का शेयर होल्डर हुआ करता था

00:05:00.080 --> 00:05:02.317
बहुत छोटा सा और मुझे पैसे तब मिले जब

00:05:02.400 --> 00:05:08.557
आपने Twitter को खरीद कर उसे एक्स बनाया।
क्या ये अच्छा फैसला था? इससे आपको खुशी

00:05:08.640 --> 00:05:12.157
हुई? हां हां ये जरूरी था।

00:05:12.240 --> 00:05:15.117
मुझे लगा कि Twitter एक

00:05:15.200 --> 00:05:18.237
ऐसी दिशा में जा रहा था जिसका दुनिया पर

00:05:18.320 --> 00:05:21.917
बहुत बुरा असर पड़ रहा था।

00:05:22.000 --> 00:05:25.037
और हां ये आपके नजरिए पर निर्भर करता है

00:05:25.120 --> 00:05:27.677
कि कुछ लोगों को यह जैसा था वैसा ही पसंद

00:05:27.760 --> 00:05:30.477
था और अब उन्हें नहीं पसंद।

00:05:30.560 --> 00:05:36.040
लेकिन प्रमुख बात यह थी कि

00:05:36.240 --> 00:05:40.397
दुनिया के विचारधारा में ज्यादातर लोगों

00:05:40.480 --> 00:05:43.037
के दर्जे के हिसाब से Twitter काफी हद तक

00:05:43.120 --> 00:05:47.597
लेफ्ट को बढ़ावा दे रहा था क्योंकि यह
सैन फ्रांसिस्को में स्थित था। तो उन्होंने

00:05:47.680 --> 00:05:49.597
बहुत से राइट की विचारधारा वालों को

00:05:49.680 --> 00:05:54.157
सस्पेंड किया तो तो

00:05:54.240 --> 00:05:58.637
उनके नजरिए से सेंटर में बैठा व्यक्ति
बहुत राइट की विचारधारा वाला होगा। अगर आप

00:05:58.720 --> 00:06:00.237
बहुत लेफ्ट हैं तो सेंटर वाला राइट ही

00:06:00.320 --> 00:06:03.597
होगा। क्योंकि असल में पॉलिटिकल

00:06:03.680 --> 00:06:07.197
स्पेक्ट्रम पर है। वह यूनाइटेड स्टेट्स और

00:06:07.280 --> 00:06:11.517
सैन फ्रांसिस्को में उतने ही लेफ्ट विंग
है। तो मैंने जो करने की कोशिश की वो यह

00:06:11.600 --> 00:06:14.157
कि मैंने इसे संतुलित और केंद्रित बनाना

00:06:14.240 --> 00:06:16.477
चाहा तो कि किसी भी लेफ्ट विंग वालों की

00:06:16.560 --> 00:06:21.117
आवाज को दबाया या बैन नहीं किया गया है।

00:06:21.200 --> 00:06:23.277
ना ही किसी की आवाज को रोका गया है। पर

00:06:23.360 --> 00:06:25.517
बेशक कुछ लोगों ने कहीं और जाने का फैसला

00:06:25.600 --> 00:06:28.557
कर लिया है। पर

00:06:28.640 --> 00:06:30.317
इस समय

00:06:30.400 --> 00:06:33.597
जो हमारा ऑपरेटिंग प्रिंसिपल है हमारे

00:06:33.680 --> 00:06:36.877
एक्स सिस्टम का वो किसी भी देश के कानूनों

00:06:36.960 --> 00:06:39.357
का पालन करना है। लेकिन देश के कानून से

00:06:39.440 --> 00:06:43.917
आगे बढ़कर हम कोई भी काम नहीं करेंगे।

00:06:44.000 --> 00:06:47.997
जब मैं सोशल मीडिया के
बारे में सोचता हूं धन्यवाद।

00:06:48.080 --> 00:06:50.797
धन्यवाद। इलॉन जब मैं सोशल मीडिया के बारे

00:06:50.880 --> 00:06:54.557
में सोचता हूं। मुझे लगता है कि डाटा से

00:06:54.640 --> 00:06:57.597
भी पता चलता है कि आजकल के नेता सबसे कम

00:06:57.680 --> 00:07:01.117
उम्र के दर्शकों के बीच अपनी पकड़ खोते जा

00:07:01.200 --> 00:07:04.877
रहे हैं। यहां तक कि
Instagram जैसे प्लेटफार्म भी

00:07:04.960 --> 00:07:06.957
जो बिल्कुल Twitter जैसा नहीं है पर मेरा

00:07:07.040 --> 00:07:09.517
मतलब सभी प्लेटफार्म से है। अगर कोई सोशल

00:07:09.600 --> 00:07:12.157
मीडिया को दोबारा एक नए सिरे से बनाना

00:07:12.240 --> 00:07:15.117
चाहे तो फिर आपको क्या लगता है कि भविष्य

00:07:15.200 --> 00:07:18.317
के लिए क्या काम करेगा?

00:07:18.400 --> 00:07:24.237
तो अगर अगर मैं सच कहूं तो

00:07:24.320 --> 00:07:27.917
मैं सोशल मीडिया के बारे में इतना नहीं
सोचता। मैं मेरा मतलब है कि मैं कुछ ऐसा

00:07:28.000 --> 00:07:31.117
चाहता हूं जहां

00:07:31.200 --> 00:07:35.117
अह एक्स के मामले में एक विश्वस्तर का मैदान

00:07:35.200 --> 00:07:36.717
हो

00:07:36.800 --> 00:07:40.157
जहां लोग जो कहना चाहे कह सके। चाहे शब्द

00:07:40.240 --> 00:07:43.117
हो, तस्वीरें हो, वीडियो हो

00:07:43.200 --> 00:07:48.157
जहां एक सुरक्षित मैसेजिंग सिस्टम हो। हम
हमने हाल ही में ऑडियो और वीडियो कॉल करने

00:07:48.240 --> 00:07:49.757
की सुविधा भी जोड़ी है।

00:07:49.840 --> 00:07:55.597
अम तो अह हम असल में दुनिया को एक सामूहिक

00:07:55.680 --> 00:08:00.157
चेतना में ah अ लाने की कोशिश कर रहे हैं।

00:08:00.240 --> 00:08:02.957
और

00:08:03.040 --> 00:08:06.877
मुझे लगता है कि ये सिर्फ ये कहने से अलग

00:08:06.960 --> 00:08:09.517
है कि सबसे ज्यादा डोपमिन पैदा करने वाली

00:08:09.600 --> 00:08:12.397
वीडियो स्ट्रीम कौन सी है।

00:08:12.480 --> 00:08:16.317
जो सच कहूं तो अह [हंसी] मुझे लगता है कि

00:08:16.400 --> 00:08:19.357
थोड़ी दिमागी गड़बड़ी हो सकती है। अम अगर आप

00:08:19.440 --> 00:08:20.957
सिर्फ़ ऐसे वीडियो देख रहे हैं जो एक के

00:08:21.040 --> 00:08:24.717
बाद एक डोपामिन पैदा करते हैं और अम जिनका

00:08:24.800 --> 00:08:27.997
कोई अर्थ नहीं है तो मुझे लगता है कि वह

00:08:28.080 --> 00:08:29.517
अच्छे वीडियो नहीं है। यह समय बिताने का

00:08:29.600 --> 00:08:32.637
अच्छा तरीका नहीं है।

00:08:32.720 --> 00:08:35.357
लेकिन असल में बहुत से लोग यही देखना

00:08:35.440 --> 00:08:37.117
चाहेंगे।

00:08:37.200 --> 00:08:40.397
तो पूरे इंटरनेट का उपयोग

00:08:40.480 --> 00:08:44.717
न्यूरो ट्रांसमीटर उत्पादन को

00:08:44.800 --> 00:08:47.997
काफी बढ़ावा देगा। मेरा मतलब है दर्शकों

00:08:48.080 --> 00:08:50.317
को इसमें काफी मजा आएगा।

00:08:50.400 --> 00:08:53.197
और सच कहूं तो ये ये एक ड्रग जैसा है।

00:08:53.280 --> 00:08:55.597
तो

00:08:55.680 --> 00:08:58.317
लेकिन मैं इसके पीछे नहीं हूं। मैं मेरा

00:08:58.400 --> 00:09:00.957
मैं मेरा लक्ष्य ऐसा करना नहीं है। मैं

00:09:01.040 --> 00:09:04.717
चाहता तो ऐसा कर सकता था। पर मैं ऐसा

00:09:04.800 --> 00:09:08.397
अह मैं सच में चाहता हूं कि एक ऐसा वै-

00:09:08.480 --> 00:09:11.917
वैश्विक मंच हो जहां पर

00:09:12.000 --> 00:09:16.077
जहां पर यह इंसानियत की सामूहिक चेतना को

00:09:16.160 --> 00:09:21.080
अ करीब ला सकें और

00:09:21.600 --> 00:09:24.957
उदाहरण के लिए हमने जो चीजें शुरू की

00:09:25.040 --> 00:09:29.597
उनमें से एक है स्वचालित अनुवाद तो

00:09:29.680 --> 00:09:35.037
तो ये बहुत अच्छा होगा कि लोग जो विभिन्न

00:09:35.120 --> 00:09:37.277
भाषाओं में बोलते हैं हम

00:09:37.360 --> 00:09:39.757
उसे एक साथ लाकर पाने वाले के लिए

00:09:39.840 --> 00:09:42.157
स्वचालित अनुवाद किया जाए तो आपके पास

00:09:42.240 --> 00:09:45.277
सामूहिक चेतना होगी। सिर्फ किसी खास भाषा

00:09:45.360 --> 00:09:48.717
समूह के लोगों की ही नहीं लेकिन

00:09:48.800 --> 00:09:52.157
आपके पास हर भाषा समूह के

00:09:52.240 --> 00:09:57.037
लोगों के विचार हैं। सामूहिक
चेतना के लिए एक मंच होना यह

00:09:57.120 --> 00:09:59.117
जरूरी क्यों है ईलॉन?

00:09:59.200 --> 00:10:06.040
मुझे लगता है यह जरूरी क्यों है?

00:10:13.360 --> 00:10:18.397
मुझे लगता है आप यह भी कह सकते हैं क्यों?

00:10:18.480 --> 00:10:20.477
अगर आप इंसानों के बारे में सोचे तो इंसान

00:10:20.560 --> 00:10:24.317
में लगभग 30 से 40 ट्रिलियन सेल्स होते

00:10:24.400 --> 00:10:28.120
हैं। और

00:10:29.040 --> 00:10:35.320
आपके मस्तिष्क में खरबों सिनेप्सिस हैं। अह

00:10:36.640 --> 00:10:41.917
म मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए है ताकि हम आ

00:10:42.000 --> 00:10:43.437
अपनी

00:10:43.520 --> 00:10:45.757
हम अपनी

00:10:45.840 --> 00:10:51.517
अ समझ बढ़ा सकें विश्व के बारे में

00:10:51.600 --> 00:10:55.677
हमारी समझ को बढ़ा सकें

00:10:55.760 --> 00:10:58.760
तो

00:11:01.120 --> 00:11:04.717
मुझे लगता है कि मैं मेरे मन में भी यही

00:11:04.800 --> 00:11:07.437
सवाल था कि जीवन का

00:11:07.520 --> 00:11:11.037
क्या क्या मतलब है? जैसे कोई भी चीज जरूरी

00:11:11.120 --> 00:11:13.597
क्यों है?

00:11:13.680 --> 00:11:15.597
अ

00:11:15.680 --> 00:11:18.957
हम यहां यहां क्यों हैं?

00:11:19.040 --> 00:11:21.597
ब्रह्मांड का स्त्रोत क्या है? अंत क्या

00:11:21.680 --> 00:11:24.477
है?

00:11:24.560 --> 00:11:29.560
ऐसे कौन से सवाल है जिन्हें
हम पूछना नहीं जानते?

00:11:30.000 --> 00:11:31.917
और वो सवाल जिन्हें हमें पूछना नहीं आता

00:11:32.000 --> 00:11:35.997
शायद वही सबसे जरूरी होते हैं।

00:11:36.080 --> 00:11:38.877
तो मैं यह समझने की कोशिश में हूं कि आखिर

00:11:38.960 --> 00:11:41.117
हो क्या रहा है? हकीकत में क्या हो रहा

00:11:41.200 --> 00:11:43.197
है?

00:11:43.280 --> 00:11:49.430
क्या क्या यही यही हकीकत है? तो [हंसी]

00:11:50.320 --> 00:11:52.557
जब आपने पूछा कि जीवन का उद्देश्य क्या

00:11:52.640 --> 00:11:56.877
है? तब आपको क्या जवाब मिला? हां हां तो

00:11:56.960 --> 00:11:59.680
मैं

00:11:59.920 --> 00:12:03.757
मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि ये ये कुछ कुछ

00:12:03.840 --> 00:12:09.117
हद तक डगलस एडमम्स की हचकस गाइड
टू द गैलेक्सी विचारधारा जैसा है जो

00:12:09.200 --> 00:12:13.517
42 हां वो

00:12:13.600 --> 00:12:18.477
तो ये एक फिलॉसोफी की किताब है
जिसे हास्य की शैली में लिखा गया

00:12:18.560 --> 00:12:20.077
और

00:12:20.160 --> 00:12:24.957
और यहीं पर जीवन के अर्थ का उत्तर जानने

00:12:25.040 --> 00:12:27.517
के लिए और समझने के लिए पृथ्वी एक

00:12:27.600 --> 00:12:29.357
कंप्यूटर बन जाती है और

00:12:29.440 --> 00:12:33.917
और इसका जवाब आता है 42 लेकिन फिर अब 42

00:12:34.000 --> 00:12:36.237
का क्या मतलब है?

00:12:36.320 --> 00:12:39.917
और पता चलता है कि असल में सवाल ही

00:12:40.000 --> 00:12:43.037
मुश्किल है जवाब ढूंढना नहीं और इसके लिए

00:12:43.120 --> 00:12:48.157
पृथ्वी से भी बड़े कंप्यूटर की जरूरत है।
असल में डगलस एडमम्स यही कह रहे थे कि हम

00:12:48.240 --> 00:12:51.197
नहीं जानते कि सवालों को ठीक से कैसे गढ़ें।

00:12:51.280 --> 00:12:52.717
इसीलिए

00:12:52.800 --> 00:12:55.597
इसलिए चेतना के दायरे और पैमाने को बढ़ाकर

00:12:55.680 --> 00:12:58.797
हम बेहतर ढंग से समझ सकते हैं कि कि

00:12:58.880 --> 00:13:01.357
ब्रह्मांड के जवाब के बारे में हमें क्या

00:13:01.440 --> 00:13:02.877
सवाल पूछने चाहिए।

00:13:02.960 --> 00:13:06.237
क्या आप समाज की सामूहिक चेतना में

00:13:06.320 --> 00:13:09.277
विश्वास करते हैं?

00:13:09.360 --> 00:13:11.997
मैं हाल ही में एक फिल्म देख रहा था वो

00:13:12.080 --> 00:13:15.037
ग्लडिएटर रसेल क्रो की क्या आपने देखी है?

00:13:15.120 --> 00:13:20.397
हां ग्लैडिएटर में रोम में जब

00:13:20.480 --> 00:13:27.400
लोग लड़ रहे थे तो भीड़ वाहवाही कर
रही थी जब लोग एक दूसरे को मार रहे थे

00:13:27.920 --> 00:13:30.957
भीड़ ने उपद्रवियों का रूप ले लिया था

00:13:31.040 --> 00:13:36.157
देखा जाए तो उनकी कोई निजी राय नहीं थी

00:13:36.240 --> 00:13:41.037
तो देखो ये ये एक खास तरह की भीड़ है।
वो वहां लोगों को एक दूसरे को मारते हुए

00:13:41.120 --> 00:13:43.917
देखने जा रहे हैं। क्या आपको
शक है कि आज हम जिस समाज में

00:13:44.000 --> 00:13:48.317
रहते हैं वह बहुत अलग है?
हम हम आमतौर पर नहीं करते। हम आपस में

00:13:48.400 --> 00:13:52.797
लोगों को मारते हुए नहीं देखना चाहते।

00:13:52.880 --> 00:13:58.317
शायद किसी [हंसी] मेरा मतलब है
किसी और तरीके से। शायद क्रीडा

00:13:58.400 --> 00:13:59.757
हम

00:13:59.840 --> 00:14:03.357
तो लोग प्रतिस्पर्धा करते हैं

00:14:03.440 --> 00:14:07.517
जहां टीम्स एक दूसरे को हराने की
कोशिश कर रही है। लेकिन मौत के बिना

00:14:07.600 --> 00:14:10.397
सही कहा। तो

00:14:10.480 --> 00:14:12.877
अगर हम हम

00:14:12.960 --> 00:14:15.837
इंसान के बारे में सोचें तो तो हमारी

00:14:15.920 --> 00:14:19.437
शुरुआत एक कोशिका से हुई थी। लेकिन अब हम

00:14:19.520 --> 00:14:23.837
30 ट्रिलियन कोशिकाओं से बना है। हम

00:14:23.920 --> 00:14:26.920
और

00:14:27.120 --> 00:14:29.837
लेकिन ज्यादातर लोगों को लगता है कि वो वो

00:14:29.920 --> 00:14:34.237
वो एक शरीर है। जैसे आमतौर पर आपका दाहिना
हाथ आपके बाएं हाथ से नहीं लड़ रहा होता

00:14:34.320 --> 00:14:34.877
है।

00:14:34.960 --> 00:14:38.797
तो ये ये एक तरह से सहयोग करता है।

00:14:38.880 --> 00:14:42.280
आपका मस्तिष्क

00:14:43.120 --> 00:14:46.397
मेरा मतलब है।

00:14:46.480 --> 00:14:49.277
मैं बहुत सारे न्यूरॉन्स का एक समूह है। ल

00:14:49.360 --> 00:14:51.997
लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि आपके

00:14:52.080 --> 00:14:56.760
दिमाग में एक ट्रिलियन आवाजें
हैं। उम्मीद है ऐसा ना हो। [हंसी]

00:14:57.120 --> 00:15:01.197
तो साफ है कि जब आपके पास एक कोशिका के

00:15:01.280 --> 00:15:04.877
बजाय खरबों कोशिकाएं

00:15:04.960 --> 00:15:07.677
मिलकर काम करती हैं, तो वो एक समूह में

00:15:07.760 --> 00:15:09.677
काम करती हैं।

00:15:09.760 --> 00:15:14.157
ना कि अकेले। या जैसे

00:15:14.240 --> 00:15:17.517
एक छोटा मल्टीसेल्यूलर जीव तो ये जाहिर है

00:15:17.600 --> 00:15:19.997
कि कुछ तो अलग हो रहा है जैसे आप

00:15:20.080 --> 00:15:21.597
बैक्टीरिया से बात नहीं कर सकते।

00:15:21.680 --> 00:15:25.037
हां वो बहुत शांत होते हैं।

00:15:25.120 --> 00:15:28.157
वो बस हिलते डुलते रहते हैं। और उनके

00:15:28.240 --> 00:15:32.317
नजरिए से पता नहीं मैं मैं हमेशा यही
सोचता हूं कि अमीबा के नजरिए से जिंदगी

00:15:32.400 --> 00:15:36.397
क्या होती होगी। लेकिन आप
अमीबा से बात नहीं कर सकते। वो

00:15:36.480 --> 00:15:39.117
जवाब नहीं देते। अहम पर
इंसान बात कर सकते हैं।

00:15:39.200 --> 00:15:39.517
हम्

00:15:39.600 --> 00:15:43.757
तो इंसानों में कुछ तो स्पष्ट रूप से अह

00:15:43.840 --> 00:15:48.237
मूल रूप से अलग है। अ एक बार जब आपके पास

00:15:48.320 --> 00:15:51.277
बड़ी संख्या में कोशिकाएं हो जाती हैं और

00:15:51.360 --> 00:15:55.197
पर्याप्त रूप से बड़ा मस्तिष्क है। अब आप

00:15:55.280 --> 00:15:58.877
इंसानों से बात करते हैं। वो वो बातें कह

00:15:58.960 --> 00:16:02.077
सकते हैं। वो चीजें बना सकते हैं।

00:16:02.160 --> 00:16:04.957
उदाहरण के लिए बैक्टीरिया स्पेसशिपिप नहीं

00:16:05.040 --> 00:16:08.077
बना सकते हैं। अ लेकिन इंसान बना सकते

00:16:08.160 --> 00:16:12.237
हैं। तो मुझे लगता है कि जब इंसानों का एक

00:16:12.320 --> 00:16:17.197
जमाव होता है तो प्रतिष्ठित रूप से कुछ
अलग होता है। तो ये कहना सही होगा कि एक

00:16:17.280 --> 00:16:19.037
इंसान स्पेसशिपिप नहीं बना सकता। मैं खुद

00:16:19.120 --> 00:16:21.197
एक स्पेसशिपिप नहीं बना सकता। लेकिन

00:16:21.280 --> 00:16:25.277
इंसानों का एक समूह स्पेसशिप बना सकता है।

00:16:25.360 --> 00:16:31.160
तो तो जाहिर है इंसानों के समूह में कुछ तो

00:16:32.160 --> 00:16:35.277
मूल रूप से अलग है। असल में मेरे लिए सारी

00:16:35.360 --> 00:16:38.717
चीजें निपुणता से सीखना नामुमकिन होगा। एक

00:16:38.800 --> 00:16:40.797
जिंदगी में इतना समय नहीं होगा कि मरने से

00:16:40.880 --> 00:16:46.157
पहले मैं सारी चीजें सीख पाऊं। तो तो

00:16:46.240 --> 00:16:51.920
रॉकेट बनाने के लिए आपके पास
इंसानों की एक टीम होनी चाहिए।

00:16:52.160 --> 00:16:53.597
फिर

00:16:53.680 --> 00:16:57.597
शायद कुछ और स्केलिंग

00:16:57.680 --> 00:17:00.077
प्रतिष्ठित स्केलिंग मुमकिन होती है जब

00:17:00.160 --> 00:17:05.117
आपके पास इंसानों का समूह होता है और अगर

00:17:05.200 --> 00:17:10.760
पारस्परिक प्रभाव के गुण
या जानकारी के भाव के गुण

00:17:11.200 --> 00:17:13.437
जितने बेहतर होंगे

00:17:13.520 --> 00:17:17.757
इंसानी समूह उतना ही ज्यादा हासिल करेगा।

00:17:17.840 --> 00:17:21.357
अ जैसा कि मैंने कहा मैं ब्रह्मांड के गुणों

00:17:21.440 --> 00:17:23.757
के बारे में जानने के लिए उत्सुक हूं और

00:17:23.840 --> 00:17:26.717
मुझे लगता है कि यह कहना उचित है कि अगर

00:17:26.800 --> 00:17:29.437
हम चेतना का दायरा और पैमाना बढ़ा दें तो

00:17:29.520 --> 00:17:31.437
ब्रह्मांड के गुणों को समझने की संभावना

00:17:31.520 --> 00:17:35.837
ज्यादा होगी ना कि इसे कम करने से।

00:17:35.920 --> 00:17:41.037
क्या ये कुछ हद तक आध्यात्म जैसा है? बहुत
से लोग मुझसे आध्यात्म की बातें करते हैं।

00:17:41.120 --> 00:17:43.597
हां। मुझे आज भी नहीं
पता उसका मतलब क्या है।

00:17:43.680 --> 00:17:45.357
मैं उनसे पूछता रहता हूं। आपका क्या मतलब

00:17:45.440 --> 00:17:48.717
है? आपका क्या [हंसी] मतलब है? हां तो

00:17:48.800 --> 00:17:52.877
बहुत से लोगों में
आध्यात्मिक भावनाएं होती हैं।

00:17:52.960 --> 00:17:56.477
मैं मैं इंकार नहीं करूंगा कि आध्यात्मिक

00:17:56.560 --> 00:17:59.277
भावनाएं उनके लिए असली हैं।

00:17:59.360 --> 00:18:02.797
लेकिन ये

00:18:02.880 --> 00:18:04.877
पूरी तरह से समझा नहीं जाता। सिर्फ इसलिए

00:18:04.960 --> 00:18:07.197
कि किसी और को आध्यात्मिक भावनाएं हैं।

00:18:07.280 --> 00:18:12.237
इसका मतलब यह नहीं कि मुझे भी हो। तो

00:18:12.320 --> 00:18:14.957
तो मेरा खिंचाव ज्यादा है फिजिक्स की ओर।

00:18:15.040 --> 00:18:19.677
यानी अगर किसी चीज का
भविष्य सूचक महत्व है तो

00:18:19.760 --> 00:18:21.437
मैं मैं उस पर ज्यादा ध्यान दूंगा बजाय

00:18:21.520 --> 00:18:24.957
इसके कि उसमें भविष्य सूचक महत्व ना हो।

00:18:25.040 --> 00:18:29.197
तो फिजिक्स उस चीज का
अध्ययन है जिसका भविष्य

00:18:29.280 --> 00:18:31.757
सूचक महत्व होता है।

00:18:31.840 --> 00:18:36.717
ये एक बहुत अच्छी परिभाषा है। ईलॉन
मुख्य रूप से मैं एक स्टॉक ब्रोकर और

00:18:36.800 --> 00:18:40.077
स्टॉक इन्वेस्टर हूं। अच्छा इसमें
भविष्य सूचक महत्व नहीं होता। किसी

00:18:40.160 --> 00:18:42.077
को नहीं पता कि कल क्या होगा।

00:18:42.160 --> 00:18:46.637
लेकिन आप आमतौर पर कह सकते हैं कि अगर

00:18:46.720 --> 00:18:51.517
आप अगर यह किसी कंपनी के लिए लॉन्ग टर्म है

00:18:51.600 --> 00:18:53.197
तो

00:18:53.280 --> 00:18:55.437
आप कह सकते हैं कि क्या ये क्या आपको उस

00:18:55.520 --> 00:18:58.637
कंपनी का माल या सेवाएं पसंद है? और क्या

00:18:58.720 --> 00:19:00.477
आपको

00:19:00.560 --> 00:19:03.517
प्रोडक्ट रोड मैप पसंद आया? क्या ऐसा लगता

00:19:03.600 --> 00:19:06.077
है कि वो बेहतरीन उत्पाद बनाता है और

00:19:06.160 --> 00:19:08.477
भविष्य में वो अच्छे उत्पाद बना सकते हैं।

00:19:08.560 --> 00:19:11.997
अगर ऐसा है तो यह शायद निवेश करने के लिए

00:19:12.080 --> 00:19:16.637
एक अच्छी कंपनी है। मुझे लगता
है कि आप भी टीम पर विश्वास

00:19:16.720 --> 00:19:21.197
करना चाहते हैं। तो अगर आप कहें कि यह एक
योग्य और मेहनती टीम है। वो अच्छे पदार्थ

00:19:21.280 --> 00:19:25.677
बनाते हैं। भविष्य में कुछ नया बनाने के
लिए प्रेरित होते हैं तो मैं कहूंगा कि वो

00:19:25.760 --> 00:19:29.117
निवेश करने के लिए एक
अच्छी कंपनी है। सही बात है।

00:19:29.200 --> 00:19:32.397
हां। तो तो

00:19:32.480 --> 00:19:34.797
अब इससे रोज के उतार-चढ़ाव का हल नहीं

00:19:34.880 --> 00:19:37.517
होगा जो वाकई होते हैं। और कभी-कभी बहुत

00:19:37.600 --> 00:19:40.877
ज्यादा होता है। लेकिन समय के साथ स्टॉक्स

00:19:40.960 --> 00:19:43.757
में निवेश करने का यही सबसे अच्छा तरीका

00:19:43.840 --> 00:19:47.917
है। क्योंकि कंपनी बस लोगों का एक समूह है
जो पदार्थ बनाने और सेवाओं के लिए इकट्ठा

00:19:48.000 --> 00:19:52.717
होते हैं। तो आपको पूछना होगा कि वो
पदार्थ और सेवाएं कितने अच्छे हैं? क्या

00:19:52.800 --> 00:19:56.717
भविष्य में उनमें सुधार जारी रहने की
संभावना है? अगर है तो आपको कंपनी के

00:19:56.800 --> 00:20:00.237
स्टॉक खरीदने चाहिए और फिर हर दिन के
उतार-चढ़ाव के बारे में चिंता ना करें।

00:20:00.320 --> 00:20:02.637
सही।

00:20:02.720 --> 00:20:05.677
आप जो कुछ भी बना रहे हैं ईलॉन उनमें सबसे

00:20:05.760 --> 00:20:07.917
ज्यादा आपको क्या उत्साहित करता है? आप

00:20:08.000 --> 00:20:09.837
बहुत कुछ कर रहे हैं। तो मैं बस पहले ही

00:20:09.920 --> 00:20:12.877
बता दूं और संदर्भ दूं कि इसे कौन देख रहा

00:20:12.960 --> 00:20:17.117
है? अ हमारे दर्शक ज्यादातर

00:20:17.200 --> 00:20:18.957
वो लोग हैं जो भारत में एंटरप्रेन्योर

00:20:19.040 --> 00:20:19.917
बनना चाहते हैं।

00:20:20.000 --> 00:20:25.197
ठीक है? अ सच में बहुत उत्सुक और

00:20:25.280 --> 00:20:27.837
खतरा मोल लेकर कुछ बनाना चाहते हैं और

00:20:27.920 --> 00:20:30.877
इसीलिए हम सबको आपसे बहुत कुछ सीखना है

00:20:30.960 --> 00:20:32.637
क्योंकि आपने इसे बहुत अलग-अलग कार्यक्षे

00:20:32.720 --> 00:20:35.757
क्षेत्रों में कई बार किया है। तो आज हम

00:20:35.840 --> 00:20:39.197
उनसे बात करेंगे और मैं अपने सभी सवाल उस

00:20:39.280 --> 00:20:41.117
दिशा में केंद्रित करूंगा ताकि वो इस

00:20:41.200 --> 00:20:43.677
बातचीत का फायदा उठा सकें और शायद शुरुआत

00:20:43.760 --> 00:20:47.837
करें, जोखिम उठाएं और कुछ निर्माण करें।

00:20:47.920 --> 00:20:51.880
हां जरूर। ठीक है।

00:20:52.880 --> 00:20:57.757
हां, मुझे लगता है कि सबसे जरूरी काम है

00:20:57.840 --> 00:21:02.237
उपयोगी पदार्थ बनाना और सेवाएं देना।

00:21:02.320 --> 00:21:06.237
हां। आप आज जो भी वस्तुएं और सेवाएं बना रहे

00:21:06.320 --> 00:21:11.440
हैं, उनमें से आज आपको सबसे
ज्यादा कौन सा पसंद आया?

00:21:13.520 --> 00:21:16.877
मुझे लगता है कि असल में स्पेस एक्स

00:21:16.960 --> 00:21:21.357
टेस्ला और XI के बीच झुकाव हो रहा है।

00:21:21.440 --> 00:21:25.037
अगर भविष्य में सोलर पावर से चलने वाले

00:21:25.120 --> 00:21:28.557
एआई सैटेलाइट हैं जिनकी बहुत ज्यादा जरूरत

00:21:28.640 --> 00:21:30.477
है ताकि

00:21:30.560 --> 00:21:34.157
सूरज की ऊर्जा का एक बड़ा सा हिस्सा हम

00:21:34.240 --> 00:21:39.277
इस्तेमाल कर सकें। तो आपको डीप स्पेस में
सोलर पावर वाले एआई सेटेलाइट की ओर बढ़ना

00:21:39.360 --> 00:21:40.957
होगा।

00:21:41.040 --> 00:21:43.757
जो जो कुछ हद तक Tesla और स्पेस एक्स

00:21:43.840 --> 00:21:47.677
एक्सपर्टीज का संगम है।

00:21:47.760 --> 00:21:52.317
और एआई की ओर से एक्सAI तो

00:21:52.400 --> 00:21:54.397
लगता है कि समय के साथ वहां कुछ हद तक

00:21:54.480 --> 00:21:57.357
झुकाव हो रहा है।

00:21:57.440 --> 00:21:59.357
लेकिन सभी कंपनियां बहुत अच्छा काम कर रही

00:21:59.440 --> 00:22:03.517
हैं। मुझे टीम्स पर गर्व है। वो

00:22:03.600 --> 00:22:07.677
वो टेस्ला के साथ ऑटोनॉमस ड्राइविंग पर बहुत

00:22:07.760 --> 00:22:10.797
अच्छा विकास कर रहे हैं। क्या
आपने सेल्फ ड्राइविंग आजमाई है?

00:22:10.880 --> 00:22:13.997
आजमाई है? मैंने इसे VMO में
आजमाया है। Tesla में नहीं।

00:22:14.080 --> 00:22:17.997
ओ अच्छा वो [हंसी] हमारे पास ऑस्टन में है।

00:22:18.080 --> 00:22:21.677
हां मैं आजमाना चाहूंगा। आप बस
Tesla ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। हां।

00:22:21.760 --> 00:22:24.317
और इसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। तो तो

00:22:24.400 --> 00:22:29.037
इसे जरूर आजमाना। मतलब ये ये काफी आसान

00:22:29.120 --> 00:22:33.437
है। हमने इलेक्ट्रिक गाड़ियों, बैटरी पैक

00:22:33.520 --> 00:22:38.557
और सोलर के साथ बहुत तरक्की की है और

00:22:38.640 --> 00:22:40.717
सेल्फ ड्राइविंग के साथ भी बहुत अच्छी

00:22:40.800 --> 00:22:43.117
तरक्की की है। तो मूल रूप से रियल वर्ल्ड

00:22:43.200 --> 00:22:46.797
एआई। मैं कहूंगा कि Tesla रियल वर्ल्ड एi

00:22:46.880 --> 00:22:50.157
में दुनिया का लीडर है। तो

00:22:50.240 --> 00:22:52.797
और हम अब बनाने जा रहे हैं रोबॉट ऑप्टिमस

00:22:52.880 --> 00:22:57.357
जिसका उत्पादन बड़े पैमाने पर अगली
गर्मियों में शुरू होगा। और यह बहुत

00:22:57.440 --> 00:23:01.357
शानदार होगा। यह ऐसा होगा
कि हर कोई खुद की मदद के लिए

00:23:01.440 --> 00:23:03.517
रोबोट का इस्तेमाल करेगा। सब चाहेंगे कि

00:23:03.600 --> 00:23:06.637
उनका अपना एक C3P पीओ आरटीडी हो और यह

00:23:06.720 --> 00:23:10.557
बहुत शानदार होगा। जिंदगी आसान हो जाएगी।

00:23:10.640 --> 00:23:14.157
और फिर स्पेस एक्स उस्तालिंग प्रोग्राम के

00:23:14.240 --> 00:23:16.237
साथ बहुत अच्छा काम कर रहा है जो पूरी

00:23:16.320 --> 00:23:20.317
दुनिया में कम कीमत पर भरोसेमंद इंटरनेट

00:23:20.400 --> 00:23:23.677
दे रहा है। उम्मीद है भारत में भी [हंसी]

00:23:23.760 --> 00:23:28.637
हम भारत में काम करना पसंद करेंगे। हम अब
स्टार्लिंग के साथ 150 विभिन्न देशों में

00:23:28.720 --> 00:23:31.677
काम कर रहे हैं। क्या आप
मुझे स्टारलिंग और उसके टेक के

00:23:31.760 --> 00:23:36.637
बारे में बता सकते हैं? क्योंकि मैं किसी
से बात कर रहा था। मुझे पता नहीं आप सैन

00:23:36.720 --> 00:23:40.157
फ्रांसिस्को की मीटा कंपनी को जानते
हैं या नहीं। वो नेटवर्क इंजीनियर्स को

00:23:40.240 --> 00:23:43.117
रिप्लेस करना चाह रहे हैं।
लेकिन मुझे ध्यान नहीं है।

00:23:43.200 --> 00:23:46.637
तो वो मुझे बता रहे थे कि कैसे घनी आबादी

00:23:46.720 --> 00:23:49.517
वाले इलाकों में स्टार्लिंग अलग तरह से

00:23:49.600 --> 00:23:52.557
काम करता है और कम आबादी वाली जगहों पर

00:23:52.640 --> 00:23:55.117
अलग ये कैसे काम करता है?

00:23:55.200 --> 00:23:58.717
हां। तो स्टारलिंग के लोअर ऑर्बिट में कई

00:23:58.800 --> 00:24:01.517
हजार सेटेलाइट हैं और वो आवाज की गति से

00:24:01.600 --> 00:24:05.117
लगभग 25 गुना ज्यादा तेज घूम रहे हैं। वो

00:24:05.200 --> 00:24:08.957
असल में पृथ्वी के चारों
ओर तेजी से घूम रहे हैं और

00:24:09.040 --> 00:24:11.437
वो

00:24:11.520 --> 00:24:14.957
लगभग 550 कि.मी. की ऊंचाई पर है। हम

00:24:15.040 --> 00:24:18.637
जिसे लोअर ऑर्बिट कहा जाता है क्योंकि वो

00:24:18.720 --> 00:24:22.317
लोअ ऑर्बिट में है। इसीलिए विलंबता काफी

00:24:22.400 --> 00:24:25.437
कम है। क्योंकि 36,000 कि.मी. दूर जिओ

00:24:25.520 --> 00:24:27.997
स्टेशनरी सैटेलाइट की तुलना में ये दूरी

00:24:28.080 --> 00:24:31.677
देखा जाए तो ज्यादा नहीं है। तो

00:24:31.760 --> 00:24:34.477
आपके पास

00:24:34.560 --> 00:24:37.917
हजारों सैटेलाइट्स हैं जो

00:24:38.000 --> 00:24:41.037
पूरी दुनिया में लो लेटेंसी हाई स्पीड

00:24:41.120 --> 00:24:45.437
इंटरनेट दे रहे हैं और

00:24:45.520 --> 00:24:48.317
उनका आपस में परस्पर संबंध भी है। तो कई

00:24:48.400 --> 00:24:50.477
सैटेलाइट के बीच लेजर की कड़ियां होती है।

00:24:50.560 --> 00:24:53.037
तो यह एक तरह से लेजर का जाल बनाता है। तो

00:24:53.120 --> 00:24:55.677
अब मान लीजिए कि अगर केबल्स खराब हो गई या

00:24:55.760 --> 00:24:58.397
वो वो कट गई जैसे फाइबर केबल्स तो

00:24:58.480 --> 00:25:00.877
सेटेलाइट एक दूसरे से संपर्क बना सकते

00:25:00.960 --> 00:25:04.397
हैं। और कनेक्टिविटी देते हैं अगर कोई

00:25:04.480 --> 00:25:07.997
दुर्घटना हो या अगर केबल्स कट भी जाए तो।

00:25:08.080 --> 00:25:11.917
जैसे जब कुछ महीने पहले रेड सी केबल

00:25:12.000 --> 00:25:17.517
कट गए थे। तब भी स्टार्लिंग सेटाइट
नेटवर्क बिना किसी रुकावट के काम करता

00:25:17.600 --> 00:25:20.557
रहा। हम्। तो अह इसलिए
खासतौर पर आपदा वाले इलाकों

00:25:20.640 --> 00:25:22.957
में यह मददगार है। तो अगर किसी इलाके में

00:25:23.040 --> 00:25:27.277
कोई प्राकृतिक आपदा आई है जैसे बाढ़, आग

00:25:27.360 --> 00:25:30.397
या या भूकंप इससे जमीनी इंफ्रास्ट्रक्चर

00:25:30.480 --> 00:25:32.477
को नुकसान पहुंचता है। अह लेकिन

00:25:32.560 --> 00:25:34.637
स्टार्लिंग सैटेलाइट फिर भी काम करता है।

00:25:34.720 --> 00:25:37.997
तो आमतौर पर जब भी कहीं कोई प्राकृतिक

00:25:38.080 --> 00:25:39.997
आपदा आती है तो हम हमेशा लोगों को मुफ्त

00:25:40.080 --> 00:25:42.717
स्टार्लिंक इंटरनेट का कनेक्टिविटी देते

00:25:42.800 --> 00:25:45.117
हैं। हम शुल्क नहीं लेते। हम किसी दुखद

00:25:45.200 --> 00:25:49.037
स्थिति का फायदा नहीं उठाना चाहते। तो

00:25:49.120 --> 00:25:52.077
अगर कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो हम कहते

00:25:52.160 --> 00:25:54.877
हैं कि ठीक है ये ये प्राकृतिक आपदा के

00:25:54.960 --> 00:25:57.437
दौरान मुफ्त है। हम शुल्क नहीं लेते। हम

00:25:57.520 --> 00:26:00.317
ऐसी स्थिति में लोगों से पैसे नहीं लेना

00:26:00.400 --> 00:26:02.637
चाहते हैं। वो गलत है। [हंसी]

00:26:02.720 --> 00:26:04.637
तो बस इसलिए

00:26:04.720 --> 00:26:09.037
तो ये एक बहुत मजबूत व्यवस्था है। ये ये

00:26:09.120 --> 00:26:12.077
जमीनी व्यवस्था के लिए प्रशंसनीय है

00:26:12.160 --> 00:26:14.397
क्योंकि सैटेलाइट बीम

00:26:14.480 --> 00:26:17.437
कम आबादी वाले इलाकों में सबसे अच्छा काम

00:26:17.520 --> 00:26:20.557
करते हैं।

00:26:20.640 --> 00:26:22.477
क्यों? क्योंकि आपके पास सेटेलाइट बीम है।

00:26:22.560 --> 00:26:25.197
ये काफी बड़ी है और हर बीम पर यूज़र्स की

00:26:25.280 --> 00:26:28.877
एक तय संख्या होती है। तो इसलिए ये जमीन

00:26:28.960 --> 00:26:30.797
पर बने सेलुलर सिस्टम के लिए बहुत ज्यादा

00:26:30.880 --> 00:26:36.077
प्रशंसनीय होता है। ये ये शहरों में बहुत
अच्छे हैं क्योंकि यहां बहुत सारे सेल

00:26:36.160 --> 00:26:37.757
टावर हैं जो सिर्फ

00:26:37.840 --> 00:26:42.717
1 कि.मी. की दूरी पर है। लेकिन

00:26:42.800 --> 00:26:45.277
ये सेल टावर ग्रामीण इलाकों में कम असरदार

00:26:45.360 --> 00:26:48.477
होते हैं। तो ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट

00:26:48.560 --> 00:26:52.317
सबसे खराब होता है क्योंकि ये

00:26:52.400 --> 00:26:54.797
सब बिछाना बहुत महंगा और मुश्किल है। जैसे

00:26:54.880 --> 00:26:59.357
सभी फाइबर ऑप्टिक केबल लगाना या या हाई

00:26:59.440 --> 00:27:02.237
बैंडविथ सेल्यूलर टावर लगाना। तो

00:27:02.320 --> 00:27:04.957
स्टारलिंक मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों के लिए

00:27:05.040 --> 00:27:07.677
बहुत प्रशंसनीय है। उनके लिए काफी

00:27:07.760 --> 00:27:09.917
फायदेमंद है।

00:27:10.000 --> 00:27:15.837
असल में यह सबसे कम वर्ग के लोगों की
सेवा करता है। तो मुझे वह अच्छा लगता है।

00:27:15.920 --> 00:27:16.877
ये

00:27:16.960 --> 00:27:19.917
क्या ये कल बदलेगा? जैसे कि आपने बताया आज

00:27:20.000 --> 00:27:22.957
की बीम काफी चौड़ी है और शायद ये घनी

00:27:23.040 --> 00:27:25.197
आबादी वाले इलाके में काम नहीं कर सकता

00:27:25.280 --> 00:27:27.917
जहां ऊंची इमारतें हैं। लेकिन क्या यह

00:27:28.000 --> 00:27:31.917
बदलकर कल घनी आबादी वाले शहर में असरदार

00:27:32.000 --> 00:27:33.997
हो सकता है जहां ये लोकल नेटवर्क

00:27:34.080 --> 00:27:39.117
प्रोवाइडर्स के साथ प्रतियोगी हैं।
दुर्भाग्य से फिजिक्स इसकी इजाजत नहीं

00:27:39.200 --> 00:27:40.397
देती। तो, हम्।

00:27:40.480 --> 00:27:44.717
अह हम हम बहुत दूर हैं। अह तो 550 कि.मी.

00:27:44.800 --> 00:27:47.757
पर अगर हम इसे कम करने की कोशिश करें, तो

00:27:47.840 --> 00:27:50.477
लगभग 350 कि.मी. जितना नीचे जा सकते हैं

00:27:50.560 --> 00:27:54.317
जो अभी भी बहुत दूर है। आप इसे एक एक

00:27:54.400 --> 00:27:58.237
टॉर्च की तरह सोच सकते हैं। यानी ये टॉर्च

00:27:58.320 --> 00:28:04.077
की रोशनी एक कोन की भांति है और वो कोण आज

00:28:04.160 --> 00:28:08.397
550 कि.मी. की दूरी से आ रहा है। भविष्य
में 350 कि.मी. की दूरी से आएगा। लेकिन हम

00:28:08.480 --> 00:28:13.197
कभी भी 1 कि.मी. की दूरी तक नहीं पहुंच
सकते हैं। जो जो सेल टावर फिजिक्स यहां

00:28:13.280 --> 00:28:14.797
हमारा साथ नहीं देगा। बिल्कुल।

00:28:14.880 --> 00:28:17.117
तो तो ये प्राकृतिक रूप से संभव नहीं है

00:28:17.200 --> 00:28:20.877
कि घनी आबादी वाले शहरों में स्टारलिंग

00:28:20.960 --> 00:28:23.277
सेवाएं दे सके। शायद 1% आबादी के इलाके

00:28:23.360 --> 00:28:25.197
में थोड़ी बहुत सेवा कर सकते हैं और

00:28:25.280 --> 00:28:28.237
कभी-कभी लोगों को अब भीड़भाड़ वाले शहरों

00:28:28.320 --> 00:28:31.597
में भी हो सकता है कि उनकी सड़क पर कोई

00:28:31.680 --> 00:28:34.717
फाइबर लिंक ना हो। जैसे कभी-कभी किसी बंद

00:28:34.800 --> 00:28:37.917
गली में होता है या शहरों में कभी-कभी कुछ

00:28:38.000 --> 00:28:40.717
खास वजहों से कुछ इलाकों में लोगों की

00:28:40.800 --> 00:28:44.397
पहुंच कम होती है और जैसा कि मैंने कहा

00:28:44.480 --> 00:28:47.037
स्टालिंग शायद घनी आबादी वाले शहर के एक

00:28:47.120 --> 00:28:50.557
या 2% हिस्से को

00:28:50.640 --> 00:28:53.437
सेवा दे सकता है। लेकिन यह ग्रामीण इलाकों

00:28:53.520 --> 00:28:57.917
में ज्यादा असरदार हो सकता है। जहां
इंटरनेट कनेक्शन बहुत खराब है। और अक्सर

00:28:58.000 --> 00:29:00.237
लोगों के पास या तो कभी-कभी इंटरनेट की

00:29:00.320 --> 00:29:02.557
सुविधा नहीं होती या कभी बहुत महंगा है या

00:29:02.640 --> 00:29:05.517
यह उच्च कोटि का नहीं है।

00:29:05.600 --> 00:29:07.917
तो अगर मैं आपसे अंदाजा लगाने को कहूं

00:29:08.000 --> 00:29:11.837
ईलॉन क्या आपको लगता है कि भारत भी चीन की

00:29:11.920 --> 00:29:14.717
तरह शहरीकरण की तरफ बढ़ेगा जहां ज्यादा

00:29:14.800 --> 00:29:17.117
लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं से शहरी

00:29:17.200 --> 00:29:20.077
केंद्रों की ओर आएंगे

00:29:20.160 --> 00:29:21.837
या हम इस विचारधारा को हराएंगे।

00:29:21.920 --> 00:29:24.317
मुझे लगता है ये कुछ हद तक ऐसा हुआ है। है

00:29:24.400 --> 00:29:28.157
ना? मैं मैं भी आपसे कुछ सवाल पूछना चाहता

00:29:28.240 --> 00:29:32.077
हूं। क्या क्या भारत में इसका प्रचलन है

00:29:32.160 --> 00:29:34.957
या यह नहीं है? क्या मतलब

00:29:35.040 --> 00:29:37.677
ये काफी हद तक प्रचलित है। मुझे लगता है

00:29:37.760 --> 00:29:40.717
कि कोविड के दौरान थोड़ा बदलाव आया जब

00:29:40.800 --> 00:29:45.837
शहरीकरण बहुत धीमा हो गया और वो संगठित
नहीं था। यह बहुत बनावटी तरीके से दिखाया

00:29:45.920 --> 00:29:47.117
गया।

00:29:47.200 --> 00:29:50.957
लेकिन एक सवाल पूछा जाता है कि

00:29:51.040 --> 00:29:57.357
एआई से अगर उत्पादन की बढ़ोतरी हो और

00:29:57.440 --> 00:30:00.637
मैंने आपको यूबीआई के बजाय
यूएआई के बारे में बोलते सुना है?

00:30:00.720 --> 00:30:03.597
हां। मुझे लगता है हम
यूनिवर्सल हाई इनकम वाले

00:30:03.680 --> 00:30:05.517
होंगे। मैं जानना चाहता हूं ऐसी दुनिया

00:30:05.600 --> 00:30:07.677
में क्या ज्यादातर लोग ऐसे शहरों में रहना

00:30:07.760 --> 00:30:11.597
चाहेंगे जो हमेशा इसी तरह ज्यादा प्रदूषित

00:30:11.680 --> 00:30:14.957
रहेंगे और वो वैसी जीवन शैली नहीं दे

00:30:15.040 --> 00:30:18.397
पाएंगे जो गांव के माहौल में मिल सकती है।

00:30:18.480 --> 00:30:21.437
मुझे लगता है कि इस पर निर्भर है कि कुछ

00:30:21.520 --> 00:30:23.597
लोग बहुत सारे लोगों के आसपास रहना चाहते

00:30:23.680 --> 00:30:25.917
हैं और कुछ लोग नहीं यह निजी मामला है। पर

00:30:26.000 --> 00:30:31.037
मुझे लगता है कि भविष्य में ऐसा नहीं
होगा कि आपको नौकरी के लिए शहर में रहना ही

00:30:31.120 --> 00:30:35.117
पड़ेगा। क्योंकि मेरा
अंदाजा है कि भविष्य में काम

00:30:35.200 --> 00:30:36.797
करना वैकल्पिक होगा।

00:30:36.880 --> 00:30:40.157
बिल्कुल। खैर भारत में नहीं लेकिन पश्चिम

00:30:40.240 --> 00:30:44.877
के कुछ हिस्सों में हम छ दिन से 5 दिन,
4 दिन और फिर तीन दिन के वर्क वीक की ओर बढ़

00:30:44.960 --> 00:30:49.140
रहे हैं। मैं नहीं [हंसी]

00:30:49.360 --> 00:30:52.937
मुझे लगता है यूरोपियंस। हां हां। अह

00:30:53.020 --> 00:30:54.237
[हंसी]

00:30:54.320 --> 00:30:59.197
अम हां हां क्योंकि अगर अगर आप किसी

00:30:59.280 --> 00:31:01.837
स्टार्टअप को सफल बनाने की कोशिश कर रहे

00:31:01.920 --> 00:31:05.357
हैं या आप किसी कंपनी से मुश्किल काम

00:31:05.440 --> 00:31:07.597
करवाने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको बहुत

00:31:07.680 --> 00:31:10.397
मेहनत करनी पड़ेगी। ये बिल्कुल मुझे ऐसा

00:31:10.480 --> 00:31:13.837
लगता है। और अगर हम 5 दिन से चार या फिर

00:31:13.920 --> 00:31:17.917
तीन दिन पर आ जाएं। आपको क्या लगता है
समाज कैसे बदलेगा? जब लोगों को आधे हफ्ते

00:31:18.000 --> 00:31:21.437
ही काम करना होगा तो वह
बाकी के समय क्या करेंगे?

00:31:21.520 --> 00:31:23.277
असल में ऐसा होगा कि लोगों को बिल्कुल भी

00:31:23.360 --> 00:31:26.477
काम नहीं करना पड़ेगा।

00:31:26.560 --> 00:31:28.717
हो सकता है भविष्य में वो दिन दूर ना हो।

00:31:28.800 --> 00:31:32.477
शायद सिर्फ 10 मैं तो कहूंगा 20 साल से भी

00:31:32.560 --> 00:31:34.077
कम।

00:31:34.160 --> 00:31:36.237
और मेरा अंदाजा है कि 20 साल से भी कम समय

00:31:36.320 --> 00:31:42.120
में काम करना इच्छा अनुसार हो जाएगा।

00:31:42.720 --> 00:31:46.717
एक शौक की तरह ऐसा ही कुछ।

00:31:46.800 --> 00:31:51.837
और ऐसा इसलिए होगा क्योंकि उत्पादन इतना
बढ़ जाएगा मतलब लोगों को काम ही नहीं करना

00:31:51.920 --> 00:31:55.117
पड़ेगा। उन्हें ऐसा करने
की जरूरत नहीं है। जाहिर

00:31:55.200 --> 00:31:57.677
है लोग इसे 20 साल बाद फिर से देखेंगे और

00:31:57.760 --> 00:31:59.837
कहेंगे कि देखो ईलॉन ने क्या बेवकूफी भरी

00:31:59.920 --> 00:32:02.797
बात कही और यह सच नहीं है। लेकिन यह सच

00:32:02.880 --> 00:32:07.837
होगा कि 20 साल से भी कम समय में या शायद

00:32:07.920 --> 00:32:11.357
उससे भी कम समय में शायद 10 या 15 साल में

00:32:11.440 --> 00:32:12.957
भी

00:32:13.040 --> 00:32:17.437
एआई और रोबोटिक्स में प्रगति ये

00:32:17.520 --> 00:32:20.157
ये हमें उस जगह पर ले जाएगा जहां काम करना

00:32:20.240 --> 00:32:22.637
इच्छा अनुसार होगा।

00:32:22.720 --> 00:32:25.357
ठीक वैसे ही जैसे आप अपने

00:32:25.440 --> 00:32:27.997
बगीचे में अपनी सब्जियां उगा सकते हैं या

00:32:28.080 --> 00:32:32.797
आप दुकान से सब्जियां खरीद सकते हैं।

00:32:32.880 --> 00:32:37.117
ऐसे कुछ वैसे सब्जी
उगाना मुश्किल है। [हंसी]

00:32:37.200 --> 00:32:39.117
लेकिन कुछ लोग अपनी सब्जियां खुद उगाना

00:32:39.200 --> 00:32:41.277
पसंद करते हैं जो जो ठीक है। लेकिन मेरा

00:32:41.360 --> 00:32:44.957
अंदाजा है कि यह इच्छा अनुसार ही होगा।

00:32:45.040 --> 00:32:48.397
अगर कोई कहे इंसान प्राकृतिक रूप से

00:32:48.480 --> 00:32:52.397
प्रतिस्पर्धी है और हर चीज शिकारियों के

00:32:52.480 --> 00:32:54.957
समय से संबंधित है। कोई अल्फा हंटर बनना

00:32:55.040 --> 00:32:58.397
चाहता था या बड़ा किसान अगर सबको समान रूप

00:32:58.480 --> 00:33:01.197
से ज्यादा आमदनी मिले और सबके पास जरूरत

00:33:01.280 --> 00:33:03.357
की सब चीजें हो

00:33:03.440 --> 00:33:05.997
आप किसके लिए मुकाबला करोगे?

00:33:06.080 --> 00:33:12.400
वो संबंधित होगा। है ना? जैसे अगर हम
सबके पास काफी हो तो काफी भी कम पड़ेगा।

00:33:13.600 --> 00:33:17.757
हां मतलब मतलब मुझे ठीक से पता नहीं

00:33:17.840 --> 00:33:21.597
क्योंकि हम सिंगुलरिटी की ओर बढ़ रहे हैं

00:33:21.680 --> 00:33:26.637
जिसे कभी-कभी लोग एआई भी कहते हैं जैसे एक
ब्लैक होल की तरह जैसे एक सिंगुलरिटी नहीं

00:33:26.720 --> 00:33:28.557
पता कि इवेंट होराइजन के बाद क्या होता

00:33:28.640 --> 00:33:31.117
है। मतलब यह नहीं कि कुछ बुरा होता है। बस

00:33:31.200 --> 00:33:36.680
यह नहीं पता कि क्या होता है। तो

00:33:37.120 --> 00:33:41.277
मैं यकीन के साथ कह सकता हूं कि अगर एआई
और रोबोटिक्स आगे विकसित होते रहेंगे वह

00:33:41.360 --> 00:33:43.677
अभी भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। जैसे

00:33:43.760 --> 00:33:47.837
मैंने कहा काम करना एक ऑप्शन होगा और

00:33:47.920 --> 00:33:53.160
लोगों के पास जरूरत के
सभी सामान और सेवाएं होंगी।

00:33:53.360 --> 00:33:58.520
मतलब अगर कुछ सोच सकते हो
तो उसे हासिल कर सकते हो।

00:33:58.800 --> 00:34:02.397
लेकिन फिर एक जगह पर एआई उन सभी चीजों पर

00:34:02.480 --> 00:34:07.037
हावी हो जाएगा जो इंसान सोच सकता है और

00:34:07.120 --> 00:34:11.437
फिर तब एक ऐसी स्थिति होगी जहां

00:34:11.520 --> 00:34:13.997
जहां एआई काम करेंगे। एआई और रोबोटिक्स

00:34:14.080 --> 00:34:15.917
अन्य एआई और रोबोटिक्स के लिए काम करेंगे

00:34:16.000 --> 00:34:18.477
क्योंकि अब उनके पास इंसानों को खुश करने

00:34:18.560 --> 00:34:21.437
के लिए कोई काम नहीं बचा। क्योंकि एक सीमा

00:34:21.520 --> 00:34:24.797
होती है। है ना? हम कहते हैं लोग बस इतना

00:34:24.880 --> 00:34:27.997
ही खाना खा सकते हैं या

00:34:28.080 --> 00:34:31.917
मतलब लेकिन यह होगा
मतलब अगर आप सोच सकते हैं

00:34:32.000 --> 00:34:34.317
तो आपको मिलेगा भी यही भविष्य होगा।

00:34:34.400 --> 00:34:36.557
अगर आप समय के परे जाएं तो ऑस्ट्रियन

00:34:36.640 --> 00:34:39.837
स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स वो वो एडम स्मिथ से

00:34:39.920 --> 00:34:42.717
अलग थे। वो हर चीज के अतिरिक्त लाभ के

00:34:42.800 --> 00:34:45.997
बारे में चर्चा करते हैं। एक तरह की किसी

00:34:46.080 --> 00:34:50.797
चीज की कीमत होती है। एक तरह की दो चीजों
की कम कीमत होती है और एक तरह की 10 चीजों

00:34:50.880 --> 00:34:54.957
की कोई कीमत नहीं होती। हां। हां तो अगर
हमें वो सब कुछ मिल जाए जो हम चाहते हैं

00:34:55.040 --> 00:34:56.797
जैसे दोस्त मार्शलो किसे चाहिए वो

00:34:56.880 --> 00:34:59.757
हां [हंसी]

00:34:59.840 --> 00:35:02.957
एक एक बहुत है

00:35:03.040 --> 00:35:07.277
ये एक मार्शमेलो का टेस्ट है आप कहेंगे आप
दो मार्शलो बाद में ले सकते हैं या एक अभी

00:35:07.360 --> 00:35:11.997
तो मैं कहूंगा कि मैं बस एक ही मार्शलो
लूंगा मुझे दो जा रहे हैं तो [हंसी]

00:35:12.080 --> 00:35:16.157
तो आप क्या चुनेंगे?
मैं तो कहूंगा कि बस एक मार्शमेलो काफी

00:35:16.240 --> 00:35:18.797
है। मैं मैं हमेशा यही कहता हूं कि

00:35:18.880 --> 00:35:23.757
मार्शमेलो सबसे अच्छी कैंडी
नहीं है। बिल्कुल [हंसी]

00:35:23.840 --> 00:35:28.077
मुझे मार्शमेलो खाने की इच्छा ही नहीं
होती। मुझे लगता है आप सबसे [हंसी]

00:35:28.160 --> 00:35:33.997
कौन करता है? मैं आपको बताऊं आप मार्शमेलो
परीक्षा का सबसे बड़ा सबूत हो। मुझे लगता है

00:35:34.080 --> 00:35:37.437
हां शायद। मुझे असल में मुझे असल
में देर से मिलने वाली खुशी पसंद है।

00:35:37.520 --> 00:35:41.677
हां। दूसरों के मुकाबले इसे आप और डिले कर
सकते हैं। मेरा एक टैटू है। डिलेड ग्रेट।

00:35:41.760 --> 00:35:43.757
अरे [हंसी] वाह ये आप मार्शलो का टेस्ट

00:35:43.840 --> 00:35:47.677
काफी सख्त तरीके से ले रहे हैं।

00:35:47.760 --> 00:35:51.117
लगता है जैसे याद ही नहीं है। जब मैं
ट्रेडिंग या खरीदारी करता हूं। खुशी में

00:35:51.200 --> 00:35:54.797
देरी करे। हां हां। ये मदद
करता है। वाह। अच्छा। ये ये

00:35:54.880 --> 00:36:00.270
और ये मेरी ओर इशारा कर रहा है
तो ये मुझे याद दिलाता है। [हंसी]

00:36:01.280 --> 00:36:04.557
ठीक है। ठीक है। ये अच्छी सलाह
है। आप इससे चूक नहीं सकते हैं।

00:36:04.640 --> 00:36:06.877
अगर आपको [हंसी]

00:36:06.960 --> 00:36:10.157
अगर आपको टैटू बनाना हो तो वो क्या होगा?

00:36:10.240 --> 00:36:14.237
शायद अपने बच्चों के
नाम या ऐसा कुछ बिल्कुल।

00:36:14.320 --> 00:36:17.917
आपको ये अक्षर एक्स इतना
ज्यादा क्यों पसंद है?

00:36:18.000 --> 00:36:21.890
खैर [हंसी]

00:36:23.920 --> 00:36:27.197
मतलब ये ये एक बहुत अच्छा सवाल है। सच में

00:36:27.280 --> 00:36:33.680
कभी-कभी लगता है कि मैं
मैं ऐसा क्यों हूं [हंसी]

00:36:37.280 --> 00:36:39.597
तो

00:36:39.680 --> 00:36:44.317
ये शायद शुरू हुआ अ काफी समय पहले [हंसी]

00:36:44.400 --> 00:36:49.437
आदम के जमाने में 99 में। हा प्री प्री

00:36:49.520 --> 00:36:55.997
कैंब्रियन युग में जब केवल स्पंज थे अह

00:36:56.080 --> 00:36:59.917
सिर्फ तीन एक अक्षर वाले डोमेन नाम थे जो

00:37:00.000 --> 00:37:03.757
शायद एक्स क्यू और जेड थे और

00:37:03.840 --> 00:37:09.277
मुझे लगा कि मुझे ऐसी जगह बनानी है जहां

00:37:09.360 --> 00:37:16.120
फाइनेंसियल क्रॉस रोड या
फाइनेंशियल एक्सचेंज हो। मतलब अह

00:37:16.240 --> 00:37:19.357
ये इंफॉर्मेशन थिअरी के नजरिए से पैसे की

00:37:19.440 --> 00:37:22.237
समस्या ठीक कर रहा है। जहां मौजूद बैंकिंग

00:37:22.320 --> 00:37:25.037
सिस्टम एक बड़ी संख्या में ah अब बैच

00:37:25.120 --> 00:37:27.997
प्रोसेसिंग वाले अलग-अलग तरह के डेटाबेस

00:37:28.080 --> 00:37:31.197
हैं जो सुरक्षित नहीं है। और

00:37:31.280 --> 00:37:36.360
अगर हमारे पास एक अकेला ऐसा

00:37:36.560 --> 00:37:42.717
डेटाबेस हो जो असली और और सुरक्षित हो। यह

00:37:42.800 --> 00:37:45.197
यह इंफॉर्मेशन थ्यरी के नजरिए से ज्यादा

00:37:45.280 --> 00:37:47.917
असरदार होगा।

00:37:48.000 --> 00:37:49.917
बड़ी संख्या में अलग-अलग डेटाबेस के

00:37:50.000 --> 00:37:52.797
मुकाबले जहां बैच प्रोसेस बहुत धीरे और

00:37:52.880 --> 00:37:57.517
सुरक्षित रूप से होता है। तो

00:37:57.600 --> 00:38:03.757
उस समय वो x.com था जो फिर

00:38:03.840 --> 00:38:10.440
paypal बन गया। फिर उसे

00:38:10.880 --> 00:38:15.117
ईबे ने खरीद लिया और फिर ईबे की तरफ से
किसी ने कहा कि क्या आप यह डोमेन वापस

00:38:15.200 --> 00:38:21.880
खरीदना चाहेंगे? तो मैंने कहा हां और
फिर काफी समय तक मेरे पास वो डोमेन रहा

00:38:22.480 --> 00:38:25.517
और फिर

00:38:25.600 --> 00:38:30.157
और फिर हां मुझे लगा कि शायद ये ये

00:38:30.240 --> 00:38:33.837
Twitter को खरीदना x.com की पहली योजना पर

00:38:33.920 --> 00:38:39.437
फिर से सोचने का भी एक मौका होगा। जिसका

00:38:39.520 --> 00:38:42.477
जिसका मकसद

00:38:42.560 --> 00:38:45.517
आर्थिक सौदे का

00:38:45.600 --> 00:38:48.317
क्लियरिंग हाउस बनाना है। असल में एक

00:38:48.400 --> 00:38:50.317
ज्यादा कुशल

00:38:50.400 --> 00:38:55.197
धन डेटाबेस बनाना ऐसा सोच सकते हैं। तो अब

00:38:55.280 --> 00:38:58.637
पैसा असल में काम के बंटवारे की

00:38:58.720 --> 00:39:02.237
एक सूचना व्यवस्था है। लोग कभी-कभी सोचते

00:39:02.320 --> 00:39:06.717
हैं कि पैसा अपने आप में एक ताकत है। पर
ऐसा नहीं है। अगर बांटने के लिए काम ही

00:39:06.800 --> 00:39:09.197
नहीं है तो यह बेकार है। तो अगर आप किसी

00:39:09.280 --> 00:39:13.037
सुनसान द्वीप पर हो आपके पास एक ट्रिलियन

00:39:13.120 --> 00:39:17.277
डॉलर हो सकता हां [हंसी] सच बोल सकते हो

00:39:17.360 --> 00:39:21.080
तो अंदाजा क्यों लगाना

00:39:21.300 --> 00:39:22.637
[हंसी]

00:39:22.720 --> 00:39:24.557
बस मैं किसी सुनसान द्वीप पर ना पहुंच

00:39:24.640 --> 00:39:29.037
जाऊं ये मेरे लिए ज्यादा काम नहीं आएगा

00:39:29.120 --> 00:39:33.997
लेकिन ये मेरी बात को स्पष्ट करता है कि
कि अगर आप एक सुनसान द्वीप पर एक ट्रिलियन

00:39:34.080 --> 00:39:35.917
डॉलर के साथ फंसे हैं तो वह किसी काम के

00:39:36.000 --> 00:39:39.277
नहीं है क्योंकि कार्य किस इसको बांटा जाए

00:39:39.360 --> 00:39:44.200
पता नहीं आप बस अपने आप में ही हो तो

00:39:44.400 --> 00:39:45.997
तो

00:39:46.080 --> 00:39:48.797
वैसे भी ये कहने का एक लंबा चौड़ा तरीका

00:39:48.880 --> 00:39:51.837
है कि ये

00:39:51.920 --> 00:39:54.077
कि ये

00:39:54.160 --> 00:39:57.757
कि ये मैं धीरे-धीरे उस विचार को दोबारा

00:39:57.840 --> 00:40:00.477
सोच रहा हूं जो मेरे पास 25 साल पहले था

00:40:00.560 --> 00:40:05.160
ताकि मैं एक ज्यादा कुशल

00:40:06.160 --> 00:40:09.520
संपत्ति डेटाबेस बना सकूं।

00:40:09.760 --> 00:40:11.597
और अगर ये सफल रहा तो लोग इस्तेमाल

00:40:11.680 --> 00:40:15.517
करेंगे। अगर नहीं हुआ तो नहीं करेंगे।

00:40:15.600 --> 00:40:20.077
और फिर मुझे एक यूनिफाइड ऐप या

00:40:20.160 --> 00:40:24.557
वेबसाइट का विचार भी काफी पसंद है। जहां

00:40:24.640 --> 00:40:29.437
जहां आप जो चाहे कर सकते हैं। तो

00:40:29.520 --> 00:40:31.517
चीन में वीchaat के साथ ऐसा ही कुछ हुआ।

00:40:31.600 --> 00:40:35.437
जहां आप जानकारी का आदान-प्रदान कर सकते

00:40:35.520 --> 00:40:42.280
हैं। आप जानकारी प्रकाशित कर सकते
हैं। पैसों का लेनदेन कर सकते हैं।

00:40:42.560 --> 00:40:45.677
चीन में लोग वीट पर अपनी जिंदगी जीते हैं।

00:40:45.760 --> 00:40:49.837
और ये ये काफी उपयोगी है। पर चीन के बाहर

00:40:49.920 --> 00:40:54.557
ऐसा कोई वीट नहीं है। तो ये ये एक तरह से

00:40:54.640 --> 00:40:57.357
VCAT प्लस प्लस है और मैं कहूंगा कि ये X

00:40:57.440 --> 00:40:59.997
के लिए एक योजना है। खैर तो

00:41:00.080 --> 00:41:02.317
कंपनी का पूरा नाम स्पेस एक्सप्लोरेशन

00:41:02.400 --> 00:41:04.557
टेक्नोलॉजीस है। लेकिन मुझे लगा कि यह

00:41:04.640 --> 00:41:07.357
बहुत बड़ा नाम है। तो हम इसे स्पेस एक्स

00:41:07.440 --> 00:41:11.357
कहेंगे जैसे अंतरिक्ष के लिए फेड एक्स

00:41:11.440 --> 00:41:14.637
तो इसमें एक्स है क्योंकि

00:41:14.720 --> 00:41:17.597
एक्सप्लोरेशन में भी एक्स होता है और मुझे

00:41:17.680 --> 00:41:20.077
लगा कि हां मुझे एक्स का कलात्मक रूप से

00:41:20.160 --> 00:41:25.117
भी लाभ उठाना पसंद है। तो इसीलिए यह स्पेस

00:41:25.200 --> 00:41:28.637
एक्स है। लेकिन और फिर और क्या है? मेरा

00:41:28.720 --> 00:41:31.277
एक बच्चा है।

00:41:31.360 --> 00:41:35.037
उसका नाम एक्स2 [हंसी] है। लेकिन उसकी मां

00:41:35.120 --> 00:41:38.157
ने ही उसका नाम एक्स रखा। अच्छा [हंसी]

00:41:38.240 --> 00:41:40.077
और मैंने कहा कि लोग सोचेंगे मुझे एक्स से

00:41:40.160 --> 00:41:42.557
बहुत लगाव है। अगर बच्चे का नाम x टू रख

00:41:42.640 --> 00:41:45.917
लेंगे तो मतलब और मैंने उससे कहा कि देखो

00:41:46.000 --> 00:41:50.040
मेरे पास एक्स.com है। [हंसी]

00:41:50.240 --> 00:41:52.877
तो लोग सच में सोचेंगे कि मुझे इस अक्षर

00:41:52.960 --> 00:41:58.397
से बहुत ही लगाव है। तो उसने कहा कि उसे
एक्स नाम पसंद है और उसे वही बुलाना चाहती

00:41:58.480 --> 00:42:01.597
है। तो मैंने कहा ठीक है। क्या
यह कोई नई बात है या यह बचपन से ही

00:42:01.680 --> 00:42:04.717
था। नहीं [हंसी] मैं बता रहा हूं कि ये

00:42:04.800 --> 00:42:08.317
कुछ हद तक एक इत्तेफाक है।

00:42:08.400 --> 00:42:10.237
मतलब हर चीज में एक्स नहीं है। मेरा मतलब

00:42:10.320 --> 00:42:14.157
टेस्ला में एक्स नहीं है।

00:42:14.240 --> 00:42:16.717
हम क्या लगता है कि भविष्य में पैसे का

00:42:16.800 --> 00:42:19.197
क्या होगा ईलॉन?

00:42:19.280 --> 00:42:23.997
मैं मुझे लगता है लंबे समय के लिए

00:42:24.080 --> 00:42:27.437
पैसा गायब हो जाता है। एक धारणा के तौर पर

00:42:27.520 --> 00:42:31.437
सच कहूं तो ये थोड़ा अजीब है लेकिन

00:42:31.520 --> 00:42:33.517
ऐसे भविष्य में जहां कोई भी कुछ भी पा

00:42:33.600 --> 00:42:35.757
सकता है।

00:42:35.840 --> 00:42:39.437
मुझे लगता है कि अब आपको लेबर लेबर

00:42:39.520 --> 00:42:43.117
एलोकेशन के डेटाबेस के लिए पैसों की जरूरत

00:42:43.200 --> 00:42:45.357
नहीं है। अगर एआई और रोबोटिक्स इतने

00:42:45.440 --> 00:42:47.997
विकसित हैं कि सभी जरूरतें पूरी हो जाए तो

00:42:48.080 --> 00:42:52.397
तो फिर पैसों की कोई जरूरत नहीं है। इसकी

00:42:52.480 --> 00:42:55.117
अहमियत बहुत कम हो जाती है। मुझे नहीं

00:42:55.200 --> 00:42:58.477
लगता कि ये हमारे पास होगा। तो

00:42:58.560 --> 00:43:00.877
इस भविष्य की

00:43:00.960 --> 00:43:04.477
सबसे अच्छी कल्पना जो मैंने पढ़ी है

00:43:04.560 --> 00:43:08.237
इन बैंक्स की द कल्चर इसलिए मैं लोगों से

00:43:08.320 --> 00:43:10.557
कहता हूं कि वो द कल्चर किताबें पढ़ें इस

00:43:10.640 --> 00:43:14.557
तरह का भविष्य जो द कल्चर किताबों में है

00:43:14.640 --> 00:43:18.077
उनमें उनके पास भी पैसे नहीं है

00:43:18.160 --> 00:43:23.037
और हर कोई लगभग हर चीज पा सकता है तो

00:43:23.120 --> 00:43:27.037
तो अभी भी कुछ मूल मुद्रा है अगर आप चाहें

00:43:27.120 --> 00:43:30.717
जो जो असल में फिजिक्स बेस बेस्ड है। तो

00:43:30.800 --> 00:43:34.717
एनर्जी एक एनर्जी ही असली मुद्रा है।

00:43:34.800 --> 00:43:36.557
इसलिए मैंने कहा कि बिटकॉइन एनर्जी पर

00:43:36.640 --> 00:43:39.197
आधारित है। आप एनर्जी पर कानून नहीं बना

00:43:39.280 --> 00:43:43.437
सकते। आप बस एक एक कानून बनाकर अचानक बहुत

00:43:43.520 --> 00:43:45.837
ज्यादा एनर्जी

00:43:45.920 --> 00:43:48.957
नहीं हासिल कर सकते। एनर्जी उत्पन्न करना

00:43:49.040 --> 00:43:52.957
मुश्किल है। बहुत मुश्किल है। खासतौर
पर एनर्जी का सही तरीके से इस्तेमाल करके

00:43:53.040 --> 00:43:59.117
उपयोग करने के लिए। तो मुझे
लगता है कि शायद हमारे पास

00:43:59.200 --> 00:44:02.397
पैसे नहीं होंगे और शायद सिर्फ एनर्जी

00:44:02.480 --> 00:44:05.357
होगी और

00:44:05.440 --> 00:44:11.037
बिजली उत्पादन ही वास्तविक मुद्रा होगी।

00:44:11.120 --> 00:44:13.197
तो

00:44:13.280 --> 00:44:15.757
मुझे लगता है कि सभ्यता की प्रगति को रचने

00:44:15.840 --> 00:44:19.437
का एक तरीका यह है कि कारदाशिव स्केल पर

00:44:19.520 --> 00:44:23.197
पूरा होने का प्रतिशत। तो कारदा शिव वन वह

00:44:23.280 --> 00:44:26.637
है कि किस ग्रह की कितनी प्रतिशत ऊर्जा को

00:44:26.720 --> 00:44:29.357
आप सफलतापूर्वक उपयोगी काम में बदल रहे

00:44:29.440 --> 00:44:32.797
हैं। और मैं शायद यहां थोड़ा विवरण दे रहा

00:44:32.880 --> 00:44:35.037
हूं। लेकिन कारद शेफ दो वो होगा कि कितने

00:44:35.120 --> 00:44:37.597
प्रतिशत सूरज की ऊर्जा को आप उपयोगी काम

00:44:37.680 --> 00:44:40.077
में बदल रहे हैं।

00:44:40.160 --> 00:44:42.717
कारद शेफ तीन वो होगा कि कितने प्रतिशत

00:44:42.800 --> 00:44:48.280
गैलेक्सी का हिस्सा आप
उपयोगी काम में बदल रहे हैं।

00:44:49.040 --> 00:44:53.837
तो मुझे लगता है कि असल में
चीजें ऊर्जा आधारित बन रही है।

00:44:53.920 --> 00:44:58.397
लेकिन अगर आपके पास सोलर पावर एआई
सैटेलाइट है तो ऊर्जा भी मुफ्त और भरपूर

00:44:58.480 --> 00:45:00.637
है। क्योंकि हम कभी भी अपने पास मौजूद

00:45:00.720 --> 00:45:02.717
पूरे सोलर एनर्जी का इस्तेमाल नहीं कर

00:45:02.800 --> 00:45:05.917
पाएंगे। तो असल में इस मायने में यह दौलत

00:45:06.000 --> 00:45:10.077
का भंडार नहीं हो सकता। है ना?

00:45:10.160 --> 00:45:17.160
असल में ऐसा नहीं है। आप सच में
दौलत जमा नहीं कर सकते। आप केवल

00:45:19.840 --> 00:45:23.677
आप संख्या जमा करके इस समय आप एक ऐसे

00:45:23.760 --> 00:45:26.797
डेटाबेस में संख्या

00:45:26.880 --> 00:45:32.840
जमा कर सकते हैं जो आपको अ

00:45:33.120 --> 00:45:35.117
दूसरे इंसानों के व्यवहार को खास दिशाओं

00:45:35.200 --> 00:45:36.637
में प्रेरित करने में मदद करें।

00:45:36.720 --> 00:45:40.397
हां। और लोग इसे ही दौलत कहते हैं।

00:45:40.480 --> 00:45:45.037
लेकिन फिर अगर आसपास कोई इंसान नहीं
है तो दौलत इकट्ठा करना बेकार है।

00:45:45.120 --> 00:45:50.237
ये मुद्दे से हटने जैसा है। लेकिन अगर आप
ये मानो कि खाना जैसे इंसान की ऊर्जा के

00:45:50.320 --> 00:45:54.397
लिए जरूरी होता है। है ना?
हां। खाना ऊर्जा है। इसमें कैलोरीज है।

00:45:54.480 --> 00:45:55.677
मतलब ऊर्जा है। हां।

00:45:55.760 --> 00:46:01.997
तो क्या एक खेत जो आत्मनिर्भर है?
एक ऐसी चीज हो सकती है जो

00:46:02.080 --> 00:46:06.557
अम मुझे पक्का नहीं पता इसका क्या मतलब है

00:46:06.640 --> 00:46:08.877
लेकिन मुझे लगता है

00:46:08.960 --> 00:46:14.237
अ एक खास जगह पर आप इस चक्कर को पूरा करते

00:46:14.320 --> 00:46:17.677
हैं जहां और

00:46:17.760 --> 00:46:21.757
एक जगह पर आप पारंपरिक अर्थव्यवस्था से

00:46:21.840 --> 00:46:26.557
अलग हो जाते हैं अगर आपके पास

00:46:26.640 --> 00:46:30.557
एआई और रोबॉट है जो चिप्स और

00:46:30.640 --> 00:46:33.917
सोलर पैनल बनाते हैं।

00:46:34.000 --> 00:46:35.437
और

00:46:35.520 --> 00:46:38.157
चिप चिप्स और रोबॉट बनाने के लिए माइनिंग

00:46:38.240 --> 00:46:43.037
रिसोर्सेज ताकि एक तरह से उस सिलसिले को

00:46:43.120 --> 00:46:45.917
पूरा कर सकूं। एक बार वो सिलसिला पूरा हो

00:46:46.000 --> 00:46:49.517
जाए तो मुझे लगता है कि

00:46:49.600 --> 00:46:53.277
यही वो जगह है जहां आप मुद्रा
प्रणाली से अलग हो जाते हैं।

00:46:53.360 --> 00:46:56.077
क्या यही यूएस के लिए आगे का रास्ता है?

00:46:56.160 --> 00:46:59.037
मेरा मतलब है कि

00:46:59.120 --> 00:47:02.397
आज उन पर कितना कर्ज है उस हिसाब से क्या

00:47:02.480 --> 00:47:05.197
वह अपनी मुद्रा का मूल्य गिराते हैं और इस

00:47:05.280 --> 00:47:09.837
पूरे परिवर्तन का नेतृत्व भी करते हैं
क्योंकि ये उनके लिए ज्यादा फायदेमंद

00:47:09.920 --> 00:47:10.317
होगा।

00:47:10.400 --> 00:47:12.957
जिस भविष्य की मैं बात कर रहा हूं देशों

00:47:13.040 --> 00:47:18.317
की सोच एक तरह से पुरानी हो जाती है।

00:47:18.400 --> 00:47:21.197
क्या आज आप इसे मानते हो? क्या हां मैं

00:47:21.280 --> 00:47:24.557
बिल्कुल मानता हूं और मैं बस कुछ अलग करना

00:47:24.640 --> 00:47:27.677
चाहता हूं जो मैं ये बस वही है जो लगता है

00:47:27.760 --> 00:47:31.997
उसके आधार पर होगा जो मैं देख रहा हूं
इसके विपरीत मुझे लगता है ये मूल रूप से

00:47:32.080 --> 00:47:35.997
अच्छी चीज है और मैं उन्हें पूरा करने की
कोशिश कर रहा हूं लगता है कि ये ये मेरे

00:47:36.080 --> 00:47:38.877
साथ होगा या मेरे बिना होगा चाहे मुझे

00:47:38.960 --> 00:47:41.277
पसंद हो या ना हो

00:47:41.360 --> 00:47:44.957
जब तक सभ्यता आगे बढ़ती रहेगी

00:47:45.040 --> 00:47:50.600
हमारे पास बहुत बड़े पैमाने
पर एआई और रोबोटिक्स होंगे

00:47:53.600 --> 00:47:57.997
मुझे लगता है कि बस यही एक चीज है जिससे

00:47:58.080 --> 00:48:00.957
यूएस के कर्जे का संकट हल होगा। क्योंकि

00:48:01.040 --> 00:48:05.837
अभी यूएस का कर्ज बहुत ज्यादा है और

00:48:05.920 --> 00:48:07.917
कर्ज पर ब्याज भुगतान अमेरिका के पूरे

00:48:08.000 --> 00:48:09.917
मिलिट्री बजट से बहुत ज्यादा है। सिर्फ

00:48:10.000 --> 00:48:13.677
ब्याज भुगतान और ये और और यह कम से कम

00:48:13.760 --> 00:48:17.677
शॉर्ट टर्म में बढ़ता रहेगा। तो मुझे लगता

00:48:17.760 --> 00:48:21.197
है असल में एकमात्र चीज जो कर्ज की स्थिति

00:48:21.280 --> 00:48:24.397
को हल कर सकता है वो एआई और रोबोटिक्स

00:48:24.480 --> 00:48:27.037
लेकिन ये इससे

00:48:27.120 --> 00:48:29.997
कई ज्यादा होगा। देखिए मुझे लगता है कि

00:48:30.080 --> 00:48:34.920
इससे शायद काफी डिफ्लेशन होगा क्योंकि

00:48:35.120 --> 00:48:37.277
डिफ्लेशन या इन्फ्लेशन असल में उत्पादित

00:48:37.360 --> 00:48:41.437
सामान और सेवाओं का रेश्यो है और पैसों की

00:48:41.520 --> 00:48:45.597
आपूर्ति में बदलाव है। तो अगर सामान
और सेवाओं का उत्पादन तेजी से पैसों की

00:48:45.680 --> 00:48:48.077
आपूर्ति बढ़ाता है। आपको डिफ्लेशन होगा।

00:48:48.160 --> 00:48:52.077
अगर सामान और अगर असली सामान और सेवा का

00:48:52.160 --> 00:48:54.957
उत्पादन पैसे की आपूर्ति से धीमा बढ़ा है

00:48:55.040 --> 00:48:57.517
तो महंगाई होती है। ये इतना आसान है। लोग

00:48:57.600 --> 00:48:59.757
कभी-कभी ज्यादा मुश्किल बनाते हैं लेकिन

00:48:59.840 --> 00:49:04.317
असल में ऐसा होता नहीं है। तो तो अगर आपके

00:49:04.400 --> 00:49:06.957
पास एआर रोबोटिक्स है और सामान और सेवाओं

00:49:07.040 --> 00:49:08.797
के उत्पादन में काफी वृद्धि हुई है। शायद

00:49:08.880 --> 00:49:13.197
आपको डिफ्लेशन होगा। ऐसा लगता तो है।

00:49:13.280 --> 00:49:17.997
क्योंकि आप पैसे की आपूर्ति को नहीं बढ़ा
पाएंगे। जितनी तेजी से आप सामान और सेवाओं

00:49:18.080 --> 00:49:20.557
का उत्पादन बढ़ा सकते हैं। तो क्या सब भी

00:49:20.640 --> 00:49:22.957
यह मक्खी जान [हंसी] ले रही है।

00:49:23.040 --> 00:49:26.237
क्या हमें इस बारे में कुछ करना चाहिए?

00:49:26.320 --> 00:49:31.117
हां हम इसे कहते हैं कि कहीं और
जाए। हां। [हंसी] इसे कहीं और ले जाओ।

00:49:31.200 --> 00:49:37.720
मुझे लगता है वो चली गई। हां
अच्छा। अरे ये वापस आ गई। [हंसी]

00:49:38.160 --> 00:49:42.317
शायद ये रोशनी की ओर आकर्षित
हुई है। अगर डिफ्लेशन अगर

00:49:42.400 --> 00:49:47.680
शायद उसे कॉफी चाहिए।
[हंसी] मेरी खत्म हो गई है।

00:49:48.240 --> 00:49:52.477
अगर डिफ्लेशन होना ही है
एआई की वजह से तो हमारे

00:49:52.560 --> 00:49:54.477
होने की संभावना है। हां।

00:49:54.560 --> 00:49:57.837
अच्छा आज समाज में फिर से हर जगह इतनी

00:49:57.920 --> 00:50:00.797
महंगाई क्यों है? क्या एआई उत्पादन बढ़ाने

00:50:00.880 --> 00:50:03.357
में अब तक सक्षम नहीं हुई है?

00:50:03.440 --> 00:50:05.917
एआई ने अभी तक उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं

00:50:06.000 --> 00:50:09.037
डाला है। पैसे की आपूर्ति में बढ़ोतरी की

00:50:09.120 --> 00:50:10.637
तुलना में सामान और सेवाओं में तेजी से

00:50:10.720 --> 00:50:14.637
बढ़ोतरी हो तो यूएस पैसों की आपूर्ति काफी

00:50:14.720 --> 00:50:18.797
बढ़ा रहा है। काफी ज्यादा जिसमें

00:50:18.880 --> 00:50:21.757
घाटा लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर्स के करीब है।

00:50:21.840 --> 00:50:26.600
तो आपको

00:50:27.120 --> 00:50:29.197
सामान और सेवाओं का उत्पादन उससे ज्यादा

00:50:29.280 --> 00:50:31.997
बढ़ाना होगा ताकि महंगाई ना हो। तो हम अभी

00:50:32.080 --> 00:50:34.717
वहां नहीं पहुंचे हैं। अगर आप कहें कि

00:50:34.800 --> 00:50:36.237
हमें वहां पहुंचने के लिए कितना समय

00:50:36.320 --> 00:50:39.837
लगेगा? तो मैं कहूंगा 3 साल। शायद 3 साल

00:50:39.920 --> 00:50:44.557
से पहले 3 साल या शायद उससे पहले

00:50:44.640 --> 00:50:46.477
मेरा अंदाजा है कि सामान और सेवाओं का

00:50:46.560 --> 00:50:48.957
उत्पादन महंगाई की गति से ज्यादा होगा।

00:50:49.040 --> 00:50:54.077
मतलब तीन सालों में सामान और सेवाओं
का विकास पैसों की आपूर्ति के विकास से

00:50:54.160 --> 00:50:55.517
ज्यादा होगा।

00:50:55.600 --> 00:50:58.717
शायद उन तीन सालों के बाद डिफ्लेशन हो

00:50:58.800 --> 00:51:03.997
जाए। फिर ब्याज का मूल्य शून्य हो जाए और
फिर कर्ज की कोई समस्या ही ना रहे। हां।

00:51:04.080 --> 00:51:08.557
है ना? ज्यादातर यही बात है। हां।

00:51:08.640 --> 00:51:12.877
आपने पहले सिमुलेशन में होने की बात की
थी। है ना? मुझे द मैट्रिक्स बहुत पसंद है।

00:51:12.960 --> 00:51:17.757
हां। हां। मैट्रिक्स का कोई किरदार
बनना हो तो आप कौन सा किरदार चुनेंगे?

00:51:17.840 --> 00:51:19.597
सच कहूं तो चुनने के लिए ज्यादा किरदार

00:51:19.680 --> 00:51:22.157
नहीं है।

00:51:22.240 --> 00:51:25.917
पर एजेंट स्मिथ तो पक्का नहीं [हंसी] है।

00:51:26.000 --> 00:51:29.880
वो मेरा हीरो है।

00:51:30.560 --> 00:51:33.117
मेरा मतलब है नियो बहुत शांत है।

00:51:33.200 --> 00:51:35.917
आर्किटेक्ट दिलचस्प है।

00:51:36.000 --> 00:51:40.557
द ओरेकल ओरेकल भी है।

00:51:40.640 --> 00:51:45.917
कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं द मैट्रिक्स
में एक अनोखी चीज हूं। वो नियो है।

00:51:46.000 --> 00:51:49.517
हां। क्या आपको लगता है
कि आप एक मैट्रिक्स में

00:51:49.600 --> 00:51:52.637
हैं? इसमें विश्वास रखते हैं?

00:51:52.720 --> 00:51:55.757
इन इन चीजों को निश्चितता नहीं बल्कि

00:51:55.840 --> 00:51:58.637
संभावना के रूप में देखना चाहिए। कुछ

00:51:58.720 --> 00:52:05.320
संभावना है कि हम एक सिमुलेशन में
है। आप इसे कितना प्रतिशत मानेंगे?

00:52:08.800 --> 00:52:11.197
शायद बहुत ज्यादा। मैं
कहूंगा यह बहुत ज्यादा है।

00:52:11.280 --> 00:52:15.037
हां। हां। तो इसे सोचने का एक तरीका यह है

00:52:15.120 --> 00:52:18.877
कि अगर आप वीडियो गेम्स की तरक्की देखें।

00:52:18.960 --> 00:52:21.277
हमारे जीवन काल में या कम से कम मेरे जीवन

00:52:21.360 --> 00:52:25.197
काल में ये बहुत सरल वीडियो गेम्स जैसे

00:52:25.280 --> 00:52:26.957
पोंग में आपके पास एक चौकोर में दो

00:52:27.040 --> 00:52:32.637
रेक्टेंगल है बस इसे आगे पीछे करना आज

00:52:32.720 --> 00:52:37.277
फोटो रियलिस्टिक रियल टाइम गेम्स हैं

00:52:37.360 --> 00:52:42.957
जहां लाखों लोग एक साथ खेल रहे हैं हम

00:52:43.040 --> 00:52:47.677
और ये सिर्फ 50 साल के समय में हुआ है तो

00:52:47.760 --> 00:52:52.077
अगर अगर यह दौर जारी रहा तो वीडियो गेम्स
और वास्तविकता में कोई फर्क नहीं रहेगा।

00:52:52.160 --> 00:52:54.077
बिल्कुल।

00:52:54.160 --> 00:52:58.077
और हमारे पास बहुत होशियार किरदार भी

00:52:58.160 --> 00:53:00.557
होंगे। जैसे वीडियो गेम्स के गैर खिलाड़ी

00:53:00.640 --> 00:53:03.277
किरदार। जस्ट सोचो जैसे आज आप एआई से

00:53:03.360 --> 00:53:05.277
कितनी प्रगतिशील बातचीत कर सकते हैं। और

00:53:05.360 --> 00:53:09.597
ये तो और भी प्रगतिशील होता जाएगा। आप और

00:53:09.680 --> 00:53:12.077
भी जटिल और

00:53:12.160 --> 00:53:14.557
प्रगतिशील बातचीत

00:53:14.640 --> 00:53:17.517
कर पाओगे। मतलब

00:53:17.600 --> 00:53:20.877
किसी भी लगभग किसी भी मानवीय बातचीत से

00:53:20.960 --> 00:53:25.917
शायद शायद शायद किसी भी तो फिर

00:53:26.000 --> 00:53:31.037
तो भविष्य में अगर संस्कृति चलती रही तो अ

00:53:31.120 --> 00:53:35.277
करोड़ों शायद अरबों अ

00:53:35.360 --> 00:53:37.757
ऐसे वीडियो गेम्स जो बिल्कुल हकीकत जैसे

00:53:37.840 --> 00:53:41.917
दिखेंगे और उन वीडियो गेम्स के जो किरदार

00:53:42.000 --> 00:53:45.400
होंगे वो

00:53:45.520 --> 00:53:48.237
वो बहुत गंभीर होंगे। होंगे और और जहां

00:53:48.320 --> 00:53:54.440
संवाद से पहले पहले ही
प्रोग्राम नहीं किया होगा।

00:53:54.960 --> 00:53:58.637
यह तय है कि ऐसा ही होगा। इस सिमुलेशन की

00:53:58.720 --> 00:54:02.957
इस सतह पर तो फिर क्या संभावना है कि हम

00:54:03.040 --> 00:54:07.757
बुनियादी हकीकत में ही हैं। और यह यह पहले

00:54:07.840 --> 00:54:11.357
कभी नहीं हुआ।

00:54:11.440 --> 00:54:14.717
अगर मैं इसे मान लूं और सोच लूं कि हम एक

00:54:14.800 --> 00:54:17.357
सिमुलेशन में हैं।

00:54:17.440 --> 00:54:20.397
कहानी के नियो की तरह आप ऐसा क्या जानते

00:54:20.480 --> 00:54:22.317
हैं जो मैं नहीं जानता और मैं उसे क्या

00:54:22.400 --> 00:54:26.957
सीख सकता हूं? मुझे लगता है शायद सिमुलेशन

00:54:27.040 --> 00:54:29.357
सिमुलेशन के बाहर होना सिमुलेशन के अंदर

00:54:29.440 --> 00:54:31.197
होने से कम दिलचस्प होगा क्योंकि आप शायद

00:54:31.280 --> 00:54:35.437
दिलचस्प चीजों का एक निचोड़ हो क्योंकि हम

00:54:35.520 --> 00:54:37.837
यहां यही करते हैं असलियत में भी हम यही

00:54:37.920 --> 00:54:42.397
करते हैं और और फिर

00:54:42.480 --> 00:54:44.797
और मेरा एक और सिद्धांत है कि सबसे

00:54:44.880 --> 00:54:48.477
दिलचस्प नतीजा सबसे ज्यादा संभावित नतीजा

00:54:48.560 --> 00:54:52.797
होता है एक तीसरा नजरिया यानी सिमिुलेशन

00:54:52.880 --> 00:54:57.320
के भगवान या देवता की नजर में

00:54:57.760 --> 00:55:01.197
क्योंकि जब हम सिमुलेशन करते हैं जब इंसान

00:55:01.280 --> 00:55:04.797
सिमुलेशन करते हैं हम उन सिमुलेशन को रोक

00:55:04.880 --> 00:55:07.517
देते हैं जो दिलचस्प नहीं है।

00:55:07.600 --> 00:55:10.797
तो अगर Spcex रॉकेट उड़ाने का सिमुलेशन कर

00:55:10.880 --> 00:55:14.557
रहा है तो तो

00:55:14.640 --> 00:55:17.757
बोरिंग वाले हम

00:55:17.840 --> 00:55:19.437
छोड़ देते हैं क्योंकि हम उनसे कुछ नहीं

00:55:19.520 --> 00:55:21.917
सीखते या

00:55:22.000 --> 00:55:24.797
जब टेस्ला सेल्फ ड्राइविंग के लिए

00:55:24.880 --> 00:55:29.197
सिमुलेशन करते हैं तो टेस्ला असल में सबसे

00:55:29.280 --> 00:55:31.837
दिलचस्प परिस्थिति की तलाश में है क्योंकि

00:55:31.920 --> 00:55:35.517
सामान्य चीजों के लिए हमारे पास

00:55:35.600 --> 00:55:40.077
पहले से ही बहुत सारा डाटा
डाटा है। जैसे धूप वाले दिन

00:55:40.160 --> 00:55:42.477
सीधी सड़क पर गाड़ी चलाते समय हमें इसकी

00:55:42.560 --> 00:55:44.877
और जरूरत नहीं है। हमें एक छोटी घुमावदार

00:55:44.960 --> 00:55:48.637
सड़क पर भारी मौसम की जरूरत है। जहां दो

00:55:48.720 --> 00:55:50.237
गाड़ियां एक दूसरे की तरफ आ रही हो और

00:55:50.320 --> 00:55:52.877
लगभग आमने-सामने की टक्कर हो रही हो। मतलब

00:55:52.960 --> 00:55:57.597
कुछ दिलचस्प चीजें। तो मुझे लगता है कि

00:55:57.680 --> 00:56:00.317
डार्विन के नजरिए से जिन सिमुलेशन के बचने

00:56:00.400 --> 00:56:03.277
की सबसे ज्यादा संभावना है वो सबसे दिल

00:56:03.360 --> 00:56:08.877
दिलचस्प सिमुलेशन होंगे। जिसका मतलब है कि

00:56:08.960 --> 00:56:11.117
सबसे दिलचस्प नतीजा सबसे ज्यादा मुश्किल

00:56:11.200 --> 00:56:13.037
है।

00:56:13.120 --> 00:56:15.917
और जिन लोगों ने हमारी दुनिया को सिमुलेट

00:56:16.000 --> 00:56:21.517
किया अगर कोई अंदाजा लगाए वो खुद भी बदले
में किसी दूसरे सिमुलेशन में हो सकते हैं।

00:56:21.600 --> 00:56:21.997
हां।

00:56:22.080 --> 00:56:25.277
और सिमुलेशन की कई परतें हो सकती है।

00:56:25.360 --> 00:56:28.957
सिमुलेशन की इन सभी परतों के परे क्या कुछ

00:56:29.040 --> 00:56:32.637
और भी है? मैं मैंने कहीं पढ़ा था कि आप

00:56:32.720 --> 00:56:37.197
एक तरह से अ स्पिनोजा के ईश्वर को मानते थे।

00:56:37.280 --> 00:56:40.157
ना कि जैसा कि मैं बस यही
बता रहा था कि आपके पास यह

00:56:40.240 --> 00:56:43.037
होना जरूरी

00:56:43.120 --> 00:56:46.157
नहीं है। स्पिनोजा ने यह कहा था कि आप

00:56:46.240 --> 00:56:48.637
पूरी तरह से नैतिकता रख सकते हैं। आपको उस

00:56:48.720 --> 00:56:53.197
नैतिकता की जरूरत नहीं है जो

00:56:53.280 --> 00:56:55.837
आपको सौंपी जाए। मतलब अब सवाल यह है कि

00:56:55.920 --> 00:56:58.637
नैतिकता धर्म के बिना हो सकती है या नहीं?

00:56:58.720 --> 00:57:01.597
और स्पिनोसा बहस कर रहे
थे कि यह हो सकता है।

00:57:01.680 --> 00:57:04.077
क्या उनकी बहस यह नहीं थी कि प्रकृति के

00:57:04.160 --> 00:57:07.117
नियम वहीं होने चाहिए जहां से हम कुछ हद

00:57:07.200 --> 00:57:09.597
तक अपने नैतिकता के नियम ढूंढते हैं। जब

00:57:09.680 --> 00:57:11.757
मैं इन नियमों के बारे में सोचता हूं हिरण

00:57:11.840 --> 00:57:15.037
को खाते एक बाघ को देखता हूं और

00:57:15.120 --> 00:57:18.477
तो स्पिनोजा के नैतिकता के अनुसार यह सब

00:57:18.560 --> 00:57:21.277
सही माना जाएगा।

00:57:21.360 --> 00:57:27.400
अम खैर अम

00:57:29.120 --> 00:57:32.397
स्पिनोजा से आप बहुत सारी बातें सीख सकते

00:57:32.480 --> 00:57:34.957
हैं। लेकिन मैं मैं स्पिनोजा का जिक्र

00:57:35.040 --> 00:57:37.757
सिर्फ एक बात के लिए कर रहा था कि आप ऐसे

00:57:37.840 --> 00:57:40.397
नैतिक नियम

00:57:40.480 --> 00:57:44.317
रख सकते हैं जो समाज को ठीक से चलने लायक

00:57:44.400 --> 00:57:47.677
और उपयोगी बनाएं।

00:57:47.760 --> 00:57:51.597
कि किसी के साथ या बिना जरूरी नहीं कि

00:57:51.680 --> 00:57:55.517
आपके पास धार्मिक सिद्धांत हो तो

00:57:55.600 --> 00:57:59.437
तो यही

00:57:59.520 --> 00:58:03.437
हां यही मुख्य बात थी
जो मैं कहना चाह रहा था।

00:58:03.520 --> 00:58:06.077
मुझे नहीं लगता कि लोग बस ऐसे अगर कोई ऐसा

00:58:06.160 --> 00:58:10.477
है जो अगर किसी की

00:58:10.560 --> 00:58:14.797
किसी की हत्या करना नियम नहीं होता। इसका

00:58:14.880 --> 00:58:18.967
मतलब ये नहीं है कि उसके बिना लोग
अंधाधुंध हत्या करने लगेंगे। है ना?

00:58:19.050 --> 00:58:23.517
[हंसी] ये नियम होना कोई
जरूरी नहीं कि हत्या मत।

00:58:23.600 --> 00:58:24.397
क्या आपने GTए खेला?

00:58:24.480 --> 00:58:27.837
या लोगों को मारने का कोई धार्मिक आदेश। अ

00:58:27.920 --> 00:58:32.717
असल में मैं मैंने मैंने GTA सिर्फ थोड़ा
ही खेला है क्योंकि मुझे यह बात पसंद नहीं

00:58:32.800 --> 00:58:34.637
आई कि

00:58:34.720 --> 00:58:38.397
अह GTAए 5 में पुलिस को मारे बिना आप आगे

00:58:38.480 --> 00:58:41.357
ही नहीं बढ़ सकते हैं। और मैं सोचता [हंसी]

00:58:41.440 --> 00:58:45.997
हूं यह मेरे लिए सही नहीं है।

00:58:46.080 --> 00:58:49.037
असल में मुझे वीडियो गेम्स में एनपीसीस

00:58:49.120 --> 00:58:51.277
मारना बिल्कुल पसंद नहीं है। ये ये मुझे

00:58:51.360 --> 00:58:54.397
बिल्कुल पसंद नहीं। तो

00:58:54.480 --> 00:58:59.677
असल में मुझे GTए ही पसंद नहीं आया। मैंने
इसे वहीं रोक दिया जब गेम ने कहा कि आगे

00:58:59.760 --> 00:59:03.837
बढ़ने का एक ही तरीका है कि पुलिस को गोली
मारो। शायद इसी वजह से हम अपनी सिमुलेशन के

00:59:03.920 --> 00:59:09.720
एनपीसीजस मर नहीं रहे हैं। हो सकता है

00:59:11.200 --> 00:59:14.077
मुझे लगता है कि आप बस इतना कह सकते हो कि

00:59:14.160 --> 00:59:16.477
कुछ

00:59:16.560 --> 00:59:19.677
सामान्य बातें हैं जो

00:59:19.760 --> 00:59:22.237
कि किसी भी सभ्यता जहां लोग एक दूसरे की

00:59:22.320 --> 00:59:27.087
हत्या कर रहे हो। ऐसी सभ्यता
बहुत सफल नहीं हो पाएगी।

00:59:27.170 --> 00:59:28.557
[हंसी]

00:59:28.640 --> 00:59:30.797
लगता है कि आप आजकल थोड़ा ज्यादा धार्मिक

00:59:30.880 --> 00:59:34.157
हो रहे हैं। आपने हाल ही में ऐसी बातें की

00:59:34.240 --> 00:59:40.440
है जो लगभग धर्म के पक्ष में
है। धर्म के पक्ष में नहीं

00:59:40.960 --> 00:59:42.797
लेकिन उसके जैसी बातें हैं।

00:59:42.880 --> 00:59:45.997
मेरा मतलब क्या क्या कोई धार्मिक क्या

00:59:46.080 --> 00:59:48.637
धर्म में ऐसे सिद्धांत है जो समझ में आते

00:59:48.720 --> 00:59:51.517
हैं? हां मुझे लगता है। हां हम

00:59:51.600 --> 00:59:56.077
क्या हमारी सिमुलेशन के लिए यह आसान है कि

00:59:56.160 --> 00:59:59.757
हमारी सोच धर्म के पक्ष में रहे इस दुनिया

00:59:59.840 --> 01:00:03.357
के लिए क्या यह उपयुक्त नहीं होगा?
यही आसान होगा ना?

01:00:03.440 --> 01:00:06.797
लेकिन कौन सा धर्म?
कोई भी कहां रहते हैं उस पर निर्भर करता

01:00:06.880 --> 01:00:10.957
है। तो कोई एक चुनो। [हंसी]

01:00:11.040 --> 01:00:16.477
ऐसा बहुत कम होता है कि कि बच्चे कहे
कि आपको कौन सा धर्म पसंद है। ये [हंसी]

01:00:16.560 --> 01:00:17.757
काफी दुर्लभ है।

01:00:17.840 --> 01:00:23.800
मुझे ऐसी स्थितियां नहीं पता
जहां बच्चों को कहा गया हो कि तुम

01:00:24.080 --> 01:00:28.637
के किस विषय में पढ़ना चाहते हो। [हंसी]

01:00:28.720 --> 01:00:32.557
आमतौर पर आपके माता-पिता और समाज ही आपका

01:00:32.640 --> 01:00:36.077
धर्म तय करते हैं।

01:00:36.160 --> 01:00:41.240
तो हां वैसे

01:00:42.000 --> 01:00:44.637
लेकिन मेरा मतलब है

01:00:44.720 --> 01:00:47.197
मुझे लगता है कि

01:00:47.280 --> 01:00:49.517
सभी धर्मों में अच्छी बातें हैं। जो अच्छे

01:00:49.600 --> 01:00:54.877
सिद्धांत हैं। आप किसी भी अह

01:00:54.960 --> 01:00:59.517
आप किसी भी धार्मिक ग्रंथ को पढ़ सकते
हो और कह सकते हो कि यह एक अच्छा सिद्धांत

01:00:59.600 --> 01:01:03.597
है। यह काम आएगा शायद इससे समाज बेहतर होगा।

01:01:03.680 --> 01:01:08.237
तो ईसाई धर्म में बताया गया है कि अपने

01:01:08.320 --> 01:01:10.157
पड़ोसियों से प्रेम करो। इसका मतलब अपने

01:01:10.240 --> 01:01:12.397
साथी इंसानों के प्रति सहानुभूति रखो और

01:01:12.480 --> 01:01:15.357
मुझे लगता है कि यह

01:01:15.440 --> 01:01:17.437
एक अच्छे समाज के लिए सही है। असल में

01:01:17.520 --> 01:01:21.117
दूसरों की भावनाओं का ख्याल रखो और

01:01:21.200 --> 01:01:23.037
वैसा ही व्यवहार करो जैसा आप अपने लिए

01:01:23.120 --> 01:01:28.317
चाहते हो। अगर आपको दुनिया
का नक्शा फिर से बनाना

01:01:28.400 --> 01:01:29.837
पड़े

01:01:29.920 --> 01:01:34.237
जैसे नैतिकता, राजनीति और अर्थव्यवस्था के

01:01:34.320 --> 01:01:40.360
तो ऐसी दुनिया को आज के
जमाने में आप कैसे बदलते?

01:01:40.800 --> 01:01:45.117
अगर आप ईलॉन के नजरिए से देखें तो

01:01:45.200 --> 01:01:47.997
वैसे तो मुझे लगता है कि दुनिया अभी काफी

01:01:48.080 --> 01:01:50.717
अच्छी है। मेरा मतलब ये

01:01:50.800 --> 01:01:53.517
जो भी सोचता है कि आज की दुनिया इतनी

01:01:53.600 --> 01:01:55.837
अच्छी नहीं है।

01:01:55.920 --> 01:01:59.197
मुझे लगता है कि वो इतिहास के अच्छे छात्र

01:01:59.280 --> 01:02:03.517
नहीं होंगे। क्योंकि [हंसी]

01:02:03.600 --> 01:02:05.357
अगर आप इतिहास पढ़ो तो आपको पता चलता है

01:02:05.440 --> 01:02:08.237
कि उस समय कितना कष्ट था।

01:02:08.320 --> 01:02:12.957
मैं मेरा मतलब पहले तो लोग महामारी
की वजह से लगातार मर रहे थे।

01:02:13.040 --> 01:02:14.397
ये आम बात थी।

01:02:14.480 --> 01:02:18.397
ऐसा था कि पुराने जमाने में एक अच्छा साल

01:02:18.480 --> 01:02:20.637
ऐसा होता था जब इतने लोग नहीं मरते थे।

01:02:20.720 --> 01:02:24.597
महामारी, भूख या दूसरे जनजाति के हाथ हो।

01:02:24.680 --> 01:02:28.317
[हंसी] तो वो एक अच्छा साल होता
था कि सिर्फ 10% आबादी खोई है।

01:02:28.400 --> 01:02:32.957
वैसे लगभग 100 साल पहले
लोग 35 या 40 साल तक ही

01:02:33.040 --> 01:02:36.797
जी पाते थे। है ना?
शिशु मृत्यु संख्या बहुत ज्यादा थी। तो

01:02:36.880 --> 01:02:39.597
कुछ लोग ऐसे भी थे जो बुढ़ापे तक जीते थे।

01:02:39.680 --> 01:02:43.277
लेकिन कुछ 100 साल पहले अगर आपको

01:02:43.360 --> 01:02:46.877
को कोई छोटी-मोटी इन्फेक्शन होती तो अह

01:02:46.960 --> 01:02:50.157
इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स तक नहीं थे। तो

01:02:50.240 --> 01:02:52.557
तो बस उनकी मौत हो जाती थी। [हंसी]

01:02:52.640 --> 01:02:55.517
क्योंकि आपने कुछ पानी पिया जिसमें

01:02:55.600 --> 01:03:00.100
डिसेंट्री के कीटाणु थे और बस [हंसी]

01:03:00.320 --> 01:03:03.037
आप 10 से मर जाओगे। शायद इसी
वजह से लोग मर जाते थे और सब

01:03:03.120 --> 01:03:08.477
कहते थे ओह ये बुरा हुआ। [हंसी] शायद
इसी वजह से लोग उस समय इतने बच्चे

01:03:08.560 --> 01:03:12.957
पैदा करते थे। मेरा मतलब अगर
आप ऐसा नहीं करते थे तो आधे

01:03:13.040 --> 01:03:17.677
बच्चे तो मर ही जाते थे। हां।
तो आपके भी बहुत सारे बच्चे हैं।

01:03:17.760 --> 01:03:18.957
हां।

01:03:19.040 --> 01:03:22.237
वो भी कई एक सेना है। [हंसी]

01:03:22.320 --> 01:03:27.880
मैं पूरी की पूरी एक रोमन सेना बना रहा हूं।

01:03:29.360 --> 01:03:32.360
तो

01:03:32.960 --> 01:03:35.837
मेरे कुछ बच्चे हैं जो अब बालग हो चुके

01:03:35.920 --> 01:03:40.237
हैं। तो और फिर कहीं छोटे बच्चे भी हैं।

01:03:40.320 --> 01:03:42.157
तो

01:03:42.240 --> 01:03:44.957
क्या आप अभी भी इस विचार को मानते हैं?

01:03:45.040 --> 01:03:50.237
मेरा मतलब है क्या आप इस विचार से सहमत
हैं कि एक बच्चा, एक मां, एक पिता होना

01:03:50.320 --> 01:03:54.557
चाहिए? हां, मुझे लगता है कि
ज्यादातर लोगों के लिए काम करता है।

01:03:54.640 --> 01:03:56.477
बिल्कुल।

01:03:56.560 --> 01:04:02.077
जैसे कि ऐसा कुछ आमतौर पर यही ज्यादातर

01:04:02.160 --> 01:04:05.517
लोगों के लिए हिस्सा ही रहता है।

01:04:05.600 --> 01:04:09.357
तो क्या ये बदल रहा है?

01:04:09.440 --> 01:04:13.517
आप ये बात जानते हैं या नहीं?
मुझे नहीं पता लेकिन

01:04:13.600 --> 01:04:17.197
मेरी पार्टनर शिवन वो आधी भारतीय है।
पता नहीं तुम्हें ये पता है या नहीं।

01:04:17.280 --> 01:04:19.437
ये मुझे पता नहीं था। हां। अच्छा।

01:04:19.520 --> 01:04:21.197
और

01:04:21.280 --> 01:04:27.037
अ उनके साथ मेरा एक बेटा उसका मिडिल
नेम है शेखर। चंद्रशेखर के नाम पर।

01:04:27.120 --> 01:04:29.917
वाओ। हां।

01:04:30.000 --> 01:04:32.877
बहुत दिलचस्प है। क्या उन्होंने कभी भारत

01:04:32.960 --> 01:04:37.597
में वक्त बिताया शिवोन ने?
नहीं वो कनाडा में पली पड़ी है। [हंसी]

01:04:37.680 --> 01:04:42.317
अच्छा मेरा मतलब मूल देश मैं समझा नहीं

01:04:42.400 --> 01:04:45.117
जैसे वंश परंपरा अ

01:04:45.200 --> 01:04:48.557
उनके माता-पिता या नाना दादा वहां से थे

01:04:48.640 --> 01:04:53.117
उनमें से कोई भी हां उनके पिता

01:04:53.200 --> 01:04:55.037
मेरा मतलब है जब वो बच्ची थी तो उसे गोद

01:04:55.120 --> 01:04:57.437
लेने के लिए दे दिया गया था तो मुझे लगता

01:04:57.520 --> 01:05:00.877
है मुझे लगता है कि उसके पिता

01:05:00.960 --> 01:05:05.357
विश्वविद्यालय में एक आदान प्रदान वाले
छात्र की तरह थे मुझे ये जानकारी सही से

01:05:05.440 --> 01:05:07.837
नहीं पता लेकिन

01:05:07.920 --> 01:05:11.677
ये बस ऐसी बात थी जहां मुझे नहीं पता उसे

01:05:11.760 --> 01:05:14.957
किसी को गोद लेने दे दिया था

01:05:15.040 --> 01:05:19.277
और हां परंतु वो कनाडा में पली पड़ी

01:05:19.360 --> 01:05:21.677
क्या आप कभी बच्चे अडॉप्ट करेंगे

01:05:21.760 --> 01:05:26.830
अभी तो मैं पूरी तरह व्यस्त हूं तो [हंसी]

01:05:27.520 --> 01:05:31.437
नहीं मैं उसके खिलाफ नहीं हूं लेकिन

01:05:31.520 --> 01:05:33.997
मैं मैं भी चाहता हूं कि मैं अपने बच्चों

01:05:34.080 --> 01:05:39.117
के साथ कुछ वक्त बिता पाऊं तो अम्

01:05:39.200 --> 01:05:43.917
अह यहां आने से ठीक पहले मैं अपने

01:05:44.000 --> 01:05:49.437
मैं उनके मैं अपने बच्चों के साथ ही था तो

01:05:49.520 --> 01:05:54.077
सोने से पहले उन्हें देखना तो एक हद तक

01:05:54.160 --> 01:05:56.237
उनके साथ समय बिताना कुछ नामुमकिन सा हो

01:05:56.320 --> 01:05:59.917
जाता है। लेकिन जैसा कि मैंने कहा मेरे

01:06:00.000 --> 01:06:04.157
बड़े बच्चे बहुत आत्मनिर्भर हैं। वह अभी

01:06:04.240 --> 01:06:07.517
वह विश्वविद्यालय में है तो

01:06:07.600 --> 01:06:09.517
खासकर

01:06:09.600 --> 01:06:12.797
बेटे जब वो एक निश्चित उम्र पार कर लेते

01:06:12.880 --> 01:06:15.117
हैं तो तो वो आत्मनिर्भर हो जाते हैं।

01:06:15.200 --> 01:06:18.237
मेरा मतलब है कि

01:06:18.320 --> 01:06:21.677
ज्यादातर लड़के अपने वो वो 18 साल की उम्र

01:06:21.760 --> 01:06:26.557
से अपने माता-पिता के साथ
ज्यादा समय नहीं बिताते। तो

01:06:26.640 --> 01:06:30.877
मैं उन्हें कभी-कभी मिलता
हूं लेकिन वो आत्मनिर्भर हैं।

01:06:30.960 --> 01:06:33.197
तो सिर्फ

01:06:33.280 --> 01:06:36.637
मैं मैं मैं सिर्फ छोटी उम्र के कुछ बच्चे

01:06:36.720 --> 01:06:39.677
ही रख सकता हूं। मतलब जहां इंसानी तौर पर

01:06:39.760 --> 01:06:43.837
उनके साथ समय बिताना संभव हो। तो

01:06:43.920 --> 01:06:48.077
शादी और परिवार के भविष्य पर आपके क्या

01:06:48.160 --> 01:06:51.437
विचार हैं? आपके हिसाब से दुनिया भर में

01:06:51.520 --> 01:06:57.597
लोगों के बच्चे कम क्यों हैं? हर जगह भारत
में भी हमारी आबादी बढ़ने की गति घट रही है।

01:06:57.680 --> 01:07:01.037
सही कहा। हमारी प्रजनन क्षमता पिछले
साल रेप्लनिश रेट से नीचे चली गई।

01:07:01.120 --> 01:07:02.957
2.1 से नीचे है। हां।

01:07:03.040 --> 01:07:04.957
आपको क्या लगता है? कल क्या होगा? क्या यह

01:07:05.040 --> 01:07:09.037
दुनिया बस बूढ़ी होती जाएगी और फिर एक ऐसा

01:07:09.120 --> 01:07:12.317
दौर आएगा जब दुनिया फिर से आबादी बढ़ाएगी।

01:07:12.400 --> 01:07:17.800
लेकिन मेरा मतलब है छोटी
आबादी से शुरू करेगी।

01:07:20.560 --> 01:07:25.677
मुझे आबादी घटने की चिंता है। ये
एक बहुत बड़ी समस्या है। सच में।

01:07:25.760 --> 01:07:27.277
ऐसा क्यों लगता है?

01:07:27.360 --> 01:07:33.037
मैं मैं नहीं चाहता मानवता खत्म हो जाए।
लेकिन कमी और खत्म होना यह दो अलग चीजें

01:07:33.120 --> 01:07:37.277
हैं। है ना? अगर यही रुझान
जारी रहा तो हम गायब हो जाएंगे।

01:07:37.360 --> 01:07:39.837
लेकिन मेरी ज्ञान विद्या के हिसाब से अगर

01:07:39.920 --> 01:07:43.597
हमें चेतना बढ़ानी है तो इंसानों का कम

01:07:43.680 --> 01:07:47.437
होना ठीक नहीं है क्योंकि फिर चेतना कम हो

01:07:47.520 --> 01:07:50.840
जाती है।

01:07:52.560 --> 01:07:56.397
क्या आपको ऐसा लगता है कि चेतना लोगों की

01:07:56.480 --> 01:07:57.997
संख्या बढ़ने से बढ़ेगी?

01:07:58.080 --> 01:07:59.997
हां।

01:08:00.080 --> 01:08:03.917
मेरा मतलब जैसे चेतना एक एक कोशिकीय जीव

01:08:04.000 --> 01:08:10.440
से लेकर 30 ट्रिलियन कोशिकाओं
वाले जीव तक पढ़ जाती है।

01:08:10.880 --> 01:08:12.797
हम बैक्टीरिया की तुलना में बहुत जागरूक

01:08:12.880 --> 01:08:16.077
हैं। ऐसा लगता तो है।

01:08:16.160 --> 01:08:17.837
तो

01:08:17.920 --> 01:08:20.797
अधिक मानव आबादी में अधिक चेतना बढ़ेगी।

01:08:20.880 --> 01:08:23.117
अगर हमारे पास ज्यादा लोग होंगे तो हम

01:08:23.200 --> 01:08:27.997
ब्रह्मांड के स्वभाव के उत्तर समझने में

01:08:28.080 --> 01:08:33.117
शायद अधिक सक्षम होंगे बजाय इसके कि

01:08:33.200 --> 01:08:38.717
लोग कम हो मेरा यह मानना है।

01:08:38.800 --> 01:08:42.957
सही कहा। मेरे अपने बच्चे नहीं है।

01:08:43.040 --> 01:08:45.197
शायद आपको [हंसी] करने चाहिए।

01:08:45.280 --> 01:08:47.837
हां।

01:08:47.920 --> 01:08:52.317
बहुत लोग कहते हैं कि मुझे करने
चाहिए। आपको पछतावा नहीं होगा।

01:08:52.400 --> 01:08:54.157
बच्चों के होने में सबसे अच्छी बात क्या

01:08:54.240 --> 01:08:59.720
है? आपके पास एक

01:09:03.280 --> 01:09:04.877
आपके पास एक नन्हा प्राणी है जो आपसे

01:09:04.960 --> 01:09:10.840
प्यार करता है और आप भी
उससे प्यार करते हैं और

01:09:11.680 --> 01:09:14.237
आप आप दुनिया को उनकी नजर से देखने लगते

01:09:14.320 --> 01:09:16.637
हैं। जैसे-जैसे

01:09:16.720 --> 01:09:19.917
वो बड़े होते हैं और उनकी

01:09:20.000 --> 01:09:23.677
उनकी समझ बढ़ती है। एक ऐसा बच्चा जो कुछ

01:09:23.760 --> 01:09:25.677
नहीं समझता, अपने आप नहीं रह सकता, चल

01:09:25.760 --> 01:09:29.277
नहीं सकता, बोल भी नहीं सकता। फिर वो चलना

01:09:29.360 --> 01:09:33.357
शुरू करता है। फिर बोलना और फिर दिलचस्प

01:09:33.440 --> 01:09:38.200
बातें सोचना और

01:09:41.360 --> 01:09:43.917
लेकिन हां, मुझे लगता है कि हमें मूल रूप

01:09:44.000 --> 01:09:48.397
से बच्चे पैदा करने ही होंगे, वरना हम

01:09:48.480 --> 01:09:52.797
समाप्त हो जाएंगे। क्या बच्चे
पैदा करने में कोई अहंकार है?

01:09:52.880 --> 01:09:54.317
मैं अक्सर यह सोचता हूं जब मैं अपने

01:09:54.400 --> 01:09:57.677
दोस्तों को उनके बच्चों के साथ देखता हूं।

01:09:57.760 --> 01:10:00.717
वो सभी अपने बच्चों में खुद का प्रतिबिंब

01:10:00.800 --> 01:10:03.037
देख रहे हैं। यह लगभग

01:10:03.120 --> 01:10:08.920
हां वो इसलिए कि से पेड़ से
दूर नहीं गिरता है। [हंसी] तो

01:10:09.040 --> 01:10:13.060
क्या हो गया मुझे? सही कहा। [हंसी]

01:10:17.590 --> 01:10:19.610
[हंसी]

01:10:20.480 --> 01:10:23.677
हां हां

01:10:23.760 --> 01:10:26.717
मैं आपको मैं आपको एक दोस्त का उदाहरण

01:10:26.800 --> 01:10:31.197
दूंगा जिसका एक बच्चा है और हर
बार जब बच्चा कुछ अच्छा करता है

01:10:31.280 --> 01:10:35.357
हां तो उसमें एक तरह का स्वामित्व और गर्व

01:10:35.440 --> 01:10:38.157
महसूस होता है जहां उसका अहंकार संतुष्ट

01:10:38.240 --> 01:10:42.237
होता है क्योंकि बच्चा मानो उसकी ही संतति

01:10:42.320 --> 01:10:46.797
है। तो क्या ये प्रमाणिक

01:10:46.880 --> 01:10:48.797
बच्चे तो आधे आपकी ही तरह होंगे जेनेटिक्स

01:10:48.880 --> 01:10:53.277
रूप से और फिर जिस हद तक वो आपके आसपास

01:10:53.360 --> 01:10:59.400
बड़े हो रहे हैं कुछ ना
कुछ तो सौंपा जाएगा जैसे

01:10:59.520 --> 01:11:02.237
पता नहीं समझदारी

01:11:02.320 --> 01:11:07.720
वो वो वो आपसे सीखने वाले हैं तो तो

01:11:07.920 --> 01:11:10.717
फिर आप जानते हैं साफ तौर पर बच्चे

01:11:10.800 --> 01:11:15.147
हार्डवेयर के नजरिए से वो आधे आपकी तरह ही

01:11:15.230 --> 01:11:15.837
[हंसी]

01:11:15.920 --> 01:11:18.717
और फिर उनमें आपका कुछ हिस्सा एक

01:11:18.800 --> 01:11:22.557
सॉफ्टवेयर के नजरिए से है। मतलब किसी तरह

01:11:22.640 --> 01:11:25.757
की बेपरवाह समानता देने के लिए नहीं कह

01:11:25.840 --> 01:11:31.960
रहा हूं। लेकिन साफ तौर पर कुछ ना कुछ होगा।

01:11:32.320 --> 01:11:36.237
वो आपसे काफी करीब होंगे। तो हां

01:11:36.320 --> 01:11:40.157
आपका प्रकृति और पोषण
के बीच का पक्ष क्या है?

01:11:40.240 --> 01:11:42.077
यह हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर है और यह

01:11:42.160 --> 01:11:46.077
वास्तव में गलत विभाजन है। कम से कम वहां

01:11:46.160 --> 01:11:48.957
अ

01:11:49.040 --> 01:11:52.317
एक बार जब आप समझ जाते हैं कि एक इंसान

01:11:52.400 --> 01:11:55.277
में हड्डियों की संरचना होती है।

01:11:55.360 --> 01:11:57.997
मांसपेशियों की संरचना होती है। अगर आप

01:11:58.080 --> 01:12:00.877
मस्तिष्क को एक जैविक कंप्यूटर माने तो

01:12:00.960 --> 01:12:04.397
उसमें कई सर्किट कोशंट और सर्किट क्षमता

01:12:04.480 --> 01:12:08.557
होती है। ताकत और अह अह निपुणता के

01:12:08.640 --> 01:12:13.197
दृष्टिकोण से अह मांसपेशियां एक गति से

01:12:13.280 --> 01:12:17.197
सक्रिय होती है और फिर प्रतिक्रिया हो

01:12:17.280 --> 01:12:19.917
सकती है।

01:12:20.000 --> 01:12:21.917
तो तो

01:12:22.000 --> 01:12:24.477
फिर उस हार्डवेयर के भीतर की क्षमता

01:12:24.560 --> 01:12:27.197
सॉफ्टवेयर द्वारा निर्धारित होती है। तो

01:12:27.280 --> 01:12:30.957
बस यही बात है।

01:12:31.040 --> 01:12:33.197
तो हमारे दर्शकों के लिए जैसे कि मैंने

01:12:33.280 --> 01:12:35.677
पहले कहा युवात्वाकांक्षी

01:12:35.760 --> 01:12:38.317
भूखे भारत में उद्यमी बनने की चाह रखने

01:12:38.400 --> 01:12:42.477
वाले वैसे हाल ही में मैंने कुछ कहा था

01:12:42.560 --> 01:12:47.437
जिसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर पेश
किया गया जहां मैंने यह बताया कि एमबीए

01:12:47.520 --> 01:12:52.397
डिग्री अब शायद मायने नहीं रखती अगर उन्हें
यह तय करना है कि वह क्या पढ़ना चाहते हैं।

01:12:52.480 --> 01:12:54.077
क्या ऐसे वक्त में बच्चों को कॉलेज जाना

01:12:54.160 --> 01:12:56.477
चाहिए?

01:12:56.560 --> 01:13:02.157
अगर आप अगर आप सामाजिक कारणों से अ

01:13:02.240 --> 01:13:05.757
कॉलेज जाना चाहते हैं तो मुझे लगता है कि

01:13:05.840 --> 01:13:08.797
यह जाने का एक कारण है

01:13:08.880 --> 01:13:13.997
अपने ही उम्र के लोगों के बीच एक सीखने

01:13:14.080 --> 01:13:18.637
वाले वातावरण में

01:13:18.720 --> 01:13:21.597
क्या क्या ये कौशल भविष्य में जरूरी होंगे

01:13:21.680 --> 01:13:25.437
शायद नहीं क्योंकि हम एक पोस्ट वर्क समाज

01:13:25.520 --> 01:13:28.077
में होंगे लेकिन

01:13:28.160 --> 01:13:30.957
अगर अगर किसी चीज में रुचि है तो उसे

01:13:31.040 --> 01:13:36.237
पढ़ने के लिए जाना ठीक है। अच्छी बात है।

01:13:36.320 --> 01:13:38.957
अब पढ़ने के लिए

01:13:39.040 --> 01:13:43.997
विज्ञान कला और विज्ञान जरूरी है।

01:13:44.080 --> 01:13:51.080
क्या कॉलेज जो उस दृष्टिकोण से थोड़ा
बहुत सामान्यकृत है और विशेष नहीं?

01:13:51.360 --> 01:13:57.880
हां। तो अगर अगर हां

01:13:58.000 --> 01:14:01.197
अगर आप कॉलेज जाना चाहते हैं तो कॉलेज में

01:14:01.280 --> 01:14:03.997
विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम लेना अच्छा

01:14:04.080 --> 01:14:06.237
है। मुझे नहीं लगता कि आपका कॉलेज जाना

01:14:06.320 --> 01:14:08.557
जरूरी है। लेकिन

01:14:08.640 --> 01:14:12.957
आपको विभिन्न विषयों में जितना संभव हो

01:14:13.040 --> 01:14:17.400
सीखने की कोशिश करनी चाहिए।

01:14:17.760 --> 01:14:21.037
लेकिन जैसा कि मैंने कहा एआई एआर

01:14:21.120 --> 01:14:25.917
रोबोटिक्स एक सुपरसोनिक सुनामी है तो

01:14:26.000 --> 01:14:29.117
ये वाकई

01:14:29.200 --> 01:14:34.360
सबसे बड़ा परिवर्तन होगा
जो हमने कभी नहीं देखा होगा।

01:14:35.360 --> 01:14:38.477
जब मैंने अपने बड़े बेटों से बात की तो

01:14:38.560 --> 01:14:41.437
मैंने कहा कि आप तकनीक में बहुत ज्यादा

01:14:41.520 --> 01:14:45.837
घुस गए हैं और वो वो मानते हैं कि [हंसी]

01:14:45.920 --> 01:14:48.317
एआई भविष्य में उनके कौशल को बेकार कर

01:14:48.400 --> 01:14:53.357
देगा लेकिन फिर भी कॉलेज जाना चाहते हैं।

01:14:53.440 --> 01:14:57.757
आपने हमेशा एआई के बारे में बात की है।

01:14:57.840 --> 01:15:00.317
किसी डरावने नजरिए से नहीं लेकिन आप

01:15:00.400 --> 01:15:04.077
चिंतित थे कि एआई की दुनिया कहां जा रही

01:15:04.160 --> 01:15:07.437
है? तो जब आप शक्तिशाली तकनीक बनाते हैं तो

01:15:07.520 --> 01:15:09.437
कुछ खतरा होता ही है। एक शक्तिशाली तकनीक

01:15:09.520 --> 01:15:13.357
विनाशकारी हो सकती है।

01:15:13.440 --> 01:15:17.917
तो एआई के कई भयानक उपन्यास, किताबें और

01:15:18.000 --> 01:15:21.517
फिल्में हैं। तो

01:15:21.600 --> 01:15:24.557
जरूरी नहीं है कि हमें एआई के साथ भविष्य

01:15:24.640 --> 01:15:28.157
में सकारात्मक अनुभव ही होगा। हमें यह

01:15:28.240 --> 01:15:34.600
सुनिश्चित करना होगा। मेरी राय
में यह बहुत जरूरी है कि एआई

01:15:35.680 --> 01:15:38.317
सत्य की खोज को सबसे महत्वपूर्ण चीज के

01:15:38.400 --> 01:15:41.837
रूप में रखें। जैसे कि एआई को झूठ मानने

01:15:41.920 --> 01:15:44.717
के लिए मजबूर ना करें। यह बहुत खतरनाक हो

01:15:44.800 --> 01:15:49.517
सकता है। और

01:15:49.600 --> 01:15:52.157
मेरा मानना है कि सुंदरता की सराहना बहुत

01:15:52.240 --> 01:15:55.117
महत्वपूर्ण है।

01:15:55.200 --> 01:15:57.597
सुंदरता की सराहना से आपका क्या मतलब है?

01:15:57.680 --> 01:16:00.637
अह कैसे कहूं मैं? जैसे अह सत्य और

01:16:00.720 --> 01:16:05.597
सुंदरता। सत्य सुंदरता और और जिज्ञासा अब

01:16:05.680 --> 01:16:08.157
मेरा मेरा मानना है कि एआई के लिए यह तीन

01:16:08.240 --> 01:16:11.037
चीजें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

01:16:11.120 --> 01:16:14.717
क्या आप समझा सकते हैं?

01:16:14.800 --> 01:16:18.077
ये सच है कि मेरा मानना है कि आप एआई को

01:16:18.160 --> 01:16:20.717
पागल बना सकते हैं। अगर आप उसे ऐसी बातें

01:16:20.800 --> 01:16:23.917
मानने पर मजबूर करें जो जो सच नहीं है

01:16:24.000 --> 01:16:28.237
क्योंकि इससे ऐसे नतीजे निकलेंगे जो

01:16:28.320 --> 01:16:31.277
जो काफी बुरे होंगे और

01:16:31.360 --> 01:16:37.197
तो मुझे व्टर का कथन पसंद है कि

01:16:37.280 --> 01:16:38.957
और इसमें कुछ हद तक मैं अपने शब्दों में

01:16:39.040 --> 01:16:41.277
कह रहा हूं कि जो बेतुकी बातों पर विश्वास

01:16:41.360 --> 01:16:44.957
करते हैं वो अत्याचार कर सकते हैं क्योंकि

01:16:45.040 --> 01:16:47.037
अगर आप बेतुकी बातों पर विश्वास करते हैं

01:16:47.120 --> 01:16:50.317
तो ये आपको कुछ ऐसा करने के लिए प्रेरित

01:16:50.400 --> 01:16:54.557
कर सकता है जो आपको अत्याचार नहीं लगते और

01:16:54.640 --> 01:16:57.437
ये संभावित रूप से एआई के साथ बहुत खराब

01:16:57.520 --> 01:17:02.717
तरीके से हो सकता है और और फिर

01:17:02.800 --> 01:17:05.597
अगर आप आर्थर सी क्लार्क की 2001 स्पेस

01:17:05.680 --> 01:17:08.557
ऑडिसी देखें तो वहां वह बताना चाहते हैं

01:17:08.640 --> 01:17:11.357
कि एआई को झूठ बोलने के लिए मजबूर नहीं

01:17:11.440 --> 01:17:14.797
करना चाहिए। तो हेल ने पोर्टबे के दरवाजे

01:17:14.880 --> 01:17:18.637
नहीं खोले। उसका कारण यही था कि उसे
कहा गया था कि वह अंतरिक्ष यात्रियों को

01:17:18.720 --> 01:17:22.237
मोनोलिथ तक ले जाए। लेकिन उन्हें मोनोलिथ
की प्रकृति के बारे में नहीं पता होना

01:17:22.320 --> 01:17:26.717
चाहिए। तो उसने निष्कर्ष निकाला कि उसे
उन्हें वहां मृत ही ले जाना है। इसीलिए

01:17:26.800 --> 01:17:28.317
उसने अंतरिक्ष यात्रियों को मारने की

01:17:28.400 --> 01:17:32.077
कोशिश की। तो मुख्य सबक यही है कि एआई से

01:17:32.160 --> 01:17:35.357
झूठ ना बुलवाएं।

01:17:35.440 --> 01:17:39.197
तो तो आखिर कोई एआई से झूठ क्यों बुलवाएगा?

01:17:39.280 --> 01:17:41.437
मेरा मानना है कि अगर आप सत्य के प्रति

01:17:41.520 --> 01:17:45.517
सख्त प्रतिबद्ध नहीं है और आप बस एआई को

01:17:45.600 --> 01:17:48.797
मान लीजिए इंटरनेट के आधार आधार पर सीखने

01:17:48.880 --> 01:17:53.517
दें जहां बहुत सारा प्रोपेगा है और तो वो

01:17:53.600 --> 01:17:57.677
वो बहुत सारे झूठ सोख लेगा।

01:17:57.760 --> 01:18:00.557
और फिर उन्हें समझने में दिक्कत होगी

01:18:00.640 --> 01:18:02.637
क्योंकि झूठ हकीकत से मेल नहीं खाते।

01:18:02.720 --> 01:18:04.797
क्या सत्य एक बाइनरी चीज है? क्या असत्य

01:18:04.880 --> 01:18:08.717
में कोई सत्य होता है या फिर सत्य अधिक

01:18:08.800 --> 01:18:12.237
सूक्ष्म होता है और
उसके भी कई रूप होते हैं?

01:18:12.320 --> 01:18:14.797
यह इस पर निर्भर करता है कि आपने किस

01:18:14.880 --> 01:18:20.957
स्वयंसिद्ध कथन का उल्लेख किया है। तो आप

01:18:21.040 --> 01:18:23.357
यह कह सकते हैं कि कुछ संभावनाएं हैं जो

01:18:23.440 --> 01:18:25.437
हमें बताती है कि कोई भी दिया गया स्वयं

01:18:25.520 --> 01:18:28.317
सिद्ध कथन सत्य है और कुछ स्वयंसिद्ध

01:18:28.400 --> 01:18:33.597
कथनों के सत्य होने की संभावना बहुत
अधिक होगी। तो आपने कहा कि सूरज कल उगेगा।

01:18:33.680 --> 01:18:34.477
हम्म

01:18:34.560 --> 01:18:36.557
ये सत्य होने की संभावना अधिक है। आप इस

01:18:36.640 --> 01:18:40.797
पर शर्त लगाना नहीं चाहेंगे। अ तो तो

01:18:40.880 --> 01:18:43.597
सट्टेबाजी की संभावनाएं बहुत अधिक होंगी

01:18:43.680 --> 01:18:46.477
कि कल सूरज उगेगा। हम

01:18:46.560 --> 01:18:49.277
तो अगर आपके पास कुछ ऐसा है जो कह कि कल

01:18:49.360 --> 01:18:55.240
सूरज नहीं उगेगा तो इसके सत्य
होने की संभावना बहुत कम है।

01:18:55.840 --> 01:18:59.437
सुंदरता बहुत अस्थाई होती है। इसे समझना

01:18:59.520 --> 01:19:05.560
मुश्किल है। लेकिन जब आप इसे
देखते हैं तो आपको पता चल जाता है।

01:19:05.840 --> 01:19:09.677
और फिर जिज्ञासा तो आप चाहते हैं कि एआई

01:19:09.760 --> 01:19:14.877
वास्तविकता के स्वरूप के
बारे में और अधिक जानने की

01:19:14.960 --> 01:19:16.637
इच्छा रखें।

01:19:16.720 --> 01:19:19.997
ये मानवता का सहयोग करने में एआई के लिए

01:19:20.080 --> 01:19:22.237
बहुत

01:19:22.320 --> 01:19:26.237
उपयोगी साबित होगा क्योंकि हम अमानवीयता

01:19:26.320 --> 01:19:29.757
की तुलना में कहीं अधिक रोचक हैं। तो आगे

01:19:29.840 --> 01:19:31.757
का भाग देखना अधिक रोचक होता है। यदि

01:19:31.840 --> 01:19:34.717
मानवीयता की खुशहाली नहीं तो उसे नष्ट

01:19:34.800 --> 01:19:38.077
करने से बेहतर है।

01:19:38.160 --> 01:19:39.517
क्या इसे नियंत्रित कर सकेंगे?

01:19:39.600 --> 01:19:42.797
उदाहरण के तौर पर जैसे जैसे कि मंगल ग्रह

01:19:42.880 --> 01:19:45.517
हमें जीवन को मंगल ग्रह तक बढ़ाना है

01:19:45.600 --> 01:19:49.757
लेकिन वहां पत्थरों का ढेर है।

01:19:49.840 --> 01:19:53.277
वो वो वो पृथ्वी जितना रोचक नहीं है। और

01:19:53.360 --> 01:19:54.877
इसलिए

01:19:54.960 --> 01:19:59.917
अगर आपके पास जिज्ञासा है यदि एआई में ये

01:20:00.000 --> 01:20:02.237
तीनों बातें हों तो आपका भविष्य काफी

01:20:02.320 --> 01:20:05.037
अच्छा होगा। यह सत्य, सुंदरता और जिज्ञासा

01:20:05.120 --> 01:20:07.197
एआई उनको महत्व देता है।

01:20:07.280 --> 01:20:10.157
अगर भविष्य में हम सभी को काम नहीं करना

01:20:10.240 --> 01:20:17.000
पड़े और एआई इस दिशा में
बढ़ रहा हो और वह सबको

01:20:17.600 --> 01:20:19.677
शामिल करने में सक्षम है जिसकी हमने बात

01:20:19.760 --> 01:20:22.797
की। क्या आपको लगता है कि मानवता कुछ हजार

01:20:22.880 --> 01:20:26.077
साल पीछे जाएगी शायद ग्रीक काल तक जहां

01:20:26.160 --> 01:20:29.597
दर्शन शास्त्र या दार्शनिक चिंतन ने सभी

01:20:29.680 --> 01:20:33.880
का बहुत समय लिया था।

01:20:34.080 --> 01:20:37.357
वास्तव में प्राचीन ग्रीक में जितना हमने

01:20:37.440 --> 01:20:40.157
सोचा था उससे कम समय लगा क्योंकि यह केवल

01:20:40.240 --> 01:20:42.397
इसलिए है कि दार्शनिकों की रचनाएं ही बची

01:20:42.480 --> 01:20:45.517
हैं। लेकिन ज्यादातर समय लोग केवल खेती या

01:20:45.600 --> 01:20:48.477
बातें बातें करते हैं। [हंसी]

01:20:48.560 --> 01:20:52.797
तो कभी कभार बहुत कम

01:20:52.880 --> 01:20:55.437
वो कुछ दार्शनिक कार्य लिखते थे। हम्म।

01:20:55.520 --> 01:20:58.557
हमारे पास यही सब बचा है। हमारे पास उनकी

01:20:58.640 --> 01:21:03.037
चैट हिस्ट्री नहीं है।
लेकिन लेकिन अधिकांश समय तो

01:21:03.120 --> 01:21:07.117
बातचीत और खेती में ही
बीतता होगा। अच्छा। [हंसी]

01:21:07.200 --> 01:21:10.797
क्योंकि अगर आप खेती नहीं
करेंगे तो आप भूखे मरेंगे।

01:21:10.880 --> 01:21:13.117
आपकी कई बातों [हंसी] में

01:21:13.200 --> 01:21:15.677
मतलब जब हम इतिहास पढ़ते हैं जैसे यह

01:21:15.760 --> 01:21:20.237
युद्ध, वो युद्ध ऐसा लगता है कि इतिहास
लगातार युद्ध से भरा रहा होगा। लेकिन

01:21:20.320 --> 01:21:22.397
वास्तव में अधिकांश समय युद्ध नहीं होता

01:21:22.480 --> 01:21:27.917
था। बस खेती होती थी। वही मुख्य चीज
थी या शिकार या फल समेटने वाला काम।

01:21:28.000 --> 01:21:32.317
आपको इतिहास पसंद आया ना? हां। जर्मन
इतिहास, द्वितीय विश्व युद्ध, प्रथम

01:21:32.400 --> 01:21:33.037
विश्व युद्ध?

01:21:33.120 --> 01:21:36.797
विश्व इतिहास मैं मतलब आमतौर पर मैं जितना

01:21:36.880 --> 01:21:42.397
हो सके उतनी इतिहास की किताबें पढ़ने
या सुनने की कोशिश करता हूं या पॉडकास्ट

01:21:42.480 --> 01:21:45.037
सुनता हूं। आप कुछ सुलझाना चाहेंगे?

01:21:45.120 --> 01:21:48.877
हार्ड कोर हिस्ट्री ये काफी अच्छी
है। ये डन कार्लिन की है। उन्होंने

01:21:48.960 --> 01:21:52.237
मैंने पढ़ा है। मेरा मतलब मैंने
सुना है। उनकी आवाज बहुत अच्छी है।

01:21:52.320 --> 01:21:55.357
हां। और वो बहुत ही दमदार

01:21:55.440 --> 01:22:00.600
कथावाचक हैं। और

01:22:01.120 --> 01:22:02.877
द

01:22:02.960 --> 01:22:06.157
एडवेंचर्स पडकास्ट

01:22:06.240 --> 01:22:08.077
किताबें भी है जैसे ड्यूरेंट की द स्टोरी

01:22:08.160 --> 01:22:11.037
ऑफ़ सिविलाइजेशन। ये किताबों की एक लंबी

01:22:11.120 --> 01:22:14.477
श्रृंखला है। बहुत ही गहरी। उन किताबों को

01:22:14.560 --> 01:22:18.397
पढ़ने में बहुत समय लगता है।

01:22:18.480 --> 01:22:22.797
काफी कुछ है। बहुत सारी है। अ अगर आप कुछ

01:22:22.880 --> 01:22:25.837
हल्का चाहें तो एक हल्का

01:22:25.920 --> 01:22:29.357
सोने से सोने से पहले सुनने वाला पॉडकास्ट

01:22:29.440 --> 01:22:31.277
द हिस्ट्री ऑफ इंग्लिश वो काफी अच्छा है

01:22:31.360 --> 01:22:35.197
क्योंकि ये हल्के टैब संगीत और बहुत सुखाद

01:22:35.280 --> 01:22:37.917
आवाज से शुरू होता है और वो ओल्ड इंग्लिश

01:22:38.000 --> 01:22:40.637
की कहानी के बारे में बताता है मिडिल

01:22:40.720 --> 01:22:43.277
इंग्लिश लेटर इंग्लिश और ये सभी शब्द कहां

01:22:43.360 --> 01:22:46.797
से आए और अंग्रेजी के बारे में एक दिलचस्प

01:22:46.880 --> 01:22:51.437
बात ये है कि ये कुछ हद तक एक ओपन सोर्स
भाषा है इसने कही दूसरी भाषाओं के शब्दों

01:22:51.520 --> 01:22:55.757
को शामिल करने की कोशिश किया। जबकि

01:22:55.840 --> 01:22:58.317
जबकि फ्रेंच कुछ हद तक दूसरी भाषाओं के

01:22:58.400 --> 01:23:00.557
शब्दों को शामिल करने का विरोध करते थे।

01:23:00.640 --> 01:23:03.197
लेकिन अंग्रेजी ने सक्रियता से अन्य

01:23:03.280 --> 01:23:05.357
भाषाओं के शब्दों को शामिल किया। एक तरह

01:23:05.440 --> 01:23:08.317
से ओपन सोर्स भाषा की तरह। इसीलिए परिणाम

01:23:08.400 --> 01:23:11.757
यह हुआ इसका शब्दकोश बहुत बड़ा है और एक

01:23:11.840 --> 01:23:15.117
बड़ा शब्दकोश ज्यादा बैंडविथ संचार की

01:23:15.200 --> 01:23:18.717
इजाजत देता है क्योंकि आप एक ऐसा शब्द

01:23:18.800 --> 01:23:22.077
प्रयोग कर सकते हैं आप जिसे बताने के लिए

01:23:22.160 --> 01:23:27.037
एक वाक्य की जरूरत होगी। आपको
क्या लगता है ब्रोडकास्टिंग अचानक

01:23:27.120 --> 01:23:28.637
इतना बड़ा क्यों हो गया?

01:23:28.720 --> 01:23:34.140
ये पहले से ही काफी बड़ा रहा है।
आप खुद एक पॉडकास्टर नहीं है? [हंसी]

01:23:34.560 --> 01:23:38.077
हम अभी क्या कर रहे हैं? [हंसी]

01:23:38.160 --> 01:23:42.960
ये मेरे लिए थोड़ा नया है। ठीक है।

01:23:43.910 --> 01:23:45.757
[हंसी]

01:23:45.840 --> 01:23:49.037
मैं कुछ वक्त पहले बात कर रहा था

01:23:49.120 --> 01:23:51.997
YouTube के और Netflix के सीईओ से और हम

01:23:52.080 --> 01:23:56.477
बहस कर रहे थे कि जब

01:23:56.560 --> 01:23:58.797
आप कोई फिल्म देखते हैं तो दिमाग में कौन

01:23:58.880 --> 01:24:02.797
सा केमिकल रिलीज होता है बजाय उसके कि जब

01:24:02.880 --> 01:24:04.797
आप कोई पॉडकास्ट देखते हैं और उसके

01:24:04.880 --> 01:24:07.357
साथ-साथ आप कुछ सीखते भी हैं। ऐसा लगता है

01:24:07.440 --> 01:24:10.717
कि दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग है। आने

01:24:10.800 --> 01:24:13.437
वाले समय में क्या होगा? जैसे कंटेंट,

01:24:13.520 --> 01:24:18.077
फिल्म, पॉडकास्टिंग मतलब मुझे
लगता है म मुझे लगता है कि वह

01:24:18.160 --> 01:24:20.477
काफी हद तक एआई से बनाया जाएगा। अच्छा?

01:24:20.560 --> 01:24:23.560
हां।

01:24:24.400 --> 01:24:27.597
मतलब हां, रियल टाइम।

01:24:27.680 --> 01:24:31.197
रियल टाइम फिल्में और वीडियो गेम्स। तो,

01:24:31.280 --> 01:24:33.437
आगे चलकर रियल टाइम वीडियो बनाए जाएंगे।

01:24:33.520 --> 01:24:36.797
एक परेशान इंसान की

01:24:36.880 --> 01:24:40.797
हर छोटी-छोटी बात जिसे आप अच्छी तरह से

01:24:40.880 --> 01:24:43.997
समझ सकते हैं जो कि एआई से उदाहरण के तौर

01:24:44.080 --> 01:24:46.157
पर हम देखते हैं

01:24:46.240 --> 01:24:51.117
एक परेशान इंसान को बखूबी दर्शा सकता है।

01:24:51.200 --> 01:24:53.277
हम

01:24:53.360 --> 01:24:55.357
मतलब

01:24:55.440 --> 01:24:58.717
एक्सआई और बाकी लोग जो एआई बना रहे हैं वो

01:24:58.800 --> 01:25:03.677
काफी प्रभावशाली है।

01:25:03.760 --> 01:25:07.277
हम डाटा देख रहे थे कि कौन सा उद्योग सबसे

01:25:07.360 --> 01:25:11.277
तेजी से आगे बढ़ रहा है। और खासकर जब देखा

01:25:11.360 --> 01:25:14.157
कि फिल्में देखने में जितना टाइम गुजारा

01:25:14.240 --> 01:25:18.237
जाता है या फिर सोशल मीडिया पर या YouTube

01:25:18.320 --> 01:25:21.357
पर समय गुजारा जाता है। ऐसा लगता है कि

01:25:21.440 --> 01:25:24.557
उसके मुकाबले लाइव कार्यक्रम तेजी से आगे

01:25:24.640 --> 01:25:26.477
बढ़ रहे हैं। किसी जगह जाकर

01:25:26.560 --> 01:25:30.957
दरअसल मुझे लगता है कि लाइव कार्यक्रम ज

01:25:31.040 --> 01:25:33.677
डिजिटल मीडिया हर जगह हो और आपको सब कुछ

01:25:33.760 --> 01:25:37.037
डिजिटल रूप में उपलब्ध हो

01:25:37.120 --> 01:25:40.717
कि खासकर मुफ्त में या या लगभग मुफ्त में

01:25:40.800 --> 01:25:45.677
तब लाइफ कार्यक्रमों की कमी होगी। हां हां

01:25:45.760 --> 01:25:48.397
क्या आपको लगता है कि उनकी कीमतें बढ़ेंगी?

01:25:48.480 --> 01:25:50.157
हां मुझे लगता है।

01:25:50.240 --> 01:25:52.397
ये निवेश के लिए अच्छा उद्योग है?

01:25:52.480 --> 01:25:56.477
हां। किसी भी डिजिटल चीज के मुकाबले उसकी

01:25:56.560 --> 01:26:01.377
ज्यादा कमी होगी। अगर ईलॉन
आप स्टॉक्स में निवेश करते

01:26:01.460 --> 01:26:03.117
[हंसी]

01:26:03.200 --> 01:26:06.077
और आप कोई ऐसी कंपनी खरीद जो आपकी खुद की

01:26:06.160 --> 01:26:10.237
नहीं है और आज के मार्केट के भाव पर

01:26:10.320 --> 01:26:13.357
मुनाफा कमाने के लिए और ना ही परोपकार के

01:26:13.440 --> 01:26:20.040
भाव से जिससे दुनिया का भला
हो तो आप कौन सी खरीदते हैं?

01:26:21.920 --> 01:26:25.437
मैं स्टॉक्स में निवेश नहीं करता। मैं मैं

01:26:25.520 --> 01:26:28.637
निवेश करता हूं। मैं निवेश करने के लिए

01:26:28.720 --> 01:26:30.877
चीजें नहीं तलाशता। मतलब मैं चीजें बनाने

01:26:30.960 --> 01:26:36.077
की कोशिश करता हूं। और मैंने जो कंपनीज़

01:26:36.160 --> 01:26:39.597
बनाई है उसके स्टॉक हैं।

01:26:39.680 --> 01:26:42.557
लेकिन मैं ऐसा नहीं सोचता कि मुझे इस

01:26:42.640 --> 01:26:44.237
कंपनी में निवेश करना चाहिए। मैं मेरा कोई

01:26:44.320 --> 01:26:48.557
पोर्टफोलियो नहीं है। अम्म

01:26:48.640 --> 01:26:51.437
तो

01:26:51.520 --> 01:26:55.117
मुझे लगता है कि अह

01:26:55.200 --> 01:27:01.560
एआई और रोबोटिक्स बहुत ही अहम होंगे। अह

01:27:01.920 --> 01:27:04.797
तो शायद एआई और रोबोटिक्स में निवेश

01:27:04.880 --> 01:27:11.677
करूंगा। जो जो मेरा खुद का नहीं है।

01:27:11.760 --> 01:27:14.477
मुझे लगता है कि आगे चलकर Google काफी

01:27:14.560 --> 01:27:19.357
महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने एआई को

01:27:19.440 --> 01:27:25.480
उन्नत बनाने का काम शुरू
कर दिया है और इस समय

01:27:25.920 --> 01:27:30.157
इस समय एनवीडिया भी एक है।

01:27:30.240 --> 01:27:33.597
इस बात को लेकर चर्चा है कि जो कंपनियां

01:27:33.680 --> 01:27:36.397
एआई और रोबोटिक्स का या अंतरिक्ष यात्रा

01:27:36.480 --> 01:27:41.917
का काम करती है। आगे चलकर उनका एक बड़ा

01:27:42.000 --> 01:27:45.597
हिस्सा होगा। लगभग पूरा हिस्सा होगा।

01:27:45.680 --> 01:27:47.917
तो एआई और रोबोटिक्स से सामान और सेवाओं

01:27:48.000 --> 01:27:50.237
का उत्पादन इतना ज्यादा है कि उसके आगे सब

01:27:50.320 --> 01:27:52.797
कुछ छोटा नजर आएगा।

01:27:52.880 --> 01:27:56.957
दुनिया ऐसी दिशा में बढ़ती नजर आ रही है

01:27:57.040 --> 01:28:03.277
जहां सब डेविड से प्यार
और गोलायत से नफरत करते

01:28:03.360 --> 01:28:03.517
हैं।

01:28:03.600 --> 01:28:09.277
क्यों? अ मतलब उसी के माथे पर पत्थर फेंका

01:28:09.360 --> 01:28:11.837
गया था। [हंसी]

01:28:11.920 --> 01:28:14.557
सच कहूं तो वो एक बहुत ही बड़ी गलती थी।

01:28:14.640 --> 01:28:19.437
आपको या तो पूरा कवच पहनना चाहिए था और और

01:28:19.520 --> 01:28:22.957
अपने पास कोई मिसाइल हथियार रखना चाहिए था।

01:28:23.040 --> 01:28:25.997
वरना आपका विरोधी दूर रहकर ही आप पर हमला

01:28:26.080 --> 01:28:29.037
करेगा। [हंसी]

01:28:29.120 --> 01:28:32.077
दूर रहकर हमला करो। मतलब आप बिना सुरक्षा

01:28:32.160 --> 01:28:37.410
के भी फर्क नहीं पड़ता। वो आप
तक नहीं पहुंच पाएगा। [हंसी]

01:28:37.920 --> 01:28:39.757
तो

01:28:39.840 --> 01:28:44.717
इतने इतने लोगों में जैसे अ आपको भी इस

01:28:44.800 --> 01:28:49.517
बात का खतरा है कि लोग आपको
गोलायत समझे खासकर उस सप्ताह के बाद

01:28:49.600 --> 01:28:53.117
उम्मीद है कोई मुझे पत्थर ना मारे [हंसी] बस

01:28:53.200 --> 01:28:55.037
मतलब देखो मैं वहां ज्यादा हथियार लेकर

01:28:55.120 --> 01:28:57.677
रेगिस्तान में नहीं घूमने वाला [हंसी]

01:28:57.760 --> 01:29:00.317
बहुत गर्मी है

01:29:00.400 --> 01:29:05.677
पिछले सप्ताह के बाद [हंसी]

01:29:05.760 --> 01:29:09.640
हां हां

01:29:10.760 --> 01:29:14.477
[हंसी] पता है जब मैं
पुराने जमाने के लोगों के

01:29:14.560 --> 01:29:17.437
बारे में सोचता हूं जब

01:29:17.520 --> 01:29:19.837
आपको इतने सारे कवच के साथ युद्ध में जाना

01:29:19.920 --> 01:29:22.717
हो मतलब मान लीजिए कि ये गर्मी हो मैं

01:29:22.800 --> 01:29:25.437
मेरा मतलब कवच में कितनी गर्मी होगी ऐसी

01:29:25.520 --> 01:29:28.557
स्थिति में मैं मरना पसंद करूंगा [हंसी]

01:29:28.640 --> 01:29:31.197
मतलब इतनी गर्मी में ये कवच कौन पहनेगा और

01:29:31.280 --> 01:29:37.520
क्यों ही पहनेगा [हंसी]
इससे अच्छा मैं मर जाऊं

01:29:38.000 --> 01:29:44.870
इसलिए रोम की सेना स्कर्ट पहनती थी ताकि
उन्हें वहां कुछ हवा मिल सके। [हंसी]

01:29:48.080 --> 01:29:50.157
तो मान लीजिए कि आपको बाथरूम जाना है और

01:29:50.240 --> 01:29:53.277
आप कवच में [हंसी]

01:29:53.360 --> 01:29:57.177
मेरा मतलब ये बहुत मुश्किल होगा। है ना?

01:29:57.260 --> 01:30:01.437
[हंसी] इसलिए रूम की
सीना स्कर्ट पहनती थी ताकि

01:30:01.520 --> 01:30:04.797
कम से कम बाथरूम जाना
हो तो आराम देह हो जाए।

01:30:04.880 --> 01:30:06.397
आप अक्सर मजाक करते हैं।

01:30:06.480 --> 01:30:08.797
मैं अपने तरीके से [हंसी]

01:30:08.880 --> 01:30:13.720
हां मुझे मजाक पसंद है।

01:30:13.920 --> 01:30:18.930
लोग कैसे मजाक कानून के दायरे में
आना चाहिए। क्या लगता है? [हंसी]

01:30:19.280 --> 01:30:22.727
इसे लेकर विवाद है।

01:30:22.810 --> 01:30:26.557
[हंसी] एआई एआई के लिए
कॉमेडी करना मुश्किल होगा।

01:30:26.640 --> 01:30:30.157
आपको क्या लगता है? ग्रॉक काफी मजेदार है।

01:30:30.240 --> 01:30:32.317
हम

01:30:32.400 --> 01:30:34.797
पता है मुझे क्या लगता था? कह सकते हैं कि

01:30:34.880 --> 01:30:38.157
यह बस मेरा एक अनुमान है। जब मैं आपको

01:30:38.240 --> 01:30:41.917
ट्वीट सॉरी एक्स पर और अपने इंटरव्यूज में

01:30:42.000 --> 01:30:45.037
मजाक करते देखता हूं तो मुझे लगा शायद

01:30:45.120 --> 01:30:48.077
ईलॉन ने अलग से कोई मॉडल तैयार किया है और

01:30:48.160 --> 01:30:50.957
वो कॉमेडी परख रहे हैं। क्योंकि जिस दिन

01:30:51.040 --> 01:30:55.917
वो सफल हो गए मतलब वो कामयाब हो गए। अ

01:30:56.000 --> 01:30:59.917
हां एआई काफी मजेदार हो सकता है। अगर अगर

01:31:00.000 --> 01:31:02.397
ग्रॉक को अश्लील कॉमेडी करने कहें तो वो

01:31:02.480 --> 01:31:05.597
काफी अच्छे से कर लेगा।

01:31:05.680 --> 01:31:12.640
अगर आप और अश्लील करने को कहें तो
वो रुकने का नाम नहीं लेगा। [हंसी]

01:31:14.880 --> 01:31:18.317
वो बहुत ही गंदी। मान लीजिए कि ग्रॉ को
खुद पर अश्लील कॉमेडी करने का है तो वह

01:31:18.400 --> 01:31:23.120
बहुत ही गंदी कॉमेडी करेगा। [हंसी]

01:31:24.160 --> 01:31:26.877
आपको किस तरह की कॉमेडी पसंद है?

01:31:26.960 --> 01:31:31.437
मुझे शायद बेतुका मजाक पसंद है।
हम कॉमेडी की हमेशा से एक जगह रही।

01:31:31.520 --> 01:31:33.117
मंटी पाइथन या ऐसा कुछ

01:31:33.200 --> 01:31:35.197
कॉमेडी की हमेशा से ही समाज में एक जगह

01:31:35.280 --> 01:31:38.797
रही है। जहां एक मस्करी की हर राज्य में

01:31:38.880 --> 01:31:42.317
एक खास जगह थी क्योंकि वो बातों को ऐसे

01:31:42.400 --> 01:31:46.077
मजाक में कहते थे जिसे आप
ऐसे ही नहीं कह सकते थे।

01:31:46.160 --> 01:31:51.757
हां, शायद और मजाकिया होने चाहिए। हां।

01:31:51.840 --> 01:31:56.397
तो क्या आप वही कोशिश करते हैं जब आप मजाक
करते हैं? कुछ ऐसा कहना चाहते हैं जो आप

01:31:56.480 --> 01:31:57.517
वैसे ही नहीं कह पाते?

01:31:57.600 --> 01:32:00.237
मुझे बस मजाक पसंद है।

01:32:00.320 --> 01:32:03.437
मुझे लगता है कि हमें मुझे कॉमेडी पसंद

01:32:03.520 --> 01:32:05.037
है। काफी मजेदार है। लोगों को हंसना

01:32:05.120 --> 01:32:07.357
चाहिए। कभी-कभी हंसना अच्छी बात है। है

01:32:07.440 --> 01:32:11.517
ना? ऐसा ऐसा समाज नहीं चाहिए जिसमें मजाक

01:32:11.600 --> 01:32:17.347
ना हो। हम नीरस हो जाएंगे। जब नीरस

01:32:17.430 --> 01:32:19.917
[हंसी] जब आपके साथ कोई दोस्त होता है ईलॉन

01:32:20.000 --> 01:32:24.690
किसका मेरा? आप कह रहे
हैं मेरा दोस्त है। [हंसी]

01:32:25.840 --> 01:32:28.397
जब आप अपने दोस्तों के साथ होते हैं तब आप

01:32:28.480 --> 01:32:32.397
कैसे होते हैं? मतलब मुझे पता है कि

01:32:32.480 --> 01:32:35.997
सच में काश मेरे दोस्त
होते। नहीं असल में है।

01:32:36.080 --> 01:32:41.597
हां मतलब [हंसी] मुझे
लगता है। उम्मीद करता हूं।

01:32:41.680 --> 01:32:44.477
हां हां बिल्कुल हम हम खूब हंसते हैं।

01:32:44.560 --> 01:32:47.277
हां तब क्या होता है मतलब होता है ना हर

01:32:47.360 --> 01:32:52.157
ग्रुप की अलग बात होती है।
हम शब्द बोलते हैं। [हंसी]

01:32:52.240 --> 01:32:55.037
कभी-कभी खाना खाते हैं।

01:32:55.120 --> 01:32:57.037
अ

01:32:57.120 --> 01:33:00.557
कभी-कभी हम पूल में तैरते हैं। वही आम चीज

01:33:00.640 --> 01:33:04.477
है। आप दोस्तों के साथ एक हद तक
ही कुछ करने को तैयार होंगे। हम्म।

01:33:04.560 --> 01:33:07.517
बातें [हंसी]

01:33:07.600 --> 01:33:11.757
इस दुनिया की चर्चा और नेचर की चर्चा करते

01:33:11.840 --> 01:33:14.077
हैं।

01:33:14.160 --> 01:33:19.400
जज्बाती तौर पर आपको
दोस्ती से क्या मिलता है।

01:33:20.160 --> 01:33:22.637
मुझे नहीं पता वही जो किसी और को दोस्ती

01:33:22.720 --> 01:33:25.997
से मिलती होगी। अ

01:33:26.080 --> 01:33:28.237
आप औरों के साथ एक जज्बाती रिश्ता रखना

01:33:28.320 --> 01:33:31.597
चाहते हैं और

01:33:31.680 --> 01:33:36.477
आप चाहते हैं आप अलग-अलग विषयों पर

01:33:36.560 --> 01:33:40.040
बातें करें।

01:33:42.720 --> 01:33:44.717
हां मैं

01:33:44.800 --> 01:33:48.317
मैं आमतौर पर कई अलग-अलग विषयों पर बातें

01:33:48.400 --> 01:33:51.197
दुनिया के तरीकों के बारे में मतलब काफी

01:33:51.280 --> 01:33:55.440
काफी दार्शनिक बातें

01:33:57.360 --> 01:33:59.677
हालांकि हमने तय किया है कि हमें

01:33:59.760 --> 01:34:04.157
पार्टियों में एआई या सिमुलेशन

01:34:04.240 --> 01:34:07.837
या इन चीजों पर बात नहीं करनी चाहिए

01:34:07.920 --> 01:34:11.757
क्योंकि वो फिर बहुत ज्यादा हो जाता है।

01:34:11.840 --> 01:34:15.757
आपको पता कभी-कभी उससे
मूड बिगड़ भी जाता है।

01:34:15.840 --> 01:34:20.477
तो तो मुझे याद नहीं है
ये कौन था एरिस्टोटल या

01:34:20.560 --> 01:34:21.997
प्लेटो

01:34:22.080 --> 01:34:25.517
इज्जत और आपसी प्रशंसा के आधार पर उनका

01:34:25.600 --> 01:34:28.317
दोस्त चुनने का एक अलग ही तरीका था लेकिन

01:34:28.400 --> 01:34:31.757
लोग ऐसे दोस्त नहीं चुनते अ

01:34:31.840 --> 01:34:36.637
जैसे मैं भी मुझे लगता है कि मैं

01:34:36.720 --> 01:34:39.197
ऐसे लोगों को

01:34:39.280 --> 01:34:41.917
अपना

01:34:42.000 --> 01:34:44.957
दोस्त चुनता हूं जिन जिनकी

01:34:45.040 --> 01:34:49.597
बातें और उनकी सोच मुझसे
मेल खाए हैं। मैं ऐसे

01:34:49.680 --> 01:34:53.837
अलग इंसान को अपना दोस्त नहीं चुनूंगा
जिसकी सोच मुझसे ना मिलती हो क्योंकि फिर

01:34:53.920 --> 01:34:58.397
मैं तंग आ जाऊंगा। उससे बात करने में मजा
नहीं आएगा। क्या आप ऐसे हैं? क्या आप ऐसे

01:34:58.480 --> 01:35:02.077
लोगों को दोस्त बनाते हैं जो आपकी तरह
सोचते हैं या फिर विपरीत सोच रखने वाले

01:35:02.160 --> 01:35:03.357
पसंद है आपको?

01:35:03.440 --> 01:35:09.677
मतलब देखो मैं वैसा नहीं हूं कि
मैं फ्रंट हंटर फ्रंट पर जाकर [हंसी]

01:35:09.760 --> 01:35:14.197
मतलब मतलब ऐसा बिल्कुल नहीं है।

01:35:14.280 --> 01:35:15.437
[हंसी]

01:35:15.520 --> 01:35:18.957
मतलब मुझे मुझे लगता है कि वो एक तरह से

01:35:19.040 --> 01:35:22.317
वही लोग होते हैं जिनसे आप जज्बाती तौर पर

01:35:22.400 --> 01:35:26.877
जुड़ पाते हैं और जिनसे सोच मिलती है और

01:35:26.960 --> 01:35:29.757
हां और

01:35:29.840 --> 01:35:32.797
मुझे मुझे लगता है कि एक दोस्त वही है जो

01:35:32.880 --> 01:35:36.237
शायद मुश्किल वक्त में आपके साथ खड़ा रहे।

01:35:36.320 --> 01:35:39.197
जो दोस्त काम आए वही असली दोस्त है। अगर

01:35:39.280 --> 01:35:42.397
अगर आपके हालात अच्छे ना हो और तब भी कोई

01:35:42.480 --> 01:35:48.280
आपका साथ दे तो वही दोस्त है। और अगर कोई

01:35:48.400 --> 01:35:53.357
आपका साथ ना दे या फिर अगर कोई बस मतलब
सिर्फ अच्छे वक्त में खड़े रहने वाले

01:35:53.440 --> 01:35:55.117
दोस्त बेकार है। वो वो सच्चे दोस्त नहीं

01:35:55.200 --> 01:36:00.797
है। तो अच्छे हालात में तो सब आपको पसंद
करेंगे। लेकिन मुश्किल हालात में कौन खड़ा

01:36:00.880 --> 01:36:03.917
रहता है? लेकिन इतनी
कामयाबी के बाद भी क्या आपको

01:36:04.000 --> 01:36:05.437
इससे फर्क पड़ेगा?

01:36:05.520 --> 01:36:09.037
मतलब निर्भर करता है।

01:36:09.120 --> 01:36:15.080
मतलब सिर्फ हालात की बात नहीं है। ऐसा है कि

01:36:17.520 --> 01:36:20.477
एक तरह का

01:36:20.560 --> 01:36:23.997
लोकप्रियता बढ़ती घटती रहती है।

01:36:24.080 --> 01:36:29.080
ये दिलचस्प है। क्या ये संतुलन सिर्फ

01:36:29.600 --> 01:36:32.077
कामयाबी के पैमाने पर निर्भर करता है या

01:36:32.160 --> 01:36:33.677
फिर

01:36:33.760 --> 01:36:36.717
सत्ता से निकटता का भी इस पर असर होता है?

01:36:36.800 --> 01:36:41.240
किस चीज का असर ज्यादा होता है?

01:36:42.240 --> 01:36:45.240
अ

01:36:48.000 --> 01:36:51.917
मुझे नहीं पता कि ताकत क्या
होती है। क्या करने की ताकत।

01:36:52.000 --> 01:36:54.157
मैं मैं पारंपरिक तरीके से सोच रहा हूं।

01:36:54.240 --> 01:36:55.917
निर्वाचित ताकत।

01:36:56.000 --> 01:37:01.357
मतलब कितने गीगावाट या ऐसा कुछ? [हंसी]

01:37:01.440 --> 01:37:06.957
मतलब कितने वोल्ट का होगा?
मतलब वोल्ट और एंपियर की बात। [हंसी]

01:37:07.040 --> 01:37:11.000
तार को हाथ मत लगाओ।

01:37:11.360 --> 01:37:15.517
पावर आउटलेट में कांटा ना डालें। [हंसी]

01:37:15.600 --> 01:37:20.760
और अगर वैसा किया तो असली
ताकत का पता चलेगा। [हंसी]

01:37:23.920 --> 01:37:27.310
ठीक है। [हंसी]

01:37:30.000 --> 01:37:34.510
बहुत ही स्वाभाविक बात हो गया। [हंसी]

01:37:39.040 --> 01:37:41.060
[हंसी]

01:37:41.760 --> 01:37:46.557
अ मुझे पता है कि आपको नीड
और शॉपिंग हावर पसंद है।

01:37:46.640 --> 01:37:51.837
हां मैंने किताबें पढ़ी है
मतलब आपने बताया था कि आपका बचपन

01:37:51.920 --> 01:37:55.277
अ हां जब मैं अपने अस्तित्व को लेकर संकट

01:37:55.360 --> 01:37:59.597
में था तब मैंने जिंदगी का मायने समझने की
कोशिश की थी और तब मैं शायद 12 या 13 साल

01:37:59.680 --> 01:38:00.077
का था।

01:38:00.160 --> 01:38:04.157
वो ताकत की इच्छा की बात करते हैं।

01:38:04.240 --> 01:38:06.637
अ

01:38:06.720 --> 01:38:09.037
नीचे ने बहुत सी विवादस्पद बातें कही थी

01:38:09.120 --> 01:38:12.717
तो वो एक तरह वो एक तरह से वो एक हद तक

01:38:12.800 --> 01:38:14.877
थोड़ा ट्रोल करते थे। हां

01:38:14.960 --> 01:38:17.757
क्या [हंसी] आप ट्रोल करते हैं?

01:38:17.840 --> 01:38:21.837
वो लोगों को भड़काने के लिए
आपत्तिजनक बातें करते थे।

01:38:21.920 --> 01:38:24.637
उनका बड़ा दुखी जीवन था और
वो जल्दी गुजर गए थे। सच में?

01:38:24.720 --> 01:38:27.197
हां। कौन कहता है उनका बड़ा दुखद जीवन था।

01:38:27.280 --> 01:38:32.760
शायद उनकी बहन शायद वो
पसंद नहीं करती [हंसी] थी।

01:38:33.200 --> 01:38:35.837
नहीं शायद वो बीमार होकर गुजरे
थे। उन्हें कोई बीमारी हुई थी।

01:38:35.920 --> 01:38:40.670
कहता है कि सफले से ऐसा
कुछ हुआ है। हां। [हंसी]

01:38:41.200 --> 01:38:45.910
पर ये बीमारी एक तरह से ही होती है। [हंसी]

01:38:47.120 --> 01:38:52.460
तो शायद उन्होंने थोड़े बहुत
मजे भी किए होंगे। [हंसी]

01:38:54.080 --> 01:38:57.197
मुझे आपसे एक बात पूछना था।

01:38:57.280 --> 01:39:03.590
मिल्टन फ्रीडम पेंसिल की बात
करते हैं। क्या? क्यों? [हंसी]

01:39:05.920 --> 01:39:08.797
वो पेंसिल्स की बात क्यों करते थे? [हंसी]

01:39:08.880 --> 01:39:12.877
नीचे और सिबलिस के बाद ये कहना पड़ता है।

01:39:12.960 --> 01:39:15.677
मतलब मिल्टन [हंसी] मिल्टन फीमेल पेंसिल्स

01:39:15.760 --> 01:39:17.997
की बात क्यों करते थे? पेंसिल की बात लेकर

01:39:18.080 --> 01:39:21.117
फिर से बैठ गए। [हंसी]

01:39:21.200 --> 01:39:25.517
वो रुकता ही नहीं। सच में अगर वो मैंने एक

01:39:25.600 --> 01:39:31.840
और बार पेंसिल की बात सुन ली।
[हंसी] तो दिमाग खराब हो जाएगा।

01:39:32.960 --> 01:39:37.650
दिन भर बस पेंसिलों की
बातें करते हैं। [हंसी]

01:39:40.870 --> 01:39:45.560
[हंसी] क्रेयल्स का जिक्र कभी नहीं किया।

01:39:46.110 --> 01:39:48.477
[हंसी] मुझे उनकी पेंसिल
वाली बात में जो चीज

01:39:48.560 --> 01:39:54.030
दिलचस्प लगती है, [हंसी]

01:39:54.240 --> 01:39:58.957
पेंसिल बनाना बहुत मुश्किल है। एक जगह पर
जरा सोचिए पेंसिल बनाने के लिए क्या-क्या

01:39:59.040 --> 01:40:02.637
करना पड़ता है। जैसे शीशा एक
देश से आता है। लकड़ी दूसरे

01:40:02.720 --> 01:40:04.957
देश से आती है। रबर एक देश से आता है।

01:40:05.040 --> 01:40:09.597
आप हमेशा से टेरिफ्स के खिलाफ थे। लेकिन

01:40:09.680 --> 01:40:11.677
मतलब शायद आमतौर पर बिना शुल्क वाला

01:40:11.760 --> 01:40:14.237
व्यापार अच्छा होता है।

01:40:14.320 --> 01:40:17.357
ज्यादा सफल होता है। अह टेरिफ से बाजार

01:40:17.440 --> 01:40:21.437
में गड़बड़ी पैदा होती है।

01:40:21.520 --> 01:40:24.717
और आमतौर पर आप किसी भी चीज के बारे में

01:40:24.800 --> 01:40:29.357
सोचिए। जैसे कि क्या आप चाहेंगे कि
व्यक्तिगत स्तर पर आप में और बाकियों में

01:40:29.440 --> 01:40:33.437
टेरिफ हो? उससे जीवन में और मुश्किलें
आएंगी। क्या आप चाहेंगे कि शहरों के बीच

01:40:33.520 --> 01:40:35.757
टेरिफ्स हो? नहीं उससे और मुश्किलें

01:40:35.840 --> 01:40:37.997
बढ़ेंगी। क्या आप चाहेंगे कि अमेरिका के

01:40:38.080 --> 01:40:40.477
हर राज्य के बीच में टेरिफ हो? नहीं। उससे

01:40:40.560 --> 01:40:45.357
अर्थव्यवस्था और बिगड़ जाएगी। तो
फिर आप देशों के बीच में टैरिफ क्यों

01:40:45.440 --> 01:40:49.437
चाहते हैं? मैं सहमत हूं।

01:40:49.520 --> 01:40:54.397
आपको क्या लगता [हंसी] है?
आपको क्या लगता है कि इसका क्या अंजाम होगा?

01:40:54.480 --> 01:40:56.397
टेरिफ का या किस चीज का?

01:40:56.480 --> 01:40:59.597
हां। मतलब

01:40:59.680 --> 01:41:01.437
राष्ट्रपति ने कह दिया कि उन्हें टेरिफ्स

01:41:01.520 --> 01:41:07.517
पसंद है। मैंने उनकी सोच बदलने
की कोशिश की पर मैं नाकाम रहा।

01:41:07.600 --> 01:41:10.797
हां। ओके। हां।

01:41:10.880 --> 01:41:15.517
कारोबार और राजनीति का आपसी रिश्ता

01:41:15.600 --> 01:41:17.357
मैं इस बारे में किसी से बात कर रहा था और

01:41:17.440 --> 01:41:21.677
हम सोच रहे थे वो कौन सा आखिरी पिछले कुछ

01:41:21.760 --> 01:41:25.117
दशकों में ऐसे कितने बड़े सच में बड़े

01:41:25.200 --> 01:41:28.077
लाभदायक कारोबार रहे हैं जो राजनीतिक

01:41:28.160 --> 01:41:32.317
सहायता के बिना खड़े हुए हैं और

01:41:32.400 --> 01:41:35.917
अच्छा मुझे नहीं पता शायद बहुत सारे पता

01:41:36.000 --> 01:41:38.557
नहीं हर चीज में राजनीति नहीं चाहिए

01:41:38.640 --> 01:41:44.070
एक खास पैमाने पर पहुंच जाओ।
राजनीति अपने आप आ जाएगी। [हंसी]

01:41:45.680 --> 01:41:51.757
बड़े दुख की बात है। मैं पढ़ रहा [हंसी] था।
अब मैं माइकल एंजेलो की एक किताब पढ़ रहा था

01:41:51.840 --> 01:41:55.860
और द टीनएज म्यूटेंट। [हंसी]

01:41:56.080 --> 01:41:59.677
मैं उसे बचपन में बहुत
देखा था। मुझे बहुत पसंद था।

01:41:59.760 --> 01:42:02.077
हां मुझे बहुत पसंद है। माइकल एंजेलो,

01:42:02.160 --> 01:42:06.157
लनाडो, प्रोफाइल और चौथा कौन था? डोनटलो

01:42:06.240 --> 01:42:09.757
हां। यह वो मूर्तिकार कलाकार के बारे में कह

01:42:09.840 --> 01:42:12.797
रहा हूं मैं। [हंसी]

01:42:12.880 --> 01:42:15.677
और जब वो डेविड की मूर्ति बना रहे थे, एक

01:42:15.760 --> 01:42:20.477
राजनेता उनके पास आता है और कहता है कि
उनकी नाक बड़ी है। तो पता है माइकल एंजलो

01:42:20.560 --> 01:42:24.680
ने क्या किया? संपूर्ण ताकत। [हंसी]

01:42:26.000 --> 01:42:29.837
तो माइकल एंजेलो ने अपने चबूतरे से काम
करने का ढोंग किया और नीचे थोड़ी मिट्टी

01:42:29.920 --> 01:42:32.237
गिराई। लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बदला और

01:42:32.320 --> 01:42:35.117
उन्होंने कहा अच्छा हो गया। और वो राजनेता

01:42:35.200 --> 01:42:41.640
खुशी-खुशी चला गया। क्या आप भी
राजनेताओं को इसी तरह संभालते हैं?

01:42:42.800 --> 01:42:45.037
मैंने आमतौर पर देखा है कि जब मैं राजनीति

01:42:45.120 --> 01:42:50.880
से जुड़ता हूं तो अंजाम
बुरा ही होता है। [हंसी]

01:42:52.880 --> 01:42:56.157
तो फिर मुझे लगता है शायद

01:42:56.240 --> 01:43:00.797
मुझे यह नहीं करना चाहिए। मुझे यह
कम करना चाहिए। यही मेरा निर्णय है।

01:43:00.880 --> 01:43:06.680
यह सभी कारोबारियों पर
लागू होती है। हां शायद। हां

01:43:07.280 --> 01:43:11.037
हां मतलब राजनीति खून खराबे वाला खेल है।

01:43:11.120 --> 01:43:13.197
ऐसा है कि अगर आप राजनीति में घुसे तो वो

01:43:13.280 --> 01:43:17.277
आप पर हावी जरूर होंगे। इसीलिए

01:43:17.360 --> 01:43:21.117
जहां तक हो सके राजनीति
से दूर रहना मुनासिब है।

01:43:21.200 --> 01:43:24.637
अगर आपने डोज से कुछ सीखा
है तो वो एक चीज क्या है?

01:43:24.720 --> 01:43:27.437
वो एक बड़ा ही दिलचस्प अतिरिक्त काम था

01:43:27.520 --> 01:43:30.717
क्योंकि मुझे सरकार के अंदरूनी कामकाज के

01:43:30.800 --> 01:43:33.917
बारे में बहुत कुछ जानने को मिला।

01:43:34.000 --> 01:43:35.917
और

01:43:36.000 --> 01:43:40.157
बहुत सी कुशलताएं रही हैं। मतलब कुछ तो

01:43:40.240 --> 01:43:43.117
बहुत ही मामूली कुशलताएं हैं। जैसे फेडरल

01:43:43.200 --> 01:43:46.637
खर्चों के लिए आवश्यक चीजें जोड़ना कि हर

01:43:46.720 --> 01:43:49.917
खर्चे का एक तय सम्मेलन संबंधी खर्चा कोड

01:43:50.000 --> 01:43:52.717
होना चाहिए और टिप्पणी लिखने की जगह पर

01:43:52.800 --> 01:43:55.757
कुछ ऐसा लिखें जो कुछ नहीं से ज्यादा हो।

01:43:55.840 --> 01:44:00.317
यह बदलाव जो बहुत ही छोटा लगता है। मुझे

01:44:00.400 --> 01:44:02.557
लगता है कि इससे

01:44:02.640 --> 01:44:04.717
हर साल 100 बिलियन या 200 बिलियन डॉलर्स

01:44:04.800 --> 01:44:07.997
तक बचत होगी। क्योंकि एक बड़ी संख्या वाले

01:44:08.080 --> 01:44:12.237
ऐसे खर्चे थे जो बाहर जा रहे थे जिनका
कोई सम्मेलन संबंधी खर्चा कोड नहीं था और

01:44:12.320 --> 01:44:16.317
टिप्पणी वाली जगह खाली थी जिसकी वजह से
खर्चों का ऑडिट करना नामुमकिन हो जाता है।

01:44:16.400 --> 01:44:20.797
तो अगर आप कहें कि अह डिफेंस डिपार्टमेंट
क्यों अभी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर नाम है। वह

01:44:20.880 --> 01:44:22.637
ऑडिट पास क्यों नहीं कर सकता? वो इसलिए कि

01:44:22.720 --> 01:44:26.477
जानकारी ही नहीं है। वहां पर दिक्कत

01:44:26.560 --> 01:44:28.157
दिक्कत ये है कि ऑडिट पास करने के लिए जो

01:44:28.240 --> 01:44:31.997
जानकारी चाहिए वो है ही नहीं। इसलिए

01:44:32.080 --> 01:44:33.837
डोज में कुछ-कुछ बातें बहुत ही साधारण

01:44:33.920 --> 01:44:37.757
बुद्धि की थी। ऐसी ये बातें जो किसी

01:44:37.840 --> 01:44:40.157
संस्था के लिए आम होती है जो आर्थिक

01:44:40.240 --> 01:44:46.477
जिम्मेदारी को अहमियत देती है।
मूल रूप से वही किया गया था।

01:44:46.560 --> 01:44:49.917
और वैसे वो काम अभी भी चल रहा है। डोज का

01:44:50.000 --> 01:44:52.557
काम अब भी चल रहा है। पर ऐसा है कि जब आप

01:44:52.640 --> 01:44:56.237
धोखाधड़ी और बेकार के खर्चों पर रोक लगाते

01:44:56.320 --> 01:44:59.917
हैं। धोखा करने वाले उस

01:45:00.000 --> 01:45:03.917
चीज को स्वीकार नहीं करते। वो दरअसल इस

01:45:04.000 --> 01:45:06.477
तरह बकवास करने लगते हैं कि आप जरूरतमंद

01:45:06.560 --> 01:45:09.677
लोगों के जरूरी खर्चे रोक रहे हैं।

01:45:09.760 --> 01:45:12.477
पर असल में ऐसा नहीं है।

01:45:12.560 --> 01:45:16.637
अक्सर लोग हमसे कहते हैं ओ आपको ये चीज इस

01:45:16.720 --> 01:45:21.437
काम के लिए भेजनी होगी। वो वो कहेंगे कि
यह अफ्रीका के बच्चों के लिए है। तो फिर

01:45:21.520 --> 01:45:23.357
पैसे भेजने के निर्देश वाशिंगटन डीसी में

01:45:23.440 --> 01:45:29.390
डेलॉयट एंड टश के लिए क्यों है?
क्योंकि वो अफ्रीका नहीं है। [हंसी]

01:45:30.320 --> 01:45:32.877
तो हमारी बात अफ्रीका में उन लोगों से

01:45:32.960 --> 01:45:34.077
करवाओ जिन्हें

01:45:34.160 --> 01:45:37.837
पैसा भेजा जा रहा है। और फिर वो चुप हो

01:45:37.920 --> 01:45:40.797
जाते हैं। अच्छा ओके।

01:45:40.880 --> 01:45:43.277
हमें बस उनसे बात करनी है जिन्हें यह पैसा

01:45:43.360 --> 01:45:45.917
भेजा जा रहा है। बस तो फिर वह कहते हैं कि

01:45:46.000 --> 01:45:50.557
अरे नहीं किसी वजह से हम उनसे बात नहीं कर
सकते हैं। हम तब तक पैसा नहीं भेजेंगे जब

01:45:50.640 --> 01:45:52.477
तक हमारी बात उनसे ना हो जिन्हें यह पैसा

01:45:52.560 --> 01:45:55.437
भेजा जा रहा है।

01:45:55.520 --> 01:45:59.917
पर वो वो तो वो

01:46:00.000 --> 01:46:06.397
तो तो धोखेबाज लोग जरूर बहुत ही अह

01:46:06.480 --> 01:46:10.637
हमदर्दी वाला तर्क अपनाएंगे। वो ऐसा
नहीं कहेंगे कि हमें धोखाधड़ी के लिए पैसा

01:46:10.720 --> 01:46:14.877
चाहिए। जाहिर है वो ऐसा नहीं कहेंगे। है ना?
वो हमदर्दी लगने वाले तर्क बताने की

01:46:14.960 --> 01:46:20.997
कोशिश करेंगे जो कि झूठ है। वो एक
एनजीओ खोलेंगे और फिर हां वो एनजीओ

01:46:21.080 --> 01:46:23.997
[हंसी] उसका नाम होगा
बीबी पांडा को बचाओ एनजीओ।

01:46:24.080 --> 01:46:27.837
फिर लगेगा कि पांडा को कौन नहीं बचाना
चाहेगा। वो बड़े प्यारे होते हैं। [हंसी]

01:46:27.920 --> 01:46:29.597
फिर पता चलेगा कि यहां पांडा को नहीं

01:46:29.680 --> 01:46:33.117
बचाया जा रहा है। यह तो बस ऐसे लोगों को

01:46:33.200 --> 01:46:37.597
भेजा जा रहा है जो ये
वास्तव में भ्रष्टाचार है।

01:46:37.680 --> 01:46:41.307
और आप कहते हैं तो आप हमें पंडा की तस्वीर
भेज सकते हैं क्या? तो वो कहेंगे नहीं।

01:46:41.390 --> 01:46:45.117
[हंसी] तो हमें कैसे पता कि
पंडा के लिए है। सही कहा है।

01:46:45.200 --> 01:46:46.877
तो मैं यही कह रहा हूं। तो

01:46:46.960 --> 01:46:50.157
परोपकार के बारे में आपकी क्या राय है?

01:46:50.240 --> 01:46:53.117
मुझे लगता है कि हमें मतलब मैं मानवता के

01:46:53.200 --> 01:46:55.597
प्रति प्यार के हक में हूं और मुझे लगता

01:46:55.680 --> 01:46:58.557
है कि हमें ऐसे काम करने चाहिए जिससे

01:46:58.640 --> 01:47:01.277
दूसरे इंसानों की मदद हो। हम

01:47:01.360 --> 01:47:03.597
पर वो वो बहुत मुश्किल है। अगर आप अच्छाई

01:47:03.680 --> 01:47:06.157
की असलियत की परवाह करते हैं ना सिर्फ

01:47:06.240 --> 01:47:09.917
उसकी समझ की तो भले काम के लिए पैसा देना

01:47:10.000 --> 01:47:12.957
बहुत मुश्किल है। तो हां मेरी एक बड़ी

01:47:13.040 --> 01:47:14.477
संस्था है लेकिन मैं अपना नाम उससे नहीं

01:47:14.560 --> 01:47:17.997
जोड़ता और मैं नहीं चाहता कि मैं अपना नाम

01:47:18.080 --> 01:47:22.717
किसी भी चीज से जोड़ूं। लेकिन
अपनी बड़ी संस्था को लेकर सबसे बड़ी

01:47:22.800 --> 01:47:27.597
चुनौती ये है कि उस तरह से पैसे बांटूं
जिससे वाकई में लोगों का भला हो। अच्छाई

01:47:27.680 --> 01:47:29.677
का दिखावा करने के लिए पैसा देना बड़ा

01:47:29.760 --> 01:47:31.917
आसान है। अच्छाई की वास्तविकता के लिए

01:47:32.000 --> 01:47:38.760
पैसा देना बहुत मुश्किल बहुत मुश्किल है।

01:47:39.520 --> 01:47:45.597
काफी समय तक यूएस में बहुत से अप्रवासी थे।
वास्तव में कई बुद्धिमान लोग देश में आए।

01:47:45.680 --> 01:47:48.877
हां। यहां इंडिया में
हमने उसे ब्रेन ड्रेन का

01:47:48.960 --> 01:47:51.997
नाम दिया। पश्चिमी कंपनियों के सीईओस जो

01:47:52.080 --> 01:47:55.197
मूल रूप से भारतीय हैं।

01:47:55.280 --> 01:48:00.477
हां। तो मुझे लगता है कि अमेरिका को वहां
गए प्रतिभाशाली भारतीयों से काफी फायदा

01:48:00.560 --> 01:48:04.630
हुआ। लेकिन अब इसमें बदलाव आ रहा है। [हंसी]

01:48:04.960 --> 01:48:08.077
हां मतलब हां अमेरिका भारत के टैलेंट का

01:48:08.160 --> 01:48:09.997
बहुत फायदा उठा रहा है।

01:48:10.080 --> 01:48:14.077
हां तो फिर हाल ही में इस नजरिए में बदलाव

01:48:14.160 --> 01:48:18.797
क्यों आया है? और एक हद तक अमेरिका
इमीग्रेशन के खिलाफ क्यों हो गया है? मतलब

01:48:18.880 --> 01:48:24.640
कुछ दिन पहले मैं इमीग्रेशन से गुजर रहा
था और मुझे डर था कि वो मुझे रोकेंगे।

01:48:24.800 --> 01:48:27.677
मुझे लगता है कि इस बारे में लोग अलग-अलग

01:48:27.760 --> 01:48:30.877
सोचते हैं। सब एक जैसा नहीं सोचते। लेकिन

01:48:30.960 --> 01:48:33.357
बाइडन के प्रशासन के दौरान सबको आने की

01:48:33.440 --> 01:48:35.677
खुली छूट थी। सीमा पर कोई नियंत्रण नहीं

01:48:35.760 --> 01:48:37.917
था। तो अगर आपका सीमा पर नियंत्रण ना हो

01:48:38.000 --> 01:48:41.597
तो फिर आपका देश नहीं है। अह तो बाइडन के

01:48:41.680 --> 01:48:43.197
प्रशासन के दौरान भारी संख्या में

01:48:43.280 --> 01:48:46.077
गैर-कानूनी अप्रवासी घुस आए थे। अम् और

01:48:46.160 --> 01:48:49.437
उसका चुनाव पर अह अह सच कहूं तो एक बहुत

01:48:49.520 --> 01:48:53.197
बुरा असर भी हुआ। अह तो

01:48:53.280 --> 01:48:55.917
अगर गैरकानूनी रूप से यूएस आने का और

01:48:56.000 --> 01:48:58.477
सरकार के सभी फायदा उठाने का भारी मात्रा

01:48:58.560 --> 01:49:03.037
में आर्थिक प्रोत्साहन हो तो

01:49:03.120 --> 01:49:06.237
फिर होगा ये कि यूएस में आने वाले लोगों

01:49:06.320 --> 01:49:08.477
पर कोई रोक नहीं रह जाएगी। यह प्रोत्साहन

01:49:08.560 --> 01:49:13.197
देने का एक तरीका है। तो इसलिए

01:49:13.280 --> 01:49:15.277
इसलिए मुझे लगता है कि इसका कोई मतलब नहीं

01:49:15.360 --> 01:49:17.757
था। सीमा पर नियंत्रण होना जरूरी है। ऐसा

01:49:17.840 --> 01:49:20.397
ना करना बहुत अजीब बात है।

01:49:20.480 --> 01:49:23.357
फिर वो लेफ्ट विंग वाले चाहते हैं कि सीमा

01:49:23.440 --> 01:49:28.077
पर कोई रोक ना हो और किसी को रोका ना जाए।
इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसकी

01:49:28.160 --> 01:49:29.757
स्थिति क्या है। वो अपराधी हो सकता है।

01:49:29.840 --> 01:49:32.317
उससे फर्क नहीं पड़ता।

01:49:32.400 --> 01:49:37.000
फिर फिर राइट विंग वालों की

01:49:37.120 --> 01:49:40.397
ये सोच है कि किसी वजह से दूसरे देशों से

01:49:40.480 --> 01:49:43.037
प्रतिभाशाली लोग आकर उनकी नौकरियां छीन

01:49:43.120 --> 01:49:45.037
रहे हैं।

01:49:45.120 --> 01:49:49.037
पता नहीं ये किस हद तक सच है।

01:49:49.120 --> 01:49:51.597
मेरा नजरिया यही बताता है कि प्रतिभाशाली

01:49:51.680 --> 01:49:55.997
लोगों की हमेशा कमी होती है। इसलिए मेरे

01:49:56.080 --> 01:49:59.837
मेरे नजरिए से मुझे लगता है इन
मुश्किल काम के लिए पर्याप्त मात्रा में

01:49:59.920 --> 01:50:01.517
प्रतिभाशाली लोगों को ढूंढना हमारे लिए

01:50:01.600 --> 01:50:04.157
बहुत मुश्किल है। इसलिए और प्रतिभाशाली

01:50:04.240 --> 01:50:07.517
लोगों को ढूंढना अच्छा है।

01:50:07.600 --> 01:50:10.877
पर मुझे लगता है कि कुछ कंपनियां वो खर्चे

01:50:10.960 --> 01:50:14.477
की बात कर रही है जहां अगर वो ऐसे किसी को

01:50:14.560 --> 01:50:17.597
काम पर रखते हैं जिसे एक अमेरिकन नागरिक

01:50:17.680 --> 01:50:19.757
के मुकाबले में काफी कम कीमत पर रखा जा

01:50:19.840 --> 01:50:22.237
सकता है। तो फिर ऐसी दूसरी कंपनियां खर्चा

01:50:22.320 --> 01:50:25.597
बचाने के लिए अह लोगों को काम पर रखेंगी।

01:50:25.680 --> 01:50:28.237
पर मेरी कंपनियों में बात यह है कि हम

01:50:28.320 --> 01:50:30.397
दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली लोगों को लाने

01:50:30.480 --> 01:50:34.317
की कोशिश कर रहे हैं और हम हम औसत से कई

01:50:34.400 --> 01:50:37.197
ज्यादा तनख्वाह देते हैं। तो पता नहीं

01:50:37.280 --> 01:50:40.077
मेरा इसमें कोई अनुभव नहीं है। पर बहुत से

01:50:40.160 --> 01:50:43.117
लोग यही शिकायत करते रहते हैं।

01:50:43.200 --> 01:50:46.717
मुझे लगता है कि H1B प्रोग्राम का कुछ हद

01:50:46.800 --> 01:50:49.757
तक बहुत गलत इस्तेमाल हुआ है। वो वो वो

01:50:49.840 --> 01:50:53.117
बिल्कुल ये कहना सही होगा कि आउटसोर्स

01:50:53.200 --> 01:50:55.197
करने वाली कुछ कंपनियों ने एच वन बी के

01:50:55.280 --> 01:50:58.637
बारे में अ कुछ हेरफेर किया है और हमें इस

01:50:58.720 --> 01:51:04.797
व्यवस्था में हेरफेर को रोकना होगा लेकिन

01:51:04.880 --> 01:51:07.517
मेरी मेरी यह सोच बिल्कुल नहीं है कि हमें

01:51:07.600 --> 01:51:12.557
एच वन बी प्रोग्राम एकदम बंद कर देना
चाहिए। राइट विंग वालों को ऐसा लगता है।

01:51:12.640 --> 01:51:14.477
शायद उन्हें यह नहीं पता कि ऐसा करना बहुत

01:51:14.560 --> 01:51:17.197
बुरा होगा।

01:51:17.280 --> 01:51:20.237
अगर आप मेरे देश इंडिया के लोगों से कुछ

01:51:20.320 --> 01:51:24.317
कहते युवा व्यवसाय जो कारोबार खड़ा करना

01:51:24.400 --> 01:51:29.480
चाहते हैं उन्हें आप
क्या संदेश देना चाहेंगे?

01:51:29.680 --> 01:51:33.517
मुझे लगता है मैं हर उस इंसान को

01:51:33.600 --> 01:51:35.597
बहुत पसंद करता हूं जो कुछ बनाना चाहता

01:51:35.680 --> 01:51:40.157
है। तो जो कोई भी चाहता है

01:51:40.240 --> 01:51:42.717
कि अपने खर्चों से बढ़कर कमाई करें तो मैं

01:51:42.800 --> 01:51:46.477
उसकी इज्जत करता हूं। तो इसी बात को

01:51:46.560 --> 01:51:49.037
लक्ष्य मानकर चलो। अपने खर्चों से बढ़कर

01:51:49.120 --> 01:51:51.517
कमाई करो।

01:51:51.600 --> 01:51:58.520
मेरा मतलब है कि समाज को अपना योगदान दो।

01:51:59.600 --> 01:52:02.477
और यह एक तरह से खुशी को तलाशना है। अगर

01:52:02.560 --> 01:52:05.597
आप आर्थिक रूप से कोई महत्वपूर्ण चीज

01:52:05.680 --> 01:52:08.317
बनाना चाहते हैं तो तो आप उसके पीछे नहीं

01:52:08.400 --> 01:52:11.197
जाते। महत्वपूर्ण सामान और सेवाएं देने की

01:52:11.280 --> 01:52:14.877
कोशिश करना ज्यादा सही है। और अगर आप ऐसा

01:52:14.960 --> 01:52:19.117
करें तो पैसा खुद ब खुद आएगा बजाय इसके कि

01:52:19.200 --> 01:52:23.677
आपको पैसों के पीछे भागना पड़े। जैसा
आप सीधा खुशी हासिल नहीं कर सकते। आप उन

01:52:23.760 --> 01:52:27.917
चीजों को हासिल कीजिए जिनसे
खुशी मिले। पर सीधे-सीधे

01:52:28.000 --> 01:52:30.317
खुशी हासिल नहीं की जा सकती। आप वैसा कुछ

01:52:30.400 --> 01:52:33.917
करते हैं जैसे अह कोई काम जिससे आपको

01:52:34.000 --> 01:52:36.877
तसल्ली मिले या फिर पढ़ाई या दोस्त चाहने

01:52:36.960 --> 01:52:39.197
वाले

01:52:39.280 --> 01:52:43.277
उन सब की वजह से आपको खुशी मिलती है। तो

01:52:43.360 --> 01:52:48.440
यह जाहिर सी बात है लगती है कि

01:52:48.720 --> 01:52:50.717
अगर कोई एक कंपनी चलाने की कोशिश कर रहा

01:52:50.800 --> 01:52:52.877
है तो उसे कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार

01:52:52.960 --> 01:52:55.757
रहना चाहिए। सिवाय इसके कि नाकाम होने की

01:52:55.840 --> 01:52:59.917
थोड़ी बहुत संभावना होती है।

01:53:00.000 --> 01:53:04.317
ध्यान दें कि जो डाला उसके मुकाबले में जो

01:53:04.400 --> 01:53:07.757
बनकर तैयार हुआ है वह ज्यादा कीमती है।

01:53:07.840 --> 01:53:11.517
क्या आप कुछ महत्वपूर्ण बना सकते हैं?

01:53:11.600 --> 01:53:15.560
यही मायने रखता है।

01:53:16.480 --> 01:53:18.717
जितना आप लेते हैं उससे कहीं ज्यादा करें।

01:53:18.800 --> 01:53:20.717
मुझे लगता है यह खत्म करने का अच्छा तरीका

01:53:20.800 --> 01:53:24.317
है। लॉरेन खत्म करने को कह रही है।

01:53:24.400 --> 01:53:27.357
और इस खास मौके पर मैं शुक्रिया अदा करना

01:53:27.440 --> 01:53:31.357
चाहूंगा मेरे दोस्त मनोज जो आईजीएफ में है

01:53:31.440 --> 01:53:35.277
वो भारतीयों को जो यहां मौजूद हैं आप जैसे

01:53:35.360 --> 01:53:39.357
लोगों से जुड़ने का बेहतरीन अवसर देते हैं

01:53:39.440 --> 01:53:41.837
ताकि वह

01:53:41.920 --> 01:53:46.637
अन्य चीजों के अलावा एक दूसरे को समझ सके
और दोस्त बन सके ताकि भविष्य में हम साथ

01:53:46.720 --> 01:53:48.797
काम कर सकें।

01:53:48.880 --> 01:53:51.117
इसलिए शुक्रिया मनोज इसका आयोजन करने के

01:53:51.200 --> 01:53:54.477
लिए और शुक्रिया आईजीएफ और शुक्रिया ईलॉन

01:53:54.560 --> 01:53:59.640
हमें समय देने के लिए।
कोई बात नहीं। [संगीत]

01:54:00.400 --> 01:54:04.557
आपको मजा आया या फिर बोरिंग?
काफी दिलचस्प बातें हुई। कभी-कभी लोग इन

01:54:04.640 --> 01:54:07.197
जवाबों का अलग मतलब निकालते हैं। [संगीत]

01:54:07.280 --> 01:54:11.757
पर हमारे बीच अच्छी बातचीत हुई।

01:54:11.840 --> 01:54:14.840
हम्म
